उत्तराखंड में मंगलवार का दिन कई महत्वपूर्ण घटनाओं के नाम रहा। एक ओर लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया, तो दूसरी ओर हत्या, सुरंग हादसे, मदरसों की मान्यता, मतदाता सूची पुनरीक्षण, भाजपा के संगठनात्मक विस्तार, पर्यावरणीय बदलाव और इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग जैसे मुद्दे चर्चा के केंद्र में रहे।
मंगलौर में महिला का शव मिलने से सनसनी, हत्या की आशंका
हरिद्वार जिले के मंगलौर में पुराने गंगनहर पुल के किनारे करीब 38 वर्षीय महिला का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। प्रारंभिक जांच में महिला की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
सूचना मिलते ही एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल और प्रभारी निरीक्षक भगवान महर पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पहचान कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के थानों से गुमशुदगी की जानकारी जुटाने के साथ-साथ सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि महिला की हत्या घटनास्थल पर हुई या कहीं और वारदात को अंजाम देने के बाद शव को यहां लाकर फेंका गया।
मदरसों की मान्यता को लेकर वक्फ बोर्ड सख्त
उत्तराखंड वक्फ बोर्ड ने मदरसों की मान्यता को लेकर सख्त रुख अपनाया है। वक्फ बोर्ड अध्यक्ष शादाब शम्स ने स्पष्ट किया है कि जिन मदरसों की प्रबंधन समितियां शिक्षा विभाग और अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से मान्यता प्राप्त करने के लिए आवेदन नहीं करेंगी, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
प्रदेश में कुल 452 मदरसे संचालित हैं, जिनमें से 117 वक्फ बोर्ड की संपत्तियों में चल रहे हैं। अब तक केवल 60 मदरसों ने मान्यता के लिए आवेदन किया है। सरकार ने सितंबर तक सभी मदरसों को मान्यता प्राप्त करने का अल्टीमेटम दिया है।
वक्फ बोर्ड का कहना है कि धार्मिक शिक्षा के साथ आधुनिक शिक्षा को भी बढ़ावा दिया जाना चाहिए, ताकि मदरसों से निकलने वाले छात्र विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना सकें।
मतदाता सूची पुनरीक्षण में तेजी, 49 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के अंतिम चरण में मतदाता सूची को लेकर प्रशासन ने प्रक्रिया तेज कर दी है। अब तक 49,743 नागरिकों ने नाम जोड़ने या मतदाता विवरण में संशोधन के लिए आवेदन किया है।
इसके अलावा, 10,235 मतदाताओं के नाम हटाने के लिए दावे और आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने स्पष्ट किया है कि केवल आपत्ति दर्ज होने के आधार पर किसी मतदाता का नाम सूची से नहीं हटाया जाएगा।
प्रत्येक मामले में बीएलओ संबंधित व्यक्ति को नोटिस देंगे और उसके बाद सुनवाई आयोजित की जाएगी। अंतिम मतदाता सूची 15 सितंबर को प्रकाशित की जाएगी।
स्मार्ट मीटर विवाद में यूपीसीएल को राहत
स्मार्ट मीटर से अधिक बिजली बिल आने की शिकायतों पर विद्युत लोकपाल ने यूपीसीएल के पक्ष में फैसला सुनाया है। दो अलग-अलग मामलों में स्मार्ट मीटर की जांच के बाद उपभोक्ताओं की अपील खारिज कर दी गई।
कालाढूंगी स्थित एक औद्योगिक उपभोक्ता के मामले में 15.92 लाख रुपये से अधिक का बकाया सामने आया। जांच में मीटर रीडिंग और बिलिंग प्रक्रिया सही पाई गई।
लोकपाल ने यह भी माना कि कम पावर फैक्टर और तकनीकी कारणों से बिजली की खपत अधिक दर्ज हो सकती है। दोनों मामलों में स्मार्ट मीटर में किसी प्रकार की खराबी साबित नहीं हुई।
भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में उत्तराखंड को मिली बड़ी जिम्मेदारी
भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में उत्तराखंड के चार नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलने के बाद प्रदेश की राजनीति में नए समीकरण बनने की संभावना बढ़ गई है।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री, मीडिया संयोजक और इंटरनेट मीडिया सह-संयोजक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर उत्तराखंड के नेताओं की नियुक्ति को वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इससे केंद्रीय नेतृत्व और प्रदेश संगठन के बीच समन्वय और मजबूत होगा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व द्वारा राज्य के नेताओं पर जताया गया विश्वास संगठन को नई ऊर्जा देगा।
अब पार्टी की नजर प्रदेश प्रभारी के चयन पर है, जिसका फैसला जल्द होने की संभावना है।
उत्तराखंड की बर्फीली चोटियां सिमट रही हैं, निर्माण क्षेत्र में 13 गुना वृद्धि
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के अध्ययन ने उत्तराखंड के पर्यावरण को लेकर गंभीर संकेत दिए हैं।
अध्ययन के अनुसार, वर्ष 1992 में राज्य का लगभग 14,952 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र बर्फ से ढका हुआ था, जो 2022 में घटकर 13,311 वर्ग किलोमीटर रह गया। यानी तीन दशक में लगभग 1,640 वर्ग किलोमीटर बर्फ का क्षेत्र कम हुआ है।
वहीं, निर्मित क्षेत्र में भारी वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 1992 में राज्य का निर्मित क्षेत्र 40.66 वर्ग किलोमीटर था, जो 2022 में बढ़कर 526.35 वर्ग किलोमीटर हो गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि बर्फ के लगातार पिघलने का असर भविष्य में जलचक्र, नदियों के प्रवाह और जल उपलब्धता पर पड़ सकता है।
हल्द्वानी में बढ़ी इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग
पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों तथा ई20 ईंधन को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच हल्द्वानी में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग तेजी से बढ़ रही है।
ऑटो कारोबारियों के अनुसार, पिछले कुछ समय में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में 20 से 30 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। इलेक्ट्रिक स्कूटर और कारें अब ग्राहकों की पहली पसंद बनती जा रही हैं।
डीलरों के अनुसार, हर महीने लगभग 10 से 15 इलेक्ट्रिक स्कूटर और तीन से चार इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री हो रही है। वहीं, सीएनजी वाहनों की मांग में भी वृद्धि दर्ज की गई है।
काशीपुर में टेंट व्यवसायी की हत्या, दो किशोर हिरासत में
काशीपुर के ग्राम बाजावाला निवासी टेंट व्यवसायी संजीव कुमार की मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। पहले इसे सड़क दुर्घटना माना जा रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम के दौरान गले में संदिग्ध घाव मिलने के बाद हत्या की आशंका मजबूत हो गई।
मृतक की पत्नी ने अपने पति के दो कर्मचारियों पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने दोनों किशोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें हिरासत में ले लिया है।
पोस्टमार्टम के दौरान संदिग्ध घाव से एक गोली भी बरामद हुई है, जिसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। पुलिस हत्या के कारणों का पता लगाने में जुटी है।
बारिश से उत्तराखंड बेहाल, 97 सड़कें बंद और स्कूलों में अवकाश
उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हो गया है। मौसम विभाग ने गढ़वाल क्षेत्र के पहाड़ी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है और 21 अगस्त तक बारिश जारी रहने की संभावना जताई है।
राज्य में लगभग 97 सड़कें बंद हो गई हैं, जिन्हें खोलने के लिए युद्ध स्तर पर काम किया जा रहा है। देहरादून में पहली से 12वीं तक के सभी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में एक दिन का अवकाश घोषित किया गया है।
प्रशासन ने तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और स्थानीय लोगों से मौसम की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करने की अपील की है। लोगों को नदियों और नालों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह भी दी गई है।
प्रदेश में बदलते मौसम, बढ़ते पर्यावरणीय संकट, राजनीतिक गतिविधियों, चुनावी तैयारियों और कानून-व्यवस्था से जुड़े घटनाक्रमों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उत्तराखंड इस समय कई महत्वपूर्ण चुनौतियों और बदलावों के दौर से गुजर रहा है।
