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रुद्रपुर में 16 मार्च को शिवसेना का पैदल मार्च: UGC नियम और जातिगत आरक्षण पर उठे सवालसंपादकीय / विशेष रिपोर्ट – अवतार सिंह बिष्टरुद्रपुर।

फूलदेई पर्व पर पंडित त्रिलोचन पनेरु की ज्योतिषीय व्याख्या, रामदत्त पंचांग का हवालाफूलदेई : उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, प्रकृति और मासूमियत का अनोखा उत्सव

14 March 2026: 14 मार्च की सुबह ब्रह्मांड में एक बड़े बदलाव की गवाह बन रही है. चंद्रदेव का मकर राशि में प्रवेश हमें आलस्य त्यागकर कर्तव्यों की ओर बढ़ने की प्रेरणा दे रहा है.

नजूल की रजिस्ट्री का रास्ता: विधायक शिव अरोड़ा की पहल?नजूल की जमीन से सम्मान तक: रुद्रपुर के गरीबों को मालिकाना हक दिलाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल,

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गैरसैंण का बजट सत्र—उपलब्धियों के दावे और सड़कों पर उतरती जनता के सवाल

उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में आयोजित विधानसभा का बजट सत्र इस बार कई मायनों…

2027 विधानसभा चुनाव के लिए क्षेत्रीय दल एकजुट, “उत्तराखंड महा गठबंधन (UMG)” बनाने पर सहमति

देहरादून। देहरादून स्थित स्काई गार्डन में शनिवार को विभिन्न क्षेत्रीय दलों की एक महत्वपूर्ण बैठक…

मेट्रोपोलिस सिटी का नया आधुनिक भव्य द्वार—लड्डुओं से तौले जाएंगे महापौर विकास शर्मा, MRWA की पहल से लौट रही पहचान

रुद्रपुर। शहर की प्रतिष्ठित आवासीय कॉलोनी मेट्रोपोलिस सिटी में रविवार 15 मार्च 2026 को सुबह…

पंतनगर एयरपोर्ट पर पूर्व विधायक Rajesh Shukla ने किया स्वागत, किच्छा की विकास योजनाओं को वित्तीय स्वीकृति देने पर Pushkar Singh Dhami को सौंपा आभार पत्र”

पंतनगर। प्रदेश के मुखिया पुष्कर सिंह धामी के पंतनगर एयरपोर्ट पहुंचने पर किच्छा के पूर्व…

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नजूल की रजिस्ट्री का रास्ता: विधायक शिव अरोड़ा की पहल?नजूल की जमीन से सम्मान तक: रुद्रपुर के गरीबों को मालिकाना हक दिलाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल,

रुद्रपुर शहर का इतिहास जितना विकास की कहानियों से जुड़ा है, उतना ही वह नजूल भूमि पर बसे हजारों परिवारों…

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महिला आयोग आपके द्वार अभियान के तहत उधम सिंह नगर में जनसुनवाई, अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने सुनीं 12 शिकायतें

रुद्रपुर, 13 मार्च।अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर उत्तराखंड राज्य महिला आयोग द्वारा संचालित ‘महिला आयोग आपके द्वार’ अभियान के…

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पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने ब्लॉक प्रमुख रीना गौतम के साथ ग्राम लोहरी गंगापुर में अंबेडकर पार्क का लोकार्पण, बाबा साहब की प्रतिमा का अनावरण किया

जिला पंचायत के गैंगमेटों का डीएम कार्यालय में प्रदर्शन, पूरे वर्ष रोजगार और न्यूनतम मजदूरी की मांग

डिजिटल इंडिया की हकीकत: गैस बुकिंग के लिए फिर लाइन में खड़ी जनता”गैस का डर, साइबर ठगों का खेल — जब व्यवस्था की कमजोरी बन जाती है जनता की मुसीबत”

जनसेवा का पर्याय बने संजय ठुकराल—रुद्रपुर के “108” को जन्मदिन की शुभकामनाएं

गैरसैंण का बजट सत्र—उपलब्धियों के दावे और सड़कों पर उतरती जनता के सवाल

उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में आयोजित विधानसभा का बजट सत्र इस बार कई मायनों में ऐतिहासिक और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रहा। यह सत्र ऐसे समय में आयोजित हुआ…

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2027 विधानसभा चुनाव के लिए क्षेत्रीय दल एकजुट, “उत्तराखंड महा गठबंधन (UMG)” बनाने पर सहमति

देहरादून। देहरादून स्थित स्काई गार्डन में शनिवार को विभिन्न क्षेत्रीय दलों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का संयोजन हिमालय क्रांति पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शंकर दत्त सती…

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मेट्रोपोलिस सिटी का नया आधुनिक भव्य द्वार—लड्डुओं से तौले जाएंगे महापौर विकास शर्मा, MRWA की पहल से लौट रही पहचान

रुद्रपुर। शहर की प्रतिष्ठित आवासीय कॉलोनी मेट्रोपोलिस सिटी में रविवार 15 मार्च 2026 को सुबह 11:30 बजे एक महत्वपूर्ण आयोजन होने जा रहा है। मेट्रोपोलिस रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (MRWA) द्वारा…

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पंतनगर एयरपोर्ट पर पूर्व विधायक Rajesh Shukla ने किया स्वागत, किच्छा की विकास योजनाओं को वित्तीय स्वीकृति देने पर Pushkar Singh Dhami को सौंपा आभार पत्र”

पंतनगर। प्रदेश के मुखिया पुष्कर सिंह धामी के पंतनगर एयरपोर्ट पहुंचने पर किच्छा के पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने उनका स्वागत किया और किच्छा क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित विकास योजनाओं के…

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उच्च न्यायालय ने नया नियम हटाया – देशभर के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा झटका सामने आया है। हाईकोर्ट ने हाल ही में एक ऐसा फैसला सुनाया है जिसने लाखों कर्मचारियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।

नए नियम के तहत अब कर्मचारियों को 60 साल नहीं बल्कि 55 साल की उम्र में ही रिटायर किया जाएगा। कोर्ट का कहना है कि प्रशासनिक ढांचे में युवाओं को…

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हिन्दू धर्मग्रंथों में चार युग की संकल्पना की गई है। ये हैं- सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग और कलियुग। माना जाता है कि हर युग में मनुष्आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ?

सतयुग

चारों युगों में से सबसे पहला सतयुग है। वह युग जहां पाप, अधर्म, अन्याय और झूठ के लिए कोई जगह नहीं होता है, सतयुग कहा गया है। पुराणों के अनुसार, सतयुग का प्रारंभ कार्तिक महीने में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था। ग्रंथों में इस युग की अवधि लगभग 17 लाख 28 हजार वर्ष बताई गई है।

इस युग में देवी-देवता पृथ्वी पर मनुष्य की भांति ही रहते थे। कहते हैं, उनकी आयु लगभग 2 लाख वर्ष होती थी। पुष्कर इस युग का सबसे महान तीर्थ था। इस युग में भगवान विष्णु के 10 मुख्य अवतारों में से मत्स्य, कच्छप, वराह और नरसिंह अवतार हुए थे।

त्रेतायुग

ग्रंथों में त्रेतायुग की अवधि लगभग 12 लाख 28 हजार मानी गई है। इस युग की शुरुआत वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि से हुई थी। इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 10,000 वर्ष हुआ करती थी। कहते हैं इस युग सबसे महान तीर्थ नैमिषारण्य था। इस युग में अधर्म का नाश करने के लिए भगवान विष्णु के श्री राम, वामन, परशुराम के अवतार हुए थे।

द्वापरयुग

पुराणों के मुताबिक, द्वापर युग की अवधि लगभग 8 लाख 64 हजार है। यह युग माघ माह के कृष्ण अमावस्या से शुरू हुआ था। हिंदू धर्म ग्रंथों में इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 1000 वर्ष बताई गई है। इस युग का सर्वश्रेष्ठ तीर्थ कुरुक्षेत्र को माना गया है। द्वापर युग में भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण ने धरती पर जन्म लेकर कंस जैसे दुष्टों का संहार किया था।

कलियुग

वर्तमान युग यानी कलियुग की अवधि तीनों युगों में सबसे कम है। इस युग की अवधि 4 लाख 32 हजार वर्ष बताई जाती है। कलियुग की शुरुआत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि से मानी जाती है। यह तिथि इस साल सोमवार 30 सितंबर, 2024 को पड़ रही है।

हैरत की बात है कि इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 100 वर्ष ही रह गई है। वहीं, गंगा नदी को कलियुग का सबसे पवित्र तीर्थ स्थान बताया गया है। इस युग में भगवान विष्णु के 9वें अवतार भगवान बुद्ध का जन्म हुआ। भगवान विष्णु का 10वां अवतार कल्कि के रूप में कलियुग के अंत में होगा।

कब खत्म होगा कलियुग?

भारतीय काल-निर्णय के अनुसार कलियुग का अंत होने में अभी 4 लाख 26 हजार 875 साल बाकी हैं। इस समय कलियुग का प्रथम चरण चल रहा है और कलियुग के मात्र 5 हजार 125 साल हुए हैं। बता दें कि कलयुग के कुल अवधि 4 लाख 32 हजार साल के बताई गई है।य की बनावट से लेकर उसके व्यवहार और उम्र में कुछ परिवर्तन आए हैं।

   आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ? सतयुग…

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ताकि सनत रहे नगला पंतनगर, 1960 के दशक से लेकर 1980 तक लोगों की बसायत हुई नगला में, अवगत कराते हुए की नगला में निवास करने वाले लोगों में भारतीय सेवा की तरफ से द्वितीय विश्व युद्ध 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। वही कारगिल युद्ध में भीनगला के लोगों ने भारतीय सेना की तरफ से प्रतिभागी किया। जिसमें 1965 और 70 के बीच नगला में निवासरत, स्वर्गीय सूबेदार मेजर खड़क सिंह बिष्ट जिन्होंने19 71,1965 और 1962 की युद्ध में भारतीय सेना में प्रतिभा किया, नगला बायपास निवासी स्वर्गीय लेस नायक प्रेमचंद पांडे, जो की 1965 से नगला में निवास कर रहे हैं ।द्वितीय विश्व युद्ध 1962 और 1965 की लड़ाई में छह माह तक चीन में कैद रहे.। स्वर्गीय हवलदार मेजर धर्म सिंह का परिवार नगला में 1972 से निवास कर रहे हैं,। 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देते हुए भारतीय सेना की तरफ से लड़ाई लड़ी। स्वर्गीय सूबेदार आलम सिंह बिष्ट 1982 से नगला में निवासरत 1962 1965 1971 में भारतीय सेना की तरफ से युद्ध में हिस्सा लिया। कर्नल प्रताप सिंह, कारगिल युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। बोफोर्स तोप एवं रडार सिस्टम का पूर्ण रूप से प्रतिनिधित्व किया जिन्होंने कारगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाई। राजस्थान बॉर्डर पर अपना एक पाव गवा चुके हैं। सूबेदार आलम सिंह के नाती वर्तमान में आर्मी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर एनडीए रजत बिष्ट S/0 नंदन सिंह बिष्ट के दो पुत्र एनडीए क्वालीफाई करने के उपरांत थल सेना में लेफ्टिनेंट एवं जल सेना में कैप्टन उदित बिष्ट अपनी सेवाएं दे रहे हैं। स्वर्गीय इंदर सिंह थापा 1965 1971 की लड़ाई में वही उनके पुत्र लक्ष्मण सिंह थापा भारतीय सेना से हाल फिलहाल रिटायर हुए हैं। त्रिलोक सिंह जिन्होंने भारतीय सेवा में अपने 8 साल दिए हैं। स्वर्गीय भीम सिंह बिष्ट पैरा कमांडो, आदि कई अन्य लोगों ने जो नगला क्षेत्र में निवास कर रहे हैं देश के लिए बहुत कुछ किया है, वहीं अगर उत्तराखंड राज्य आंदोलन की बात की जाए ,नगला क्षेत्र से अवतार सिंह बिष्ट, हरीश जोशी, एवं उनके परिवार के दो अन्य सदस्य, जगदीश बोहरा, प्रकाश पुजारी, जो की चिन्हित राज्य आंदोलनकारी हैं। परिवार के साथ नगला में 1976 से निवास करते हैं,। उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ-साथ, उधम सिंह नगर को उत्तराखंड में मिलने के लिए 24,36 व 72 घंटे का जाम और उत्तराखंड राज्य आंदोलन में अनगिनत आंदोलन इनके द्वारा किए गए। दिल्ली फिरोजशाह कोटला मैदान से इंडिया गेट तक का मार्च पास्ट एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। उत्तराखंड राज्य गठन मै महत्वपूर्ण भूमिका इन की रही है। ताकि सनत रहे, उत्तराखंड राज्य आंदोलन में पूरा नगला क्षेत्र एक जुटता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जिसमें सभी जाति धर्म के लोग सम्मिलित होते थे ,मिल का पत्थर साबित हुआ था। पूरे उधम सिंह नगर में नगला क्षेत्र का जबरदस्त ,,विशेष,, असर देखने को मिलता था । नगला की खबर उधम सिंह नगर की खबर बन जाती थी। जिस नगला क्षेत्र को तोड़ने की चर्चा आजकल चल रही है । नगला वासियों ने देश व प्रदेश को एवं समाज को बहुत कुछ दिया है। आज जब नगला क्षेत्र को तोड़ने की कवायत चल रही है। राजेश शुक्ला पूर्व विधायक के द्वारा सराहनीय कार्य नगला को बचाने के लिए किया जा रहा है। नगला क्षेत्र को तोड़ने के लिए सरकारी महकमा भी कहीं ना कहीं असहज महसूस कर रहा है। हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की तरफ से हम सरकार से मांग करते हैं नगला क्षेत्र के लोगों का एवं नगला मै निवास कर रहे लोगों के अधिकार सुरक्षित हो, विधानसभा पटल पर नगला क्षेत्र को लंबे समय से निवास कर रहे लोगों को मलिकाना हक दिया जाए। और देश, प्रदेश व समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नगला ,पंतनगर वासियों के अधिकार सुरक्षित किये जाए। उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना थी, उत्तराखंड के मूल निवासियों के अधिकार सुरक्षित होंगे। लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार में सबसे ज्यादा जिन्हें नुकसान हुआ है या फिर जिनके घर तोड़ दिए गए या फिर तोड़ दिया जाएंगे। नगला वासी 60 ,70, 80 के दशक में उन जगहों पर नगला मै विस्थापित हो चुके थे ।जिन्हें आज सरकार अपना बता रहीहैं। नगला वासी की निगाहें उत्तराखंड सरकार पर हैं ।असमंजस की स्थिति नगला क्षेत्र में बनी हुई है। एक और जहां लोगों के अंदर आक्रोश है। वहीं दूसरी ओर अपने जीवन की महत्वपूर्ण जमा पूंजी व अपने मेहनत के दम पर खड़े किए गए कंक्रीट के मकान उनके दर्द को बाया कर रहे हैं। महिलाएं वह बच्चे पथराई आंखों से अपने टूटे हुए घर को देखकर स्तंभ है। लोगों के अंदर दहशत का माहौल है। उम्मीद की एक किरण धामी सरकार पर है। जो नगला को बचा सकती है।

Hindustan Global Times, Avtar Singh Bisht, journalist from Uttarakhand नगला, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी एवं भारतीय सेना, मैं महत्वपूर्ण भूमिका रही है नगला कवाशियो की ताकि सनत रहे नगला के…

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कत्यूरी सम्राट प्रीतम देव की महारानी जिया का नाम उत्तराखंड की वीर और पौराणिक गाथाओं में सम्मान से लिया जाता है। कत्यूरी राजवंश में माता को जिया कहा जाता है, इसलिए उन्हें जिया रानी कहा जाता है।इतिहासकारों और स्‍थानीय लोगों के मुताबिक जिया रानी धामदेव की मां थी और प्रख्यात उत्तराखंडी लोककथा नायक मालूशाही की दादी थीं। कहा जाता है कि जिया रानी हल्‍द्वानी के रानीबाग में रहीं थीं और उन्होंने यहां अपना बाग सजाया था। जिस कारण इस जगह का नाम रानीबाग पड़ा। जिया रानी पर कई कहावते प्रचलित हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में… रानीबाग में जिया रानी का मंदिर है। माता जिया रानी की गुफा आज भी रानीबाग में स्थित है। मान्‍यता है कि वह गुफा से वह सीधे हरिद्वार निकली थीं। यहां एक विशाल शिला है, जिसे जिया रानी का घाघरा मानकर लोग पूजते हैं। स्‍थानीय परंपराओं के अनुसार माता जिया रानी कत्यूरी वंश की रानी थीं। हर साल मकर संक्रांति के अवसर पर रानीबाग में कत्यूरी वंश के लोग और सैकड़ों स्‍थानीय लोग अपने परिवार सहित सामूहित पूजा करते हैं। जिसे जागर हैं। उत्तराखंड में जिया रानी की गुफा के बारे में एक किवदंती प्रचलित है। कहा जाता है रानी जिया कत्यूरी राजा पृथ्वीपाल उर्फ प्रीतमदेव की पत्नी थी। वह रानीबाग में चित्रेश्वर महादेव के दर्शन करने आई थीं। रानी जिया बेहद सुंदर थीं। जैसे ही रानी नहाने के लिए नदी पर पहुंचीं तो वहां रुहेलों की सेना ने वहां घेरा डाल दिया। इस दौरान उन्होंने अपने ईष्ट देवताओं का स्मरण किया और गार्गी नदी के पत्थरों में ही समा गईं। नदी के किनारे एक विचित्र रंग की शिला आज भी वहां देखने को मिलती है, जिसे चित्रशिला कहा जाता है। जिया रानी को कुमाऊं में न्याय की देवी के रूप में पूजा जाता है। इतना ही नहीं जिया रानी कई कुलों की आराध्‍य देवी भी हैं।क्या है माता जिया रानी का असली नाम?जिया रानी का वास्तविक नाम मौला देवी था, जो हरिद्वार के राजा अमरदेव पुंडीर की पुत्री थीं। मौला देवी राजा प्रीतमपाल की दूसरी रानी थीं। मौला देवी को राजमाता का दर्जा मिला और उस क्षेत्र में माता को जिया कहा जाता था, इसलिए उनका नाम जिया रानी पड़ गया।क्‍यों कहलाई कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई?माता जिया रानी को कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई कहा जाता है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि माता जिया रानी ने रोहिलो और तुर्कों के आक्रमण के दौरान कुमाऊं की रक्षा की थी और युद्ध में बलिदानी हुईं थी।

स्‍थानीय लोगों का मानना है कि युद्ध के समय जिया रानी ने हीरे-मोती जड़ित लहंगा पहना था। जो बाद में पत्थर बन गया। ये पत्थर आज भी है रानीबाग में…

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बंगाली समुदाय के प्रमाण पत्रों से पूर्वी पाकिस्तान शब्द हटाने और उन्हें आरक्षण दिए जाने के संबंध में दिए गए बयान के बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद अजय भट्ट को सोशल मीडिया पर काफी कुछ कहा जा रहा है। इस पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि संकीर्ण मानसिकता वाले लोग बंगाली समुदाय के लोगों को रोहिंग्या बता रहे हैं, जबकि यह सभी लोग देवी के भक्त हैं। उत्तराखंड राज्य के विकास में इनका बहुत बड़ा योगदान है।ये 1971 में हुए भारत पाकिस्तान के युद्ध के बाद से उत्तराखंड में ही रह रहे हैं।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भट्ट ने पूर्व में दिए गए अपने बयान कि पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि उत्तराखंड का बंगाली समुदाय हिंदू रीति-रिवाजों पर पूर्ण आस्था रखने के साथ ही सनातन धर्मी है। उत्तराखंड राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान रहा।जहां तक उनके आरक्षण का विषय है तो उत्तराखंड विधानसभा से बंगाली समुदाय के पौंड, माझी और पौंड्रा जाति को आरक्षण दिए जाने के संबंध में प्रस्ताव प्रदेश सरकार दो बार सर्वसम्मति से पारित कर केंद्र को प्रेषित कर चुकी है। इनको आरक्षण देने से किसी अन्य समुदाय का आरक्षण भी प्रभावित नहीं हो रहा है।भट्ट ने कहा कि उनके द्वारा वर्तमान सत्र में उन्होंने जमरानी बांध, एचएमटी कारखाना, बागेश्वर, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन, रामनगर से गैरसैण वाया कर्णप्रयाग रेल लाइन, नैनीताल झील का संरक्षण जैसे कई मुद्दे प्रभावी तरीके से संसद में उठाए गए। वहीं, कुछ लोग बंगाली समुदाय के विषय में उनके दिए गए वक्तव्य को गलत तरीके से प्रचारित कर रहे हैं। उन्होंने ऐसे लोगों को बहस की खुली चुनौती भी दी।यह भी पढ़ें।

Hindustan Global Times/ प्रिंट मीडिया:शैल ग्लोबल टाइम्स/ अवतार सिंह बिष्ट, रूद्रपुर उत्तराखंड

ये 19वीं सदी के किसी गांव की तस्वीर नहीं है, बल्कि आज 21वीं सदी के भारत का एक गांव है। देश इतनी तेजी से तरक्की कर रहा है कि ये घर, ये गांव कहीं पीछे छूट गए हैं।

देश की कदमताल के साथ ये अपनी ताल बिठा ही नहीं पाए। एक तरफ देश बुलेट ट्रेन पर हवार होने को तैयार है। हर जगह नए-नए एयरपोर्ट बन रहे हैं, […]

रूद्रपुर 06 अप्रैल 2024 (सू0वि0) स्वीप कार्यक्रम के अर्न्तगत जनपद में स्थापित औद्योगिक इकाईयो को मतदाता अभियान के अन्तर्गत जागरूक करने एवं मतदान शपथ दिलाये जाने हेतु जिला प्रशासन के द्वारा प्राप्त दिशा-निर्देशों के क्रम में आई0आई0ई0, सिडकुल पन्तनगर में स्थापित औद्योगिक इकाई मैसर्स नैसले इण्डिया लि0,सिडकुल पन्तनगर में इकाई के लगभग 200 कर्मचारियों को मतदाता शपथ दिलाते हुए हस्ताक्षर अभियान चलाया गया तथा अपील के माध्यम से 19 अप्रेल को मतदान दिवस के दिन अवश्य वोट डालने हेतु अनुरोध किया गया।

मतदाता जागरूकता कार्यक्रम में महाप्रबंधक,जिला उद्योग केन्द्र विपिन कुमार ,दीपक कुमार,सहायक श्रमायुक्त,इकाई के फैक्ट्री प्रबंधक दिनेश शर्मा, कारपोरेट अफेयर मैनेजर गर्ग, एच0आर0 हैड सौरभ, इन्जीनियर नितिन एव अन्यं उपस्थित रहे। […]

सेपक टाकरा एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया के तत्वाधान में दिनांक 26 मार्च से 30 मार्च 2024 तक देवांगगिरी कर्नाटक में 26 वी जूनियर चैंपियनशिप बालक एवम बालिका वर्ग का आयोजन कराया गया। इस में उत्तराखंड के बालक एवम बालिका वर्ग के 11 खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया। जिसमें उत्तराखंड की बालक वर्ग की टीम डबल इवेंट में दूसरे तथा बालिका वर्ग की टीम क्वाड इवेंट में तीसरे स्थान में रही। द सेपक टाकरा एसोसिशन ऑफ उत्तराखंड के अध्यक्ष आर.पी.शर्मा ने सभी खिलाड़ियों को बधाई देते हुए सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। संघ के सचिव आनन्द सिंह खांपा ने बताया की उत्तराखंड बालक वर्ग की डबल इवेंट टीम के तेजस्वी कुमार, शिवम् नेगी, शुभ श्रीवास्तव ने रजत पदक प्राप्त किया तथा बालिका वर्ग की क्वाड इवेंट की राशि बिष्ट, पूर्णिमा गोस्वामी,मनस्वी जोशी,प्रियंका, गीता डांगी ने कांस्य पदक प्राप्त किया। टीम की मैनेजर किरन मौर्य तथा कोच गौरव बिनवाल रहे। कुमाऊं विश्वविद्यालय के क्रीड़ा अधिकारी डॉक्टर नागेंद्र शर्मा ने बताया इस टीम में कुमाऊं विश्वविद्यालय के तीन खिलाड़ियों तेजस्वी कुमार, शिवम् नेगी, शुभ श्रीवास्तव ने प्रतिभाग किया। तथा बताया इस खेल में उत्तराखंड के खिलाड़ी निरंतर अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं 37 वे राष्ट्रीय खेल गोवा में भी उत्तराखंड की सीनियर वर्ग की टीम ने भी कांस्य पदक प्राप्त किया था, उन पदक विजेता 3 खिलाड़ियों को उत्तराखंड सरकार द्वारा वन विभाग में दरोगा पद में नियुक्ति दी गई। कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर दीवान सिंह रावत ने समस्त खिलाड़ियों एवम उनके प्रशिक्षको और क्रीडा अधिकारी डॉ नागेंद्र शर्मा को बधाई प्रेषित कि। उक्त उपलब्धि पर कुलसचिव दिनेश चंद्रा, दुर्गेश डिमरी, वित्त नियंत्रक अनीता आर्य, डॉ.संजीव आर्य, परीक्षा नियंत्रक डॉ. महेंद्र राणा, प्रो. नीता बोरा शर्मा, प्रो. ललित तिवारी, सुरेश चंद्र पांडेय, मुरकर्जी निर्माण,डॉ. डी.के सिंह, प्रो. डी.डी.जोशी, प्रो. डी.सी.पंत, प्रो. एन.एस.बनकोटी, डॉ. संतोष कुमार, डॉ. राजेश कुमार, डॉ. सुरेन्द्र नेगी, सहायक खेल निदेशक संजीव पौरी,सहायक खेल निदेशक रसिका सिद्दीकी, जिला क्रीड़ा अधिकारी जानकी कनवाल,उप जिला क्रीड़ा अधिकारी गिरिश कुमार सहित अनेकों खेल संगठन बधाई दी।

उत्तराखंड में लोकसभा चुनाव में अग्निपथ योजना का विरोध कांग्रेस का सबसे बड़ा हथियार होगा। पार्टी ने राष्ट्रीय स्तर पर जारी अपने घोषणापत्र इस योजना को समाप्त करने का वायदा किया है।

सैनिक बहुल प्रदेश में सैनिक एवं पूर्व सैनिक मतदाताओं और उनके स्वजन को लुभाने के लिए घोषणापत्र में वन रैंक वन पेंशन योजना की विसंगति दूर करने को स्थान दिया […]

हरिद्वार। श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा में आयोजित संत आशीर्वाद समारोह में भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि उत्तराखंड देवों की भूमि है। यहां आकर वह स्वयं को सौभाग्यशाली समझते हैं।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तराखंड की हरिद्वार लोकसभा सीट पर प्रचार करने के लिए अब 11 अप्रैल को आएंगे। उनकी चुनावी जनसभा हरिद्वार स्थित भल्ला इंटर कॉलेज में होगी। पीएम का कार्यक्रम तय होने के बाद पार्टी ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की 11 अप्रैल को होने वाली चुनावी सभाएं टाल दी हैं।

योगी अब या तो 11 अप्रैल से पहले उत्तराखंड आएंगे या इसके बाद की किसी तिथि पर प्रचार करेंगे। पार्टी के प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी ने पीएम की रैली तय […]

लोकसभा चुनाव के लिए सभी पार्टियां ताबड़तोड़ रैली रोड शो कर रही हैं. इसके लिए पार्टियां अपने अपने स्टार प्रचारकों को चुनाव प्रचार के लिए भेज रही हैं. कांग्रेस ने शुक्रवार को उत्तराखंड में चुनाव प्रचार के लिए अपने स्टार प्रचारकों की सूची जारी की.

इस सूची में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत कुल 40 नेताओं के नाम शामिल हैं. बता दें कि उत्तराखंड में पहले चरण में 19 अप्रैल को […]

उत्तराखंड की पांच लोकसआ सीटों पर पहले चरण में ही मतदान होना है. जिसके लिए नामांकन पत्र भरे जा चुके हैं. बीजेपी और कांग्रेस समेत तमाम प्रत्याशी दिन रात चुनाव प्रचार में जुटे हुए हैं. पोड़ी लोकसभा व टिहरी लोक सभा से बीजेपी को मिल रही है जबरदस्त टक्कर। श्री देव सुमन को अपना आदर्श मानकर चलने वाले बॉबी पवार मतदाताओं के बीच, राजशाही तो कब की खत्म हो गई थी लेकिन राजशाही वाली सोच को अब खत्म करना है । टिहरी की जनता का झुकाव बॉबी पवार की तरफ भी देखा जा रहा है। (Hindustan Global Times)

एक तरफ बीजेपी जहां सभी सीटों पर जीत के दावे कर रही है। पांचो सीट जीतने के इरादे से मैदान में हैं तो वहीं कांग्रेस इस बार , पोड़ी व […]

रूद्रपुर 05 अप्रैल, 2024 (सू.वि.)- लोकसभा सामान्य निर्वाचन को निर्बाध ,सुचारू संपादन हेतु शुक्रवार को जसपुर, काशीपुर विधानसभा के पीठासीन व मतदान अधिकारियों को दितीय प्रशिक्षण पंतनगर विश्वविद्यालय के गॉधी हॉल में दिया गया। मास्टर ट्रेनरों द्वारा दो पालियों में सैद्धान्तिक एवं ईवीएम का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रथम दिवस दो पालियों में कुल-1730 पीठासीन मतदान अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया।जिला निर्वाचन अधिकारी उदयराज सिंह ने कहा कि लोकसभा निर्वाचन को स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी, शांतिपूर्ण एवं समयबद्ध तरीके से सम्पन्न कराने के लिए सभी कार्मिक सौंपे गए कार्याे एंव दायित्वों का बखूबी निर्वहन करना सुनिश्चित करेगें। उन्होंने कहा कि सभी मतदान कार्मिक तटस्थ होकर कार्य करेंगे तथा मतदान पार्टियां अपने ही बूथ पर ही रात्रि विश्राम करेंगे इसकी जिम्मेदारी पीठासीन अधिकारी की होगी व किसी का अथित्य स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही गलती क्षम्य नही होगी। उन्होने कहा कि मतदान से पूर्व मॉकपोल अनिवार्य रूप से करायेगें तथा निर्धारित समय प्रातः 7 बजे से मतदान प्रारम्भ कराना सुनिश्चित करेगें। उन्होने कहा कि प्रत्येक दो घण्टे में मतदान सूचना कन्ट्रोल रूम को देना सुनिश्चित करेगें। उन्होने कहा कि पीठासीन अधिकारी अपनी डायरी का अच्छी तरह अध्ययन कर ले साथ ही ईवीएम संचालन में दक्ष हो ले ताकि मतदान के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होने कहा जो भी शंकाए है उनका सामाधान प्रशिक्षण के दौरान ही कर लें। उन्होंने सभी प्रशिक्षकों को निर्देश दिये कि वे सभी पीठासीन व मतदान अधिकारियों से ईवीएम दक्षता का प्रमाण पत्र अवश्य ले। उन्होने कहा कि मतदेय स्थल के भीतर मोबाईल पूर्णतः प्रतिबन्ध होगा तथा प्रत्याशियों के टेबल बूथ से 200 मीटर परिधि के बाहर लगाई जायेगी। उन्होने पीठासीन व मतदान अधिकारियों को निर्देश दिये कि मतदान सामाग्री का सूची से मिलान अवश्य करेगें ताकि मतदान दिवस पर किसी सामाग्री की कमी न हो।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टीसी ने कहा निर्वाचन आयोग का उद्देश्य शांतिपूर्ण, निष्पक्ष व पारदर्शी मतदान कराना है। इसमें पीठासीन की भूमिका अहम है, इसलिए मतदान कार्मिक सैद्धान्तिक के साथ ही ईवीएम का गहनता से प्रशिक्षण लें, ताकि मतदान दिवस पर किसी प्रकार की परेशानी न आये। उन्होने कहा कि बूथों पर पूरी सुरक्षा व्यवस्था दी गयी है मतदान पार्टियां बिना सुरक्षा बल के कही नही जायेगें तथा ईवीएम को कतई नही छोड़ेगे व पूरी टीम रात्रि विश्राम अपने बूथ पर ही करना सुनिश्चित करेगें।मुख्य विकास अधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि आचार संहिता लगते हुए हम सभी आयोग के अधीन हो जाते है, तटस्थ होकर निर्वाचन कार्य पारदर्शिता से संपन्न कराना हमारा दायित्व हैं। मतदान कर्मी टीम भावना से समन्वय बनाकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि प्रत्याशी अभिकर्ताओं की मौजूदगी में मतदान से पूर्व मॉक पोल कराना अनिवार्य है। पीठासीन अधिकारी हस्तपुस्तिका का भलीभांति अध्ययन कर लें। मतदान बूथ में पीठासीन अधिकारी अनुशासन बनाये रखे, शालीनता से व्यवहार करें, ताकि शांतिपूर्ण, निर्वाध मतदान संपन्न हो सकें।नोडल अधिकारी प्रशिक्षण नरेश दुर्गापाल, मास्टर ट्रेनरों ने सैद्धान्तिक प्रशिक्षण में बारीकियों को समझाते हुए ईवीएम प्रशिक्षण के दौरान मतदान कार्मिक को विभिन्न प्रपत्र भरने, ईवीएम को ऑन व ऑफ करने व सील करने के साथ ही बीयू, सीयू तथा वीवीपैट को संयोजित करने, खोलने और सील करने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए हैंड्स ऑन प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ ही मास्टर ट्रेनरों ने मतदान हेतु सामग्री प्राप्त के तरीके, मतदान से पूर्व बूथ पर की जाने वाली कार्यवाही, मतदान शुरू करने, मतदान समाप्ति सहित सम्पूर्ण मतदान प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी।सामान्य प्रेक्षक गगनदीप सिंह बरार भी प्रशिक्षण में मौजूद रहे व ईवीएम हैण्डस्आन प्रशिक्षण का जायजा लिया।प्रशिक्षण में स्थल पर मुख्य विकास अधिकारी के निर्देशन में एनआरएलएम महिला स्वंय सहायता समूह रूद्रा स्वायत्व सहकारिता समिति नारायणपुर कोठा, रूद्रपुर की महिलाओं द्वारा खानपान, लस्सी का स्टांल लगाया गया, स्टांल पर अच्छी विक्री हुई।प्रशिक्षण में नोडल पुलिस चन्द्रशेखर घोड़के, नोडल ईवीएम टीएस मर्ताेलिया, सहायक निर्वाचन अधिकारी मनीष बिष्ट, अभय प्रताप सिंह, गौरव चटवाल, परियोजना निदेशक अजय सिंह, नोडल खानपान श्याम आर्य, सहायक नोडल कार्मिक केएस रावत, नोडल इवीसी विवेक राय, सहायक नोडल सुभाष गुप्ता सहित पीठासीन व मतदान अधिकारी उपिस्थत।

रूद्रपुर 05 अपै्रल /सू0वि0।जिला निर्वाचन अधिकारी उदयराज सिंह, मुख्य विकास अधिकारी मनीष कुमार (नोडल अधिकारी स्वीप) के निर्देशन में शहरी मतदाता तथा आम जनमानस को मतदान के प्रति जागरूक करने […]

किच्छा:- वार्ड 5 बंडिया भट्ठा में विधानसभा संयोजक पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ भारतीय जनता पार्टी प्रत्याशी के पक्ष में डोर टू डोर जनसंपर्क अभियान की शुरुआत कर नैनीताल लोकसभा से भाजपा प्रत्याशी अजय भट्ट के समर्थन में गली मोहल्ले में जाकर भाजपा के पत्रको का वितरण किया एवं भारतीय जनता पार्टी सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों को जनता को बताते हुए आगामी 19 अप्रैल को नैनीताल उधमसिंहनगर लोकसभा से भाजपा प्रत्याशी अजय भट्ट के पक्ष में मतदान करने की अपील की।कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा देश के हित में किए गए कार्यों के द्वारा आम जनमानस भी भाजपा कार्यकर्ता के रूप में बदल चुका है, आम जनमानस का उत्साह बता रहा है कि प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी जी तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं।जनसंपर्क के दौरान मंडल अध्यक्ष मनमोहन सक्सेना, विधानसभा विस्तारक भुवन पांडे, विधानसभा प्रभारी दिनेश आर्य, शक्ति केंद्र संयोजक जितेंद्र गुप्ता, बूथ अध्यक्ष भगवान दास वर्मा, अमरनाथ कश्यप, मंडल मंत्री पूरन भट, प्रकाश पंत, अनुसूचित मोर्चा अध्यक्ष राजेश कोली, विनोद कोली, महेंद्र पाल, मुकेश कोली, मूलचंद कोली, राकेश गुप्ता, अभिषेक सक्सेना, गोल्डी गोराया, सुरेंद्र चौधरी, हीरालाल प्रजापति, नंदलाल प्रजापति, भगत सिंह, जसवंत सिंह, मोहनलाल समेत सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।