देहरादून में दो बड़ी पुलिस कार्रवाई से हलचल: पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत और सोनिया आनंद पर 35 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप, चेक बाउंस प्रकरण में एसएसपी ने दिए जांच के निर्देश; चेकिंग के दौरान पुलिस पर फायरिंग करने वाले रुड़की के दो बदमाश मुठभेड़ में घायल


देहरादून। राजधानी देहरादून मेंकानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्रवाई से जुड़े दो अलग-अलग मामलों ने चर्चा तेज कर दी है। एक ओर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत और सोनिया आनंद पर भवन की खरीद-फरोख्त के मामले में 35 लाख रुपये का भुगतान नहीं करने और जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाया गया है। दूसरी ओर नयागांव क्षेत्र में देर रात चेकिंग के दौरान पुलिस टीम पर फायरिंग करने वाले रुड़की निवासी दो युवक पुलिस की जवाबी कार्रवाई में घायल हो गए। दोनों मामलों में पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण बनी हुई है। एक मामले में एसएसपी ने जांच के निर्देश दिए हैं, जबकि दूसरे में पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं।

अवतार सिंह बिष्ट,हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स | उत्तराखंड, देश-दुनिया और जन सरोकारों की खबरों पर नजर


35 लाख रुपये के भुगतान को लेकर पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत और सोनिया आनंद पर आरोप
कंडोली निवासी हरिओम सहगल ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत और सोनिया आनंद के खिलाफ भवन की खरीद-फरोख्त से जुड़े विवाद में गंभीर आरोप लगाते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोबाल से शिकायत की है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि भवन बेचने के बावजूद उन्हें तय रकम का भुगतान नहीं किया गया और संपत्ति पर कब्जे को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ है।
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार हरिओम सहगल ने 21 जून 2021 को हरक सिंह रावत और सोनिया आनंद को एक भवन बेचा था। शिकायतकर्ता का कहना है कि भवन के सौदे के एवज में दोनों की ओर से 35-35 लाख रुपये के दो चेक दिए गए थे, लेकिन बाद में दोनों चेक वापस ले लिए गए। इसके बाद 35 लाख रुपये का एक अन्य चेक दिया गया।
हरिओम सहगल के मुताबिक उन्होंने 20 अगस्त 2021 को उक्त चेक बैंक में भुगतान के लिए लगाया, लेकिन चेक बाउंस हो गया। इसके बाद उन्होंने अपने अधिवक्ता के माध्यम से कानूनी नोटिस भेजा। हालांकि, शिकायतकर्ता का आरोप है कि गलत पता होने के कारण नोटिस वापस आ गया और उन्हें भुगतान प्राप्त नहीं हुआ।
शिकायतकर्ता ने बताया कि मामले को लेकर वर्ष 2024 में उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय में वाद दायर किया था, जिसे बाद में देहरादून न्यायालय के लिए स्थानांतरित कर दिया गया। अब उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के समक्ष शिकायत प्रस्तुत कर पूरे प्रकरण में कार्रवाई की मांग की है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने अधीनस्थ पुलिस अधिकारियों को शिकायत की गंभीरता से जांच करने के निर्देश दिए हैं। एसएसपी ने बताया कि शिकायत के आधार पर प्रकरण की जांच की जा रही है।
फिलहाल इस मामले में लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता के पक्ष से सामने आए हैं। पुलिस जांच और न्यायालयीन प्रक्रिया के बाद ही पूरे विवाद की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। संबंधित पक्षों का पक्ष और पुलिस जांच के निष्कर्ष सामने आना भी महत्वपूर्ण होगा।
फर्जी नंबर प्लेट वाली बाइक पर सवार बदमाशों ने पुलिस पर की फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में दोनों घायल
दूसरी घटना में देहरादून के नयागांव क्षेत्र में देर रात पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस के अनुसार फर्जी नंबर प्लेट लगी बाइक पर सवार दो युवक चेकिंग के दौरान पुलिस को देखकर भागने लगे। पुलिस टीम ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन बाइक सवार युवक रुकने के बजाय भूड़पुर की ओर भाग निकले।
एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल के अनुसार नयागांव के पास देर रात पुलिस की ओर से सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान फर्जी नंबर प्लेट लगी बाइक पर दो युवक आते दिखाई दिए। पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने का संकेत दिया, लेकिन बाइक चालक ने चेकिंग प्वाइंट पर वाहन नहीं रोका और तेजी से आगे निकलने लगा।
पुलिस टीम ने संदिग्ध बाइक सवारों का पीछा किया। इसी दौरान आरोप है कि दोनों युवकों ने पुलिस वाहन पर फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग से पुलिस की गाड़ी भी क्षतिग्रस्त हो गई। इसके बाद पुलिस टीम ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों युवक गोली लगने से घायल हो गए।
पुलिस ने दोनों घायलों को तत्काल उपचार के लिए प्रेमनगर स्थित अस्पताल में भर्ती कराया। घायल युवकों की पहचान समीम पुत्र इलियास और शहजाद पुत्र इखलाक, निवासी रुड़की, जनपद हरिद्वार के रूप में हुई है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पहुंचे मौके पर, एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य
घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर घायल आरोपियों से भी पूछताछ की। पुलिस ने घटनास्थल पर फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की टीम को बुलाया, जिसने मौके का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए।
फर्जी नंबर प्लेट वाली बाइक, पुलिस वाहन पर हुई फायरिंग और जवाबी कार्रवाई से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि दोनों युवक किस उद्देश्य से क्षेत्र में घूम रहे थे और उनके पास मौजूद हथियारों तथा वाहन के संबंध में क्या तथ्य सामने आते हैं।
इन दोनों घटनाओं ने देहरादून में एक बार फिर पुलिस और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को चर्चा में ला दिया है। एक तरफ करोड़ों की संपत्ति नहीं, बल्कि 35 लाख रुपये के भुगतान से जुड़े भवन विवाद में पूर्व मंत्री समेत दो लोगों पर शिकायतकर्ता ने गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस चेकिंग के दौरान फायरिंग की घटना ने अपराधियों के दुस्साहस को सामने रखा है।
अब दोनों मामलों में पुलिस जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे। भवन विवाद में शिकायत और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी, जबकि मुठभेड़ के मामले में पुलिस की विवेचना और फॉरेंसिक रिपोर्ट से घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
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