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रुद्रपुर में भक्ति की बयार: अखण्ड महानाम संकीर्तन और श्री श्याम कृपा महोत्सव में उमड़ा जनसैलाब

OPS पर निर्णायक हुंकार: “अब नहीं तो 2027 में जवाब मिलेगा” — माखन लाल शाहउपशीर्षक:देहरादून बैठक में NOPRUF ने तय किया आंदोलन का रोडमैप, राज्यभर में रैलियों और कार्यक्रमों का ऐलान

विजडम पब्लिक स्कूल का परचम: उत्कृष्ट परिणामों ने रचा सफलता का नया इतिहास”

“2017 की 68,754 से 2022 के 26,988 तक: अब कांग्रेस के 40 हजार जुड़ते ही 2027 में ठुकराल का जीत समीकरण तैयार?”रुद्रपुर में बदला सियासी समीकरण: ठुकराल की कांग्रेस में एंट्री से 2027 की जंग हुई दिलचस्प, भाजपा के लिए बढ़ी चुनौती

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रुद्रपुर में भाजपा का विजय उत्सव, कार्यकर्ताओं ने मिठाई बांटकर जताई खुशी

रुद्रपुर। भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय में उस समय उत्सव का माहौल बन गया,…

असम विधानसभा चुनाव 2026 में मारीगांव जिले के जागीरोड (एससी) विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी ने शानदार जीत दर्ज की है। भाजपा उम्मीदवार पीयूष हजारिका ने 1,55,129 वोट हासिल कर अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी बुलबुल दास को बड़े अंतर से पराजित किया।

बुलबुल दास को इस चुनाव में 61,545 मतों से संतोष करना पड़ा। अवतार सिंह बिष्ट…

भारतीय जनता पार्टी ने इतिहास में पहली बार 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में एक ऐतिहासिक जीत हासिल की है। इस जीत के साथ ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का 15 साल का शासन समाप्त हो गया है और तृणमूल कांग्रेस का गढ़ ढह गया है।

92.47% की चौंका देने वाली और रिकॉर्ड तोड़ मतदाता भागीदारी से मिली यह जीत राज्य…

पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज (04 मई) एक ऐसा मोड़ आता दिख रहा है जिसकी कल्पना शायद ही किसी ने की थी। कभी ‘अजेय’ मानी जाने वाली ममता बनर्जी का जादू इस बार फीका पड़ गया है।

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने बंगाल के सियासी मैदान में भगवा लहरा दिया है। चुनाव…

दुनिया

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“पैसा बोलता है, राजनीति डोलता है: 90 के दशक की सोच में अटका विपक्ष और आधुनिक भारत की बदलती तस्वीर“सिलेंडर की राजनीति बनाम समृद्धि का सच: बदलता उत्तराखंड, बदलती सोच

सरकार ने शुक्रवार को कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 933 रुपये की भारी बढ़ोतरी की घोषणा की। इससे छोटे व्यवसायों के उस ‘अदृश्य’ नेटवर्क में चिंता की लहर दौड़ गई है, जो हर दिन भारतीयों को खाना खिलाता है।

नारद जयंती 2026: जब ‘देवर्षि नारद’ से सीखती है आधुनिक पत्रकारिता की आत्मा !उत्तराखंड की पत्रकारिता के नारद अवतार सिंह बिष्ट | संपादकीय | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे 4 मई को आएंगे. उससे पहले धुकधुकी बढ़ती ही जा रही है. नतीजों से पहले पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर भविष्यवाणियों का दौर जारी है.

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“2017 की 68,754 से 2022 के 26,988 तक: अब कांग्रेस के 40 हजार जुड़ते ही 2027 में ठुकराल का जीत समीकरण तैयार?”रुद्रपुर में बदला सियासी समीकरण: ठुकराल की कांग्रेस में एंट्री से 2027 की जंग हुई दिलचस्प, भाजपा के लिए बढ़ी चुनौती

रुद्रपुर। आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर रुद्रपुर की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल…

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“पैसा बोलता है, राजनीति डोलता है: 90 के दशक की सोच में अटका विपक्ष और आधुनिक भारत की बदलती तस्वीर“सिलेंडर की राजनीति बनाम समृद्धि का सच: बदलता उत्तराखंड, बदलती सोच

“सिलेंडर की राजनीति बनाम समृद्धि का सच: बदलता उत्तराखंड, बदलती सोच”उत्तराखंड और देश की अर्थव्यवस्था को लेकर इन दिनों जो…

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सरकार ने शुक्रवार को कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 933 रुपये की भारी बढ़ोतरी की घोषणा की। इससे छोटे व्यवसायों के उस ‘अदृश्य’ नेटवर्क में चिंता की लहर दौड़ गई है, जो हर दिन भारतीयों को खाना खिलाता है।

नारद जयंती 2026: जब ‘देवर्षि नारद’ से सीखती है आधुनिक पत्रकारिता की आत्मा !उत्तराखंड की पत्रकारिता के नारद अवतार सिंह बिष्ट | संपादकीय | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे 4 मई को आएंगे. उससे पहले धुकधुकी बढ़ती ही जा रही है. नतीजों से पहले पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर भविष्यवाणियों का दौर जारी है.

पश्चिम बंगाल के फाल्टा विधानसभा क्षेत्र के सभी 285 मतदान केंद्रों पर 21 मई को फिर से मतदान कराया जाएगा, जिसके नतीजे 24 मई को आएंगे. चुनाव आयोग ने प्रदेश की 144-फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में 29 अप्रैल को बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों पर वोटिंग के दौरान हुई गंभीर चुनावी गड़बड़ियों और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के उल्लंघन के मद्देनजर ये फैसला लिया है.

रुद्रपुर में भाजपा का विजय उत्सव, कार्यकर्ताओं ने मिठाई बांटकर जताई खुशी

रुद्रपुर। भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय में उस समय उत्सव का माहौल बन गया, जब पार्टी कार्यकर्ताओं ने विभिन्न राज्यों में मिली जीत को लेकर जोरदार जश्न मनाया। जिलाध्यक्ष…

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असम विधानसभा चुनाव 2026 में मारीगांव जिले के जागीरोड (एससी) विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी ने शानदार जीत दर्ज की है। भाजपा उम्मीदवार पीयूष हजारिका ने 1,55,129 वोट हासिल कर अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी बुलबुल दास को बड़े अंतर से पराजित किया।

बुलबुल दास को इस चुनाव में 61,545 मतों से संतोष करना पड़ा। अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड) जागीरोड विधानसभा सीट,…

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भारतीय जनता पार्टी ने इतिहास में पहली बार 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में एक ऐतिहासिक जीत हासिल की है। इस जीत के साथ ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का 15 साल का शासन समाप्त हो गया है और तृणमूल कांग्रेस का गढ़ ढह गया है।

92.47% की चौंका देने वाली और रिकॉर्ड तोड़ मतदाता भागीदारी से मिली यह जीत राज्य की पहचान में एक बड़े बदलाव का संकेत है, क्योंकि मतदाताओं ने TMC के "बंगाली…

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पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज (04 मई) एक ऐसा मोड़ आता दिख रहा है जिसकी कल्पना शायद ही किसी ने की थी। कभी ‘अजेय’ मानी जाने वाली ममता बनर्जी का जादू इस बार फीका पड़ गया है।

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने बंगाल के सियासी मैदान में भगवा लहरा दिया है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक बीजेपी 191 सीटों पर बढ़त बनाकर बहुमत के जादुई आंकड़े…

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उच्च न्यायालय ने नया नियम हटाया – देशभर के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा झटका सामने आया है। हाईकोर्ट ने हाल ही में एक ऐसा फैसला सुनाया है जिसने लाखों कर्मचारियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।

नए नियम के तहत अब कर्मचारियों को 60 साल नहीं बल्कि 55 साल की उम्र में ही रिटायर किया जाएगा। कोर्ट का कहना है कि प्रशासनिक ढांचे में युवाओं को…

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हिन्दू धर्मग्रंथों में चार युग की संकल्पना की गई है। ये हैं- सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग और कलियुग। माना जाता है कि हर युग में मनुष्आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ?

सतयुग

चारों युगों में से सबसे पहला सतयुग है। वह युग जहां पाप, अधर्म, अन्याय और झूठ के लिए कोई जगह नहीं होता है, सतयुग कहा गया है। पुराणों के अनुसार, सतयुग का प्रारंभ कार्तिक महीने में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था। ग्रंथों में इस युग की अवधि लगभग 17 लाख 28 हजार वर्ष बताई गई है।

इस युग में देवी-देवता पृथ्वी पर मनुष्य की भांति ही रहते थे। कहते हैं, उनकी आयु लगभग 2 लाख वर्ष होती थी। पुष्कर इस युग का सबसे महान तीर्थ था। इस युग में भगवान विष्णु के 10 मुख्य अवतारों में से मत्स्य, कच्छप, वराह और नरसिंह अवतार हुए थे।

त्रेतायुग

ग्रंथों में त्रेतायुग की अवधि लगभग 12 लाख 28 हजार मानी गई है। इस युग की शुरुआत वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि से हुई थी। इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 10,000 वर्ष हुआ करती थी। कहते हैं इस युग सबसे महान तीर्थ नैमिषारण्य था। इस युग में अधर्म का नाश करने के लिए भगवान विष्णु के श्री राम, वामन, परशुराम के अवतार हुए थे।

द्वापरयुग

पुराणों के मुताबिक, द्वापर युग की अवधि लगभग 8 लाख 64 हजार है। यह युग माघ माह के कृष्ण अमावस्या से शुरू हुआ था। हिंदू धर्म ग्रंथों में इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 1000 वर्ष बताई गई है। इस युग का सर्वश्रेष्ठ तीर्थ कुरुक्षेत्र को माना गया है। द्वापर युग में भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण ने धरती पर जन्म लेकर कंस जैसे दुष्टों का संहार किया था।

कलियुग

वर्तमान युग यानी कलियुग की अवधि तीनों युगों में सबसे कम है। इस युग की अवधि 4 लाख 32 हजार वर्ष बताई जाती है। कलियुग की शुरुआत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि से मानी जाती है। यह तिथि इस साल सोमवार 30 सितंबर, 2024 को पड़ रही है।

हैरत की बात है कि इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 100 वर्ष ही रह गई है। वहीं, गंगा नदी को कलियुग का सबसे पवित्र तीर्थ स्थान बताया गया है। इस युग में भगवान विष्णु के 9वें अवतार भगवान बुद्ध का जन्म हुआ। भगवान विष्णु का 10वां अवतार कल्कि के रूप में कलियुग के अंत में होगा।

कब खत्म होगा कलियुग?

भारतीय काल-निर्णय के अनुसार कलियुग का अंत होने में अभी 4 लाख 26 हजार 875 साल बाकी हैं। इस समय कलियुग का प्रथम चरण चल रहा है और कलियुग के मात्र 5 हजार 125 साल हुए हैं। बता दें कि कलयुग के कुल अवधि 4 लाख 32 हजार साल के बताई गई है।य की बनावट से लेकर उसके व्यवहार और उम्र में कुछ परिवर्तन आए हैं।

   आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ? सतयुग…

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ताकि सनत रहे नगला पंतनगर, 1960 के दशक से लेकर 1980 तक लोगों की बसायत हुई नगला में, अवगत कराते हुए की नगला में निवास करने वाले लोगों में भारतीय सेवा की तरफ से द्वितीय विश्व युद्ध 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। वही कारगिल युद्ध में भीनगला के लोगों ने भारतीय सेना की तरफ से प्रतिभागी किया। जिसमें 1965 और 70 के बीच नगला में निवासरत, स्वर्गीय सूबेदार मेजर खड़क सिंह बिष्ट जिन्होंने19 71,1965 और 1962 की युद्ध में भारतीय सेना में प्रतिभा किया, नगला बायपास निवासी स्वर्गीय लेस नायक प्रेमचंद पांडे, जो की 1965 से नगला में निवास कर रहे हैं ।द्वितीय विश्व युद्ध 1962 और 1965 की लड़ाई में छह माह तक चीन में कैद रहे.। स्वर्गीय हवलदार मेजर धर्म सिंह का परिवार नगला में 1972 से निवास कर रहे हैं,। 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देते हुए भारतीय सेना की तरफ से लड़ाई लड़ी। स्वर्गीय सूबेदार आलम सिंह बिष्ट 1982 से नगला में निवासरत 1962 1965 1971 में भारतीय सेना की तरफ से युद्ध में हिस्सा लिया। कर्नल प्रताप सिंह, कारगिल युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। बोफोर्स तोप एवं रडार सिस्टम का पूर्ण रूप से प्रतिनिधित्व किया जिन्होंने कारगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाई। राजस्थान बॉर्डर पर अपना एक पाव गवा चुके हैं। सूबेदार आलम सिंह के नाती वर्तमान में आर्मी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर एनडीए रजत बिष्ट S/0 नंदन सिंह बिष्ट के दो पुत्र एनडीए क्वालीफाई करने के उपरांत थल सेना में लेफ्टिनेंट एवं जल सेना में कैप्टन उदित बिष्ट अपनी सेवाएं दे रहे हैं। स्वर्गीय इंदर सिंह थापा 1965 1971 की लड़ाई में वही उनके पुत्र लक्ष्मण सिंह थापा भारतीय सेना से हाल फिलहाल रिटायर हुए हैं। त्रिलोक सिंह जिन्होंने भारतीय सेवा में अपने 8 साल दिए हैं। स्वर्गीय भीम सिंह बिष्ट पैरा कमांडो, आदि कई अन्य लोगों ने जो नगला क्षेत्र में निवास कर रहे हैं देश के लिए बहुत कुछ किया है, वहीं अगर उत्तराखंड राज्य आंदोलन की बात की जाए ,नगला क्षेत्र से अवतार सिंह बिष्ट, हरीश जोशी, एवं उनके परिवार के दो अन्य सदस्य, जगदीश बोहरा, प्रकाश पुजारी, जो की चिन्हित राज्य आंदोलनकारी हैं। परिवार के साथ नगला में 1976 से निवास करते हैं,। उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ-साथ, उधम सिंह नगर को उत्तराखंड में मिलने के लिए 24,36 व 72 घंटे का जाम और उत्तराखंड राज्य आंदोलन में अनगिनत आंदोलन इनके द्वारा किए गए। दिल्ली फिरोजशाह कोटला मैदान से इंडिया गेट तक का मार्च पास्ट एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। उत्तराखंड राज्य गठन मै महत्वपूर्ण भूमिका इन की रही है। ताकि सनत रहे, उत्तराखंड राज्य आंदोलन में पूरा नगला क्षेत्र एक जुटता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जिसमें सभी जाति धर्म के लोग सम्मिलित होते थे ,मिल का पत्थर साबित हुआ था। पूरे उधम सिंह नगर में नगला क्षेत्र का जबरदस्त ,,विशेष,, असर देखने को मिलता था । नगला की खबर उधम सिंह नगर की खबर बन जाती थी। जिस नगला क्षेत्र को तोड़ने की चर्चा आजकल चल रही है । नगला वासियों ने देश व प्रदेश को एवं समाज को बहुत कुछ दिया है। आज जब नगला क्षेत्र को तोड़ने की कवायत चल रही है। राजेश शुक्ला पूर्व विधायक के द्वारा सराहनीय कार्य नगला को बचाने के लिए किया जा रहा है। नगला क्षेत्र को तोड़ने के लिए सरकारी महकमा भी कहीं ना कहीं असहज महसूस कर रहा है। हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की तरफ से हम सरकार से मांग करते हैं नगला क्षेत्र के लोगों का एवं नगला मै निवास कर रहे लोगों के अधिकार सुरक्षित हो, विधानसभा पटल पर नगला क्षेत्र को लंबे समय से निवास कर रहे लोगों को मलिकाना हक दिया जाए। और देश, प्रदेश व समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नगला ,पंतनगर वासियों के अधिकार सुरक्षित किये जाए। उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना थी, उत्तराखंड के मूल निवासियों के अधिकार सुरक्षित होंगे। लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार में सबसे ज्यादा जिन्हें नुकसान हुआ है या फिर जिनके घर तोड़ दिए गए या फिर तोड़ दिया जाएंगे। नगला वासी 60 ,70, 80 के दशक में उन जगहों पर नगला मै विस्थापित हो चुके थे ।जिन्हें आज सरकार अपना बता रहीहैं। नगला वासी की निगाहें उत्तराखंड सरकार पर हैं ।असमंजस की स्थिति नगला क्षेत्र में बनी हुई है। एक और जहां लोगों के अंदर आक्रोश है। वहीं दूसरी ओर अपने जीवन की महत्वपूर्ण जमा पूंजी व अपने मेहनत के दम पर खड़े किए गए कंक्रीट के मकान उनके दर्द को बाया कर रहे हैं। महिलाएं वह बच्चे पथराई आंखों से अपने टूटे हुए घर को देखकर स्तंभ है। लोगों के अंदर दहशत का माहौल है। उम्मीद की एक किरण धामी सरकार पर है। जो नगला को बचा सकती है।

Hindustan Global Times, Avtar Singh Bisht, journalist from Uttarakhand नगला, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी एवं भारतीय सेना, मैं महत्वपूर्ण भूमिका रही है नगला कवाशियो की ताकि सनत रहे नगला के…

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कत्यूरी सम्राट प्रीतम देव की महारानी जिया का नाम उत्तराखंड की वीर और पौराणिक गाथाओं में सम्मान से लिया जाता है। कत्यूरी राजवंश में माता को जिया कहा जाता है, इसलिए उन्हें जिया रानी कहा जाता है।इतिहासकारों और स्‍थानीय लोगों के मुताबिक जिया रानी धामदेव की मां थी और प्रख्यात उत्तराखंडी लोककथा नायक मालूशाही की दादी थीं। कहा जाता है कि जिया रानी हल्‍द्वानी के रानीबाग में रहीं थीं और उन्होंने यहां अपना बाग सजाया था। जिस कारण इस जगह का नाम रानीबाग पड़ा। जिया रानी पर कई कहावते प्रचलित हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में… रानीबाग में जिया रानी का मंदिर है। माता जिया रानी की गुफा आज भी रानीबाग में स्थित है। मान्‍यता है कि वह गुफा से वह सीधे हरिद्वार निकली थीं। यहां एक विशाल शिला है, जिसे जिया रानी का घाघरा मानकर लोग पूजते हैं। स्‍थानीय परंपराओं के अनुसार माता जिया रानी कत्यूरी वंश की रानी थीं। हर साल मकर संक्रांति के अवसर पर रानीबाग में कत्यूरी वंश के लोग और सैकड़ों स्‍थानीय लोग अपने परिवार सहित सामूहित पूजा करते हैं। जिसे जागर हैं। उत्तराखंड में जिया रानी की गुफा के बारे में एक किवदंती प्रचलित है। कहा जाता है रानी जिया कत्यूरी राजा पृथ्वीपाल उर्फ प्रीतमदेव की पत्नी थी। वह रानीबाग में चित्रेश्वर महादेव के दर्शन करने आई थीं। रानी जिया बेहद सुंदर थीं। जैसे ही रानी नहाने के लिए नदी पर पहुंचीं तो वहां रुहेलों की सेना ने वहां घेरा डाल दिया। इस दौरान उन्होंने अपने ईष्ट देवताओं का स्मरण किया और गार्गी नदी के पत्थरों में ही समा गईं। नदी के किनारे एक विचित्र रंग की शिला आज भी वहां देखने को मिलती है, जिसे चित्रशिला कहा जाता है। जिया रानी को कुमाऊं में न्याय की देवी के रूप में पूजा जाता है। इतना ही नहीं जिया रानी कई कुलों की आराध्‍य देवी भी हैं।क्या है माता जिया रानी का असली नाम?जिया रानी का वास्तविक नाम मौला देवी था, जो हरिद्वार के राजा अमरदेव पुंडीर की पुत्री थीं। मौला देवी राजा प्रीतमपाल की दूसरी रानी थीं। मौला देवी को राजमाता का दर्जा मिला और उस क्षेत्र में माता को जिया कहा जाता था, इसलिए उनका नाम जिया रानी पड़ गया।क्‍यों कहलाई कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई?माता जिया रानी को कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई कहा जाता है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि माता जिया रानी ने रोहिलो और तुर्कों के आक्रमण के दौरान कुमाऊं की रक्षा की थी और युद्ध में बलिदानी हुईं थी।

स्‍थानीय लोगों का मानना है कि युद्ध के समय जिया रानी ने हीरे-मोती जड़ित लहंगा पहना था। जो बाद में पत्थर बन गया। ये पत्थर आज भी है रानीबाग में…

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भारत की रक्षा ताकत D को नई ऊंचाई पर ले जाने वाला एक बड़ा कदम सामने आया है. DRDO (रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन) ने एक ऐसा एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम तैयार किया है जो दुश्मन की न्यूक्लियर मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर सकता है.

यह स्वदेशी बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस (BMD) सिस्टम भारत की अपनी तकनीक से विकसित किया गया है और यह दुश्मन की मिसाइल को धरती पर गिरने से पहले ही नष्ट कर […]

🚗 पर्यटन और वाहनों से बढ़ता प्रदूषण: पहाड़ों की सांस घुटने लगी है उत्तराखंड के पहाड़ी शहरों—विशेषकर नैनीताल, मसूरी, रामनगर, ऋषिकेश और चंपावत—में इन दिनों मैदानी गर्मी और स्कूलों की छुट्टियों के चलते पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। हर दिन हजारों की संख्या में गाड़ियां पर्वतीय सड़कों पर चढ़ाई कर रही हैं। इसका सीधा असर उत्तराखंड की वायु गुणवत्ता और पर्यावरणीय संतुलन पर पड़ रहा है। जहाँ एक ओर पर्यटन प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी है, वहीं दूसरी ओर अनियंत्रित वाहन प्रवाह ने धुंध, प्रदूषण और ट्रैफिक जाम की विकराल समस्या पैदा कर दी है। नैनीताल और मसूरी जैसे शहरों में स्थिति यह हो चुकी है कि घंटों तक गाड़ियां रेंगती हैं, और पर्यटक व स्थानीय नागरिक दोनों ही दमघोंटू हवा में फँस जाते हैं। वाहनों से निकलने वाला धुआँ, पहाड़ों पर धीरे-धीरे फैलती धुंध, और ऑक्सीजन की गिरती मात्रा अब चिंता का विषय बन चुकी है। न केवल पर्यावरणीय दृष्टि से यह खतरनाक है, बल्कि स्वास्थ्य के लिहाज से भी—बच्चे, बुज़ुर्ग और अस्थमा के मरीज सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। स्थानीय प्रशासन को चाहिए कि वह पार्किंग की सीमा निर्धारित करे, पर्यटन सीजन में बाहरी वाहनों की संख्या सीमित करे और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दे। नहीं तो आने वाले वर्षों में “प्राकृतिक सौंदर्य की देवभूमि” केवल पोस्टकार्ड में ही दिखाई देगी—वास्तविकता में नहीं।

उत्तराखंड में तापमान, धुंध और प्रदूषण का खतरा: मानसून की दस्तक से पहले क्यों बिगड़ रहा है पहाड़ों का मौसम? ✍️ संवाददाता: अवतार सिंह बिष्ट, उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी / शैल […]

भा रत के चुनाव आयोग (ईसीआई) की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। विपक्षी दलों, विशेष रूप से कांग्रेस पार्टी, ने अब बिहार को लेकर हरियाणा और महाराष्ट्र चुनावों में मतदाता सूचियों में की गई हेराफेरी की आशंका जताई है।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इंडियन एक्सप्रेस में एक लेख लिखकर दावा किया कि इन राज्यों में मतदाता सूचियों में हेरफेर कर “चुनाव चोरी” किया गया और […]

इं दौर की सोनम ने शादी के 9 दिन बाद पति राजा रघुवंशी को शिलांग हनीमून के बहाने ले जाकर उसकी हत्या करा दी. 17 दिन तक लापता रहने के बाद सोनम गाजीपुर से हिरासत में ली गई. मेघालय पुलिस ने हत्या में शामिल तीन शूटरों को भी पकड़ा है.

सीसीटीवी और कॉल रिकॉर्डिंग ने साजिश का पर्दाफाश किया है. सोनम रघुवंशी, जिसने अभी 11 मई को इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी से शादी की थी, अब पति की […]

मणिपुर एक बार फिर हिंसा की आग में जल उठा है. हालात लगातार बेकाबू होते नजर आ रहे हैं. मैतेई समुदाय के नेता कानन सिंह की गिरफ्तारी के प्रदर्शन और उग्र हो गया है. राजधानी इंफाल सहित कई जिलों में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है.

दरअसल, सीबीआई ने अरंबाई तेंगोल के सदस्य कानन सिंह को इंफाल एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया. संवाददाता,शैल ग्लोबल टाइम्स/ हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स /उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी, अवतार सिंह बिष्ट यह गिरफ्तारी 2023 […]

मध्य प्रदेश के राजा रघुवंशी की पत्नी सोनम रघुवंशी ने उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में सरेंडर कर दिया है. राजा और सोनम शिलांग में एक साथ गायब हुए थे. पुलिस को सर्च ऑपरेशन के दौरान राजा की लाश मिली थी.

वहीं सोनम का पता नहीं चल पाया था, लेकिन सोमवार को सोनम भी मिल गई. अब इस मामले में बहुत बड़ा मोड़ आया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक पूछताछ में पता […]

मेघालय के शिलांग में राजा रघुवंशी की मौत का मामला सुर्खियों में बना हुआ है। राजा रघुवंशी की पत्नी सोनम रघुवंशी रविवार की रात उत्तर प्रदेश के गाजीपुर के एक ढाबे में बदहवास हालत में मिली, जिसे पुलिस ने वन स्टॉप सेंटर में रखा गया है।

जिस ढाबे में सोनम मिली उसके मालिक साहिल ने बताया कि वह ढाबे तक पैदल ही पहुंची थी। सोनम रघुवंशी नंदगंज के काशी चाय जायका पर रात में करीब एक […]

उत्तराखंड में इस बार वीकेंड पर सड़कों पर बुरा हाल हो गया. यहां घूमने आए पर्यटक घंटों जाम में फंसे रहे. प्रदेश के विभिन्न इलाकों में लंबे जाम लग गया. देहरादून, ऋषिकेश, देहरादून, मसूरी, हल्द्वानी, नैनीताल, रामनगर, कॉर्बेट इन सभी इलाकों में कई किलोमीटर लंबा जाम देखा गया.

रामनगर से जिम कॉर्बेट तक जाने वाली सड़क पर लगभग 21 किलोमीटर लंबा जाम देर रात 12 बजे तक लग रहा. ये हाल तब है जब ठीक से अभी पर्यटन […]

अज्ञात वाहन की टक्कर से दो बाइक सवार युवकों की मौत, एक घायल; डंपर से हादसे का अनुमान

किच्छा। अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार दो युवकों की मृत्यु हो गई। उनका साथी गंभीर रूप से घायल है। रविवार देर रात 18 वर्षीय अर्जुन, 19 वर्षीय प्रजव्वल […]

पोकलेन की हिंसा नहीं, इंसाफ की आवाज चाहिए – सतपुली की सड़क पर बहा मानवता का खून” लेखक: अवतार सिंह बिष्ट, संपादक – हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स

उत्तराखंड की शांत वादियों में बसे पौड़ी जनपद के सतपुली क्षेत्र में एक ऐसी हृदयविदारक घटना घटी, जिसने सभ्य समाज की आत्मा को झकझोर दिया। एक मामूली सी कहासुनी के […]