धनतेरस से शुरू होगा पांच दिवसीय दीपोत्सव, रुद्रपुर से उत्तराखंड और देशभर में खरीदारी की रौनक; सोने-चांदी के उतार-चढ़ाव पर भारी त्योहारों का उत्साहहिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स | अवतार सिंह बिष्ट


रुद्रपुर। धनतेरस के साथ ही शुक्रवार 6 नवंबर से पांच दिवसीय दीपोत्सव का शुभारंभ होगा। रुद्रपुर सहित पूरे उत्तराखंड और देशभर में दीपावली पर्व को लेकर उत्साह का माहौल है। बाजारों में सोने-चांदी के आभूषणों, सिक्कों, बर्तनों, इलेक्ट्रॉनिक सामान, सजावटी वस्तुओं, दीपों और पूजन सामग्री की खरीदारी को लेकर ग्राहकों में खास उत्साह देखने को मिल रहा है। सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद त्योहार पर खरीदारी की परंपरा और ग्राहकों की पसंद बरकरार है।
पंचदीप महापर्व का शुभारंभ धनतेरस से होगा और 10 नवंबर तक पांच दिनों तक घरों, बाजारों और धार्मिक स्थलों पर दीपोत्सव की छटा दिखाई देगी। धनतेरस को भगवान धन्वंतरि के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाया जाता है। सनातन परंपरा में इस दिन सोना-चांदी, पीतल के बर्तन, सिक्के, आभूषण और नई वस्तुएं खरीदना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि, मां लक्ष्मी और कुबेर की पूजा करने से घर में आरोग्यता, सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है।

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धनतेरस पर विशेष ज्योतिषीय संयोग
ज्योतिषाचार्य पंडित त्रिलोचन पनेरु के अनुसार भी इस वर्ष धनतेरस पर द्विग्रही योग, हस्त नक्षत्र और प्रदोष का विशेष संयोग बन रहा है। कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि शुक्रवार सुबह 11:08 बजे से प्रारंभ होगी। कन्या राशि में चंद्रमा और शुक्र के संचरण से द्विग्रही योग बनेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस शुभ संयोग में खरीदारी और पूजा-अर्चना करना पुण्यकारी माना गया है।
पूजन और खरीदारी के शुभ मुहूर्त
ज्योतिषाचार्य पंडित त्रिलोचन पनेरु के अनुसार धनतेरस पर गणेश, मां लक्ष्मी और कुबेर की पूजा के लिए स्थिर एवं द्विस्वभाव लग्न को विशेष महत्व दिया गया है।
दोपहर 1:30 से 3:01 बजे तक कुंभ लग्न।
दोपहर 3:02 से शाम 4:30 बजे तक मीन लग्न।
शाम 6:10 से रात 8:06 बजे तक वृष लग्न।
इन मुहूर्तों में खरीदारी और पूजन करना शुभ माना गया है।
क्या खरीदें और किन वस्तुओं से बचें?
ज्योतिष पंडित त्रिलोचन पनेरु के अनुसार समुद्र मंथन से भगवान धन्वंतरि और मां लक्ष्मी के प्राकट्य की मान्यता धनतेरस से जुड़ी हुई है। इस दिन सोने-चांदी के सिक्के, आभूषण, पीतल के बर्तन, देव प्रतिमाएं और झाड़ू खरीदना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार झाड़ू को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है।


रुद्रपुर में धनतेरस पर 200 करोड़ के कारोबार का अनुमान, सोना महंगा फिर भी रिकॉर्ड खरीदारी की उम्मीद; गांधी पार्क मेले में उमड़ी भीड़, मुख्य बाजार की रौनक फीकी
रुद्रपुर। दीपावली के अवसर पर गांधी पार्क (श्रीराम पार्क) में लगे मेले में भारी भीड़ उमड़ रही है। खिलौनों, झूलों, सजावटी सामान और खानपान की दुकानों पर लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा है। वहीं मेले की रौनक के बीच रुद्रपुर के मुख्य बाजार में पूजा-पाठ और दीपावली सामग्री की दुकानों पर अपेक्षाकृत सन्नाटा दिखाई दे रहा है। व्यापारियों का मानना है कि मेले के कारण मुख्य बाजार की रौनक प्रभावित हुई है। हालांकि इलेक्ट्रॉनिक सामान, बर्तन और सोने-चांदी की दुकानों पर जबर्दस्त खरीदारी जारी है। सोने-चांदी की कीमतें ऊंची होने के बावजूद इस बार रुद्रपुर में सोने की रिकॉर्ड खरीदारी का अनुमान है। शादी-विवाह के लिए आभूषण खरीदने वालों का रुझान भी बढ़ा है। इलेक्ट्रॉनिक सामान की खरीदारी कई दिनों से चल रही है। व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय जुनेजा के अनुसार इस बार बाजार में पिछले वर्ष की अपेक्षा अधिक रौनक है। उन्होंने धनतेरस पर करीब 200 करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान जताया। नगर निगम द्वारा दूसरे प्रदेशों के व्यापारियों को भी मेले में दुकानें आवंटित किए जाने से स्थानीय दुकानदारों का कारोबार प्रभावित हुआ है, इसके बावजूद खरीदारों की कमी नहीं है।


वहीं पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार धनतेरस पर लोहे की वस्तुएं, तेल, हल्दी और चने की दाल खरीदने से परहेज करने की सलाह दी जाती है।
राशि के अनुसार खरीदारी की परंपरा
मेष राशि के जातक तांबे के बर्तन, कलश और मूर्तियां खरीद सकते हैं। वृषभ राशि वालों के लिए चांदी के आभूषण शुभ माने गए हैं। मिथुन राशि के जातक चांदी के सिक्के और कांसे के बर्तन ले सकते हैं। कर्क राशि के लिए चांदी के आभूषण, बर्तन और मोती से बनी वस्तुएं शुभ हैं। सिंह राशि के जातक सोने के आभूषण, तांबे के बर्तन और वाहन खरीद सकते हैं।
कन्या राशि के लिए स्टील के बर्तन, वस्त्र और सोने-चांदी के आभूषण, तुला राशि के लिए चांदी के सिक्के और बर्तन, वृश्चिक राशि के लिए तांबे के बर्तन और सोने के सिक्के शुभ माने गए हैं। धनु राशि के लिए सोने के आभूषण, वस्त्र और पुखराज, मकर राशि के लिए चांदी के सिक्के, झाड़ू और इलेक्ट्रॉनिक सामान, कुंभ राशि के लिए चांदी के सिक्के और झाड़ू तथा मीन राशि के लिए सोने की मूर्ति, सिक्का और आभूषण खरीदना शुभ माना गया है।
पांच दिनों तक मनाया जाएगा दीपोत्सव
धनतेरस के बाद हनुमान जन्मोत्सव, दीपावली, गोवर्धन पूजा और भैया दूज के पर्व मनाए जाएंगे। दीपोत्सव के दौरान घरों के मुख्य द्वार, मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। नदियों के तट पर दीपदान की भी विशेष धार्मिक परंपरा है।
रुद्रपुर से लेकर देहरादून, हल्द्वानी, काशीपुर, नैनीताल और उत्तराखंड के अन्य शहरों में दीपावली को लेकर बाजारों में रौनक बढ़ने की उम्मीद है। देशभर में भी यह पर्व धार्मिक आस्था, पारिवारिक मिलन, व्यापारिक गतिविधियों और सामाजिक उल्लास का प्रतीक बनेगा।
धनतेरस का संदेश केवल धन और आभूषणों की खरीदारी तक सीमित नहीं है, बल्कि आरोग्यता, स्वच्छता, समृद्धि और परिवार की खुशहाली से भी जुड़ा है। यही कारण है कि महंगाई और सोने-चांदी की कीमतों में बदलाव के बावजूद दीपोत्सव भारतीय जनजीवन में विशेष स्थान रखता है।
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अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर
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