“साहित्य साधना का गौरवमयी सम्मान – सुनील कुमार ‘खुराना’ को विद्या वाचस्पति उपाधि”

प्रिंट मीडिया, शैल ग्लोबल टाइम्स/ हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स/संपादक उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी, अवतार सिंह बिष्ट रुद्रपुर, (उत्तराखंड)
लखनऊ। साहित्य क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले सुनील कुमार “खुराना” को काशी हिंदी विद्यापीठ द्वारा विद्या वाचस्पति मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें उनकी सुदीर्घ हिंदी सेवा, कला क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियों, शैक्षिक प्रदेयों एवं राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय प्रतिष्ठा के आधार पर प्रदान किया गया।
“अक्षरों की साधना से सम्मान का शिखर” – इस गौरवमयी अवसर पर एस.एस.डी. पब्लिक स्कूल, अलीनगर सुनहरा, लखनऊ में एक विराट कवि सम्मेलन एवं पुस्तक विमोचन समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान वरिष्ठ शायर खालिद हुसैन की पुस्तक “दूर वक्त के साथ चलो” का विमोचन भी हुआ।
कार्यक्रम में सुप्रसिद्ध साहित्यकारों एवं कवियों – सुधीर श्रीवास्तव, शिवकुमार शिव, इंद्र बहादुर भदौरिया, त्रिलोकचंद फतेहपुरी, डॉ. रामानन्द सैनी, लोक गायिका अनीता मिश्रा, मीनाक्षी सिंह, निहारिका गुप्ता, साधना मिश्रा, कृष्ण कुमार मौर्य, ईश्वर चंद्र जायसवाल सहित अनेक रचनाकारों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
सुनील कुमार “खुराना”, जो वर्तमान में प्राथमिक विद्यालय बाधी, नकुड़, सहारनपुर में प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत हैं, उत्तर प्रदेश की निपुण कार्ययोजना में एआरपी (शैक्षिक संसाधन व्यक्ति) के रूप में भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
“सपने साकार होते हैं, जब समर्पण अडिग हो!”
अपने सम्मान पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सुनील कुमार “खुराना” ने कहा, “यह मेरा चार वर्षों का सपना था, जो 23 मार्च 2025 को साकार हुआ।” उनकी इस उपलब्धि पर क्षेत्रवासियों ने हर्ष व्यक्त किया और गर्व महसूस किया।
“साहित्य की सेवा, समाज का गौरव!”
इस प्रतिष्ठित उपाधि से सम्मानित होने पर क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों ने उन्हें बधाई दी, जिनमें कुलदीप सिंह, डॉ. हरिदत्त, श्रीपाल, श्याम सिंह, अमरीश कुमार, देवेंद्र कुमार, राजेंद्र कुमार, नागीनी देवी, बेबी रानी, साक्षी खुराना, डॉक्टर देव, भानु प्रताप सिंह, दिव्या, नैंसी, खुशी, उज्जवल धवल, सुमित, आदित्य, स्वीटी, शुभ आर्य, युग आर्य, रेनू आदि प्रमुख रहे।
“साहित्य के आकाश में नई ऊंचाइयों का उदय!”

