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ईरान के एकमात्र एक्टिव न्यू्क्लियर पावर प्लांट बुशहर के पास मंगलवार (17 मार्च 2026) की शाम प्रोजेक्टाइल मिसाइल से हमला किया गया, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया. हालांकि राहत की बात यह है कि प्लांट को कोई नुकसान नहीं हुआ और कोई भी कर्मचारी घायल नहीं हुआ.

पश्चिमी एशिया में जारी युद्ध के बीच एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। इज़रायल ने अमेरिका को गुप्त रूप से चेतावनी दी है कि ईरान की सत्ता पर पकड़ अभी भी बेहद मज़बूत है। जहाँ एक ओर इज़रायल सार्वजनिक रूप से ईरानी जनता को विद्रोह के लिए उकसा रहा है, वहीं निजी तौर पर उसका मानना है कि किसी भी बड़े जन-आंदोलन का अंत भयानक ‘नरसंहार’ (Massacre) के रूप में हो सकता है।

ईरान के साथ जंग में अमेरिका अकेला पड़ चुका है. उसका साथ कोई नहीं दे रहा है. ऐसे में अब अमेरिका ने अकेले ही ईरान से आर-पार की जंग लड़ने की ठान ली है. अमेरिका अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अकेले ईरान के कब्जे से मुक्त कराने में जुट गया है.

फौजी मटकोटा में गूंजेगा मां भुवनेश्वरी का जयकारा, 14 अप्रैल को पहुंचेगी दिव्य डोली

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संपादकीय: उत्तराखंड में UCC — समानता की पहल या सामाजिक संतुलन की चुनौती?

उत्तराखंड ने देश में सबसे पहले यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू कर एक ऐतिहासिक पहल…

संपादकीय: डॉक्टरों की नियुक्ति या घोषणाओं की राजनीति? पहाड़ अब भी इंतज़ार में…

उत्तराखंड,धन सिंह रावत द्वारा 30 नए विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती को मंजूरी—कागज़ों पर यह खबर…

रुद्रपुर,नई दिल्ली। सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को लोकसभा को बताया कि पिछले महीने तक सहारा ग्रुप की सहकारी समितियों के 40 लाख से अधिक जमाकर्ताओं को लगभग 8,800 करोड़ रुपये लौटाए जा चुके हैं।

8,800 करोड़ रुपये लौटाए गए अमित शाह ने प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि…

उत्तराखंड नई शिक्षा नीति 2020 के तहत स्कूल शिक्षा में बड़े बदलाव की तैयारी की गई है। NCERT ने सिलेबस और किताबों में बदलाव का फैसला लिया है। इसका उद्देश्य पढ़ाई को अधिक आधुनिक और उपयोगी बनाना है।

छात्रों को अब व्यावहारिक और स्किल आधारित शिक्षा दी जाएगी। बदलाव चरणबद्ध तरीके से लागू…

दुनिया

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19 मार्च, 2026, धार्मिक और ज्योतिषीय, दोनों ही दृष्टिकोणों से एक अत्यंत महत्वपूर्ण दिन होने वाला है। इसका कारण यह है कि इस एक ही दिन कई प्रमुख त्योहार, व्रत और दुर्लभ खगोलीय संयोग एक साथ घटित हो रहे हैं; परिणामस्वरूप, 19 मार्च को ‘सुपर कंजंक्शन’ या ‘महा संयोग’ (*Maha Samyog*) के दिन के रूप में सराहा जा रहा है।

ईरान के एकमात्र एक्टिव न्यू्क्लियर पावर प्लांट बुशहर के पास मंगलवार (17 मार्च 2026) की शाम प्रोजेक्टाइल मिसाइल से हमला किया गया, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया. हालांकि राहत की बात यह है कि प्लांट को कोई नुकसान नहीं हुआ और कोई भी कर्मचारी घायल नहीं हुआ.

पश्चिमी एशिया में जारी युद्ध के बीच एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। इज़रायल ने अमेरिका को गुप्त रूप से चेतावनी दी है कि ईरान की सत्ता पर पकड़ अभी भी बेहद मज़बूत है। जहाँ एक ओर इज़रायल सार्वजनिक रूप से ईरानी जनता को विद्रोह के लिए उकसा रहा है, वहीं निजी तौर पर उसका मानना है कि किसी भी बड़े जन-आंदोलन का अंत भयानक ‘नरसंहार’ (Massacre) के रूप में हो सकता है।

ईरान के साथ जंग में अमेरिका अकेला पड़ चुका है. उसका साथ कोई नहीं दे रहा है. ऐसे में अब अमेरिका ने अकेले ही ईरान से आर-पार की जंग लड़ने की ठान ली है. अमेरिका अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अकेले ईरान के कब्जे से मुक्त कराने में जुट गया है.

Express News

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ईरान के साथ जंग में अमेरिका अकेला पड़ चुका है. उसका साथ कोई नहीं दे रहा है. ऐसे में अब अमेरिका ने अकेले ही ईरान से आर-पार की जंग लड़ने की ठान ली है. अमेरिका अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अकेले ईरान के कब्जे से मुक्त कराने में जुट गया है.

जी हां, इसी सिलसिले में अमेरिका ने होर्मुज के पास 23 क्विंटल के खतरनाक बमों की बमबारी की है. इस…

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फौजी मटकोटा में गूंजेगा मां भुवनेश्वरी का जयकारा, 14 अप्रैल को पहुंचेगी दिव्य डोली

रुद्रपुर। आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम आगामी दिनों में फौजी मटकोटा स्थित दश महाविद्या जग जननी मां भुवनेश्वरी देवी…

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सनातन चिंतन को नई दिशा देता “सृष्टिदर्शन”: गुरुग्राम में भव्य विमोचन

उत्तराखंड,चारधाम यात्रा के लिए व्यावसायिक वाहनों के ग्रीन कार्ड 23 मार्च से बनने शुरू हो जाएंगे। दुर्घटना नियंत्रण के लिए ग्रीन कार्ड बनाने को वाहनों की फिटनेस जांच को लेकर परिवहन विभाग इस बार अतिरिक्त सतर्कता बरतने का दावा कर रहा है।

इस साल, चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू होने वाली है। इस भव्य त्योहार की शुरुआत पहले दिन घटस्थापना (कलश स्थापना) की रस्म के साथ होगी। नवरात्रि के उत्सव 27 मार्च को महानवमी के साथ समाप्त होंगे।

18 March 2026: पढ़ें अपना दैनिक राशिफल (Dainik Rashifal) और जानें अपना आज का भविष्य। आज का राशिफल (Daily Horoscope), वैदिक ज्योतिष की गणना पर आधारित है। इस राशिफल (Dainik Rashifal) की मदद से आप यह जान सकते हैं कि आज का दिन आपके लिए कैसा बीतेगा।

संपादकीय: उत्तराखंड में UCC — समानता की पहल या सामाजिक संतुलन की चुनौती?

उत्तराखंड ने देश में सबसे पहले यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू कर एक ऐतिहासिक पहल जरूर की है, लेकिन इस कानून के प्रभाव अब धीरे-धीरे समाज की गहराइयों में दिखने…

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संपादकीय: डॉक्टरों की नियुक्ति या घोषणाओं की राजनीति? पहाड़ अब भी इंतज़ार में…

उत्तराखंड,धन सिंह रावत द्वारा 30 नए विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती को मंजूरी—कागज़ों पर यह खबर उम्मीद जगाती है। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि इससे पर्वतीय जिलों में चिकित्सा सेवाएं…

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रुद्रपुर,नई दिल्ली। सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को लोकसभा को बताया कि पिछले महीने तक सहारा ग्रुप की सहकारी समितियों के 40 लाख से अधिक जमाकर्ताओं को लगभग 8,800 करोड़ रुपये लौटाए जा चुके हैं।

8,800 करोड़ रुपये लौटाए गए अमित शाह ने प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि फरवरी 2026 तक सीआरसीएस- सहारा रिफंड पोर्टल पर निवेशकों ने 1.45 करोड़ आवेदन और 4.06…

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उत्तराखंड नई शिक्षा नीति 2020 के तहत स्कूल शिक्षा में बड़े बदलाव की तैयारी की गई है। NCERT ने सिलेबस और किताबों में बदलाव का फैसला लिया है। इसका उद्देश्य पढ़ाई को अधिक आधुनिक और उपयोगी बनाना है।

छात्रों को अब व्यावहारिक और स्किल आधारित शिक्षा दी जाएगी। बदलाव चरणबद्ध तरीके से लागू किए जाएंगे। इससे शिक्षा प्रणाली में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। अवतार सिंह बिष्ट |…

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उच्च न्यायालय ने नया नियम हटाया – देशभर के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा झटका सामने आया है। हाईकोर्ट ने हाल ही में एक ऐसा फैसला सुनाया है जिसने लाखों कर्मचारियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।

नए नियम के तहत अब कर्मचारियों को 60 साल नहीं बल्कि 55 साल की उम्र में ही रिटायर किया जाएगा। कोर्ट का कहना है कि प्रशासनिक ढांचे में युवाओं को…

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हिन्दू धर्मग्रंथों में चार युग की संकल्पना की गई है। ये हैं- सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग और कलियुग। माना जाता है कि हर युग में मनुष्आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ?

सतयुग

चारों युगों में से सबसे पहला सतयुग है। वह युग जहां पाप, अधर्म, अन्याय और झूठ के लिए कोई जगह नहीं होता है, सतयुग कहा गया है। पुराणों के अनुसार, सतयुग का प्रारंभ कार्तिक महीने में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था। ग्रंथों में इस युग की अवधि लगभग 17 लाख 28 हजार वर्ष बताई गई है।

इस युग में देवी-देवता पृथ्वी पर मनुष्य की भांति ही रहते थे। कहते हैं, उनकी आयु लगभग 2 लाख वर्ष होती थी। पुष्कर इस युग का सबसे महान तीर्थ था। इस युग में भगवान विष्णु के 10 मुख्य अवतारों में से मत्स्य, कच्छप, वराह और नरसिंह अवतार हुए थे।

त्रेतायुग

ग्रंथों में त्रेतायुग की अवधि लगभग 12 लाख 28 हजार मानी गई है। इस युग की शुरुआत वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि से हुई थी। इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 10,000 वर्ष हुआ करती थी। कहते हैं इस युग सबसे महान तीर्थ नैमिषारण्य था। इस युग में अधर्म का नाश करने के लिए भगवान विष्णु के श्री राम, वामन, परशुराम के अवतार हुए थे।

द्वापरयुग

पुराणों के मुताबिक, द्वापर युग की अवधि लगभग 8 लाख 64 हजार है। यह युग माघ माह के कृष्ण अमावस्या से शुरू हुआ था। हिंदू धर्म ग्रंथों में इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 1000 वर्ष बताई गई है। इस युग का सर्वश्रेष्ठ तीर्थ कुरुक्षेत्र को माना गया है। द्वापर युग में भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण ने धरती पर जन्म लेकर कंस जैसे दुष्टों का संहार किया था।

कलियुग

वर्तमान युग यानी कलियुग की अवधि तीनों युगों में सबसे कम है। इस युग की अवधि 4 लाख 32 हजार वर्ष बताई जाती है। कलियुग की शुरुआत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि से मानी जाती है। यह तिथि इस साल सोमवार 30 सितंबर, 2024 को पड़ रही है।

हैरत की बात है कि इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 100 वर्ष ही रह गई है। वहीं, गंगा नदी को कलियुग का सबसे पवित्र तीर्थ स्थान बताया गया है। इस युग में भगवान विष्णु के 9वें अवतार भगवान बुद्ध का जन्म हुआ। भगवान विष्णु का 10वां अवतार कल्कि के रूप में कलियुग के अंत में होगा।

कब खत्म होगा कलियुग?

भारतीय काल-निर्णय के अनुसार कलियुग का अंत होने में अभी 4 लाख 26 हजार 875 साल बाकी हैं। इस समय कलियुग का प्रथम चरण चल रहा है और कलियुग के मात्र 5 हजार 125 साल हुए हैं। बता दें कि कलयुग के कुल अवधि 4 लाख 32 हजार साल के बताई गई है।य की बनावट से लेकर उसके व्यवहार और उम्र में कुछ परिवर्तन आए हैं।

   आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ? सतयुग…

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ताकि सनत रहे नगला पंतनगर, 1960 के दशक से लेकर 1980 तक लोगों की बसायत हुई नगला में, अवगत कराते हुए की नगला में निवास करने वाले लोगों में भारतीय सेवा की तरफ से द्वितीय विश्व युद्ध 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। वही कारगिल युद्ध में भीनगला के लोगों ने भारतीय सेना की तरफ से प्रतिभागी किया। जिसमें 1965 और 70 के बीच नगला में निवासरत, स्वर्गीय सूबेदार मेजर खड़क सिंह बिष्ट जिन्होंने19 71,1965 और 1962 की युद्ध में भारतीय सेना में प्रतिभा किया, नगला बायपास निवासी स्वर्गीय लेस नायक प्रेमचंद पांडे, जो की 1965 से नगला में निवास कर रहे हैं ।द्वितीय विश्व युद्ध 1962 और 1965 की लड़ाई में छह माह तक चीन में कैद रहे.। स्वर्गीय हवलदार मेजर धर्म सिंह का परिवार नगला में 1972 से निवास कर रहे हैं,। 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देते हुए भारतीय सेना की तरफ से लड़ाई लड़ी। स्वर्गीय सूबेदार आलम सिंह बिष्ट 1982 से नगला में निवासरत 1962 1965 1971 में भारतीय सेना की तरफ से युद्ध में हिस्सा लिया। कर्नल प्रताप सिंह, कारगिल युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। बोफोर्स तोप एवं रडार सिस्टम का पूर्ण रूप से प्रतिनिधित्व किया जिन्होंने कारगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाई। राजस्थान बॉर्डर पर अपना एक पाव गवा चुके हैं। सूबेदार आलम सिंह के नाती वर्तमान में आर्मी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर एनडीए रजत बिष्ट S/0 नंदन सिंह बिष्ट के दो पुत्र एनडीए क्वालीफाई करने के उपरांत थल सेना में लेफ्टिनेंट एवं जल सेना में कैप्टन उदित बिष्ट अपनी सेवाएं दे रहे हैं। स्वर्गीय इंदर सिंह थापा 1965 1971 की लड़ाई में वही उनके पुत्र लक्ष्मण सिंह थापा भारतीय सेना से हाल फिलहाल रिटायर हुए हैं। त्रिलोक सिंह जिन्होंने भारतीय सेवा में अपने 8 साल दिए हैं। स्वर्गीय भीम सिंह बिष्ट पैरा कमांडो, आदि कई अन्य लोगों ने जो नगला क्षेत्र में निवास कर रहे हैं देश के लिए बहुत कुछ किया है, वहीं अगर उत्तराखंड राज्य आंदोलन की बात की जाए ,नगला क्षेत्र से अवतार सिंह बिष्ट, हरीश जोशी, एवं उनके परिवार के दो अन्य सदस्य, जगदीश बोहरा, प्रकाश पुजारी, जो की चिन्हित राज्य आंदोलनकारी हैं। परिवार के साथ नगला में 1976 से निवास करते हैं,। उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ-साथ, उधम सिंह नगर को उत्तराखंड में मिलने के लिए 24,36 व 72 घंटे का जाम और उत्तराखंड राज्य आंदोलन में अनगिनत आंदोलन इनके द्वारा किए गए। दिल्ली फिरोजशाह कोटला मैदान से इंडिया गेट तक का मार्च पास्ट एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। उत्तराखंड राज्य गठन मै महत्वपूर्ण भूमिका इन की रही है। ताकि सनत रहे, उत्तराखंड राज्य आंदोलन में पूरा नगला क्षेत्र एक जुटता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जिसमें सभी जाति धर्म के लोग सम्मिलित होते थे ,मिल का पत्थर साबित हुआ था। पूरे उधम सिंह नगर में नगला क्षेत्र का जबरदस्त ,,विशेष,, असर देखने को मिलता था । नगला की खबर उधम सिंह नगर की खबर बन जाती थी। जिस नगला क्षेत्र को तोड़ने की चर्चा आजकल चल रही है । नगला वासियों ने देश व प्रदेश को एवं समाज को बहुत कुछ दिया है। आज जब नगला क्षेत्र को तोड़ने की कवायत चल रही है। राजेश शुक्ला पूर्व विधायक के द्वारा सराहनीय कार्य नगला को बचाने के लिए किया जा रहा है। नगला क्षेत्र को तोड़ने के लिए सरकारी महकमा भी कहीं ना कहीं असहज महसूस कर रहा है। हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की तरफ से हम सरकार से मांग करते हैं नगला क्षेत्र के लोगों का एवं नगला मै निवास कर रहे लोगों के अधिकार सुरक्षित हो, विधानसभा पटल पर नगला क्षेत्र को लंबे समय से निवास कर रहे लोगों को मलिकाना हक दिया जाए। और देश, प्रदेश व समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नगला ,पंतनगर वासियों के अधिकार सुरक्षित किये जाए। उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना थी, उत्तराखंड के मूल निवासियों के अधिकार सुरक्षित होंगे। लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार में सबसे ज्यादा जिन्हें नुकसान हुआ है या फिर जिनके घर तोड़ दिए गए या फिर तोड़ दिया जाएंगे। नगला वासी 60 ,70, 80 के दशक में उन जगहों पर नगला मै विस्थापित हो चुके थे ।जिन्हें आज सरकार अपना बता रहीहैं। नगला वासी की निगाहें उत्तराखंड सरकार पर हैं ।असमंजस की स्थिति नगला क्षेत्र में बनी हुई है। एक और जहां लोगों के अंदर आक्रोश है। वहीं दूसरी ओर अपने जीवन की महत्वपूर्ण जमा पूंजी व अपने मेहनत के दम पर खड़े किए गए कंक्रीट के मकान उनके दर्द को बाया कर रहे हैं। महिलाएं वह बच्चे पथराई आंखों से अपने टूटे हुए घर को देखकर स्तंभ है। लोगों के अंदर दहशत का माहौल है। उम्मीद की एक किरण धामी सरकार पर है। जो नगला को बचा सकती है।

Hindustan Global Times, Avtar Singh Bisht, journalist from Uttarakhand नगला, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी एवं भारतीय सेना, मैं महत्वपूर्ण भूमिका रही है नगला कवाशियो की ताकि सनत रहे नगला के…

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कत्यूरी सम्राट प्रीतम देव की महारानी जिया का नाम उत्तराखंड की वीर और पौराणिक गाथाओं में सम्मान से लिया जाता है। कत्यूरी राजवंश में माता को जिया कहा जाता है, इसलिए उन्हें जिया रानी कहा जाता है।इतिहासकारों और स्‍थानीय लोगों के मुताबिक जिया रानी धामदेव की मां थी और प्रख्यात उत्तराखंडी लोककथा नायक मालूशाही की दादी थीं। कहा जाता है कि जिया रानी हल्‍द्वानी के रानीबाग में रहीं थीं और उन्होंने यहां अपना बाग सजाया था। जिस कारण इस जगह का नाम रानीबाग पड़ा। जिया रानी पर कई कहावते प्रचलित हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में… रानीबाग में जिया रानी का मंदिर है। माता जिया रानी की गुफा आज भी रानीबाग में स्थित है। मान्‍यता है कि वह गुफा से वह सीधे हरिद्वार निकली थीं। यहां एक विशाल शिला है, जिसे जिया रानी का घाघरा मानकर लोग पूजते हैं। स्‍थानीय परंपराओं के अनुसार माता जिया रानी कत्यूरी वंश की रानी थीं। हर साल मकर संक्रांति के अवसर पर रानीबाग में कत्यूरी वंश के लोग और सैकड़ों स्‍थानीय लोग अपने परिवार सहित सामूहित पूजा करते हैं। जिसे जागर हैं। उत्तराखंड में जिया रानी की गुफा के बारे में एक किवदंती प्रचलित है। कहा जाता है रानी जिया कत्यूरी राजा पृथ्वीपाल उर्फ प्रीतमदेव की पत्नी थी। वह रानीबाग में चित्रेश्वर महादेव के दर्शन करने आई थीं। रानी जिया बेहद सुंदर थीं। जैसे ही रानी नहाने के लिए नदी पर पहुंचीं तो वहां रुहेलों की सेना ने वहां घेरा डाल दिया। इस दौरान उन्होंने अपने ईष्ट देवताओं का स्मरण किया और गार्गी नदी के पत्थरों में ही समा गईं। नदी के किनारे एक विचित्र रंग की शिला आज भी वहां देखने को मिलती है, जिसे चित्रशिला कहा जाता है। जिया रानी को कुमाऊं में न्याय की देवी के रूप में पूजा जाता है। इतना ही नहीं जिया रानी कई कुलों की आराध्‍य देवी भी हैं।क्या है माता जिया रानी का असली नाम?जिया रानी का वास्तविक नाम मौला देवी था, जो हरिद्वार के राजा अमरदेव पुंडीर की पुत्री थीं। मौला देवी राजा प्रीतमपाल की दूसरी रानी थीं। मौला देवी को राजमाता का दर्जा मिला और उस क्षेत्र में माता को जिया कहा जाता था, इसलिए उनका नाम जिया रानी पड़ गया।क्‍यों कहलाई कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई?माता जिया रानी को कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई कहा जाता है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि माता जिया रानी ने रोहिलो और तुर्कों के आक्रमण के दौरान कुमाऊं की रक्षा की थी और युद्ध में बलिदानी हुईं थी।

स्‍थानीय लोगों का मानना है कि युद्ध के समय जिया रानी ने हीरे-मोती जड़ित लहंगा पहना था। जो बाद में पत्थर बन गया। ये पत्थर आज भी है रानीबाग में…

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उत्तराखंड में दोपहिया वाहन चालक के साथ बैठने वालों को भी हेलमेट के नियम का पालन करना होगा। ऐसा नहीं करने पर सख्ती की जाएगी। सोमवार को सचिवालय में सड़क सुरक्षा कोष प्रबंधन समिति की समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने परिवहन विभाग को इस दिशा में तत्काल कार्रवाई को कहा।

उन्होंने चौपहिया वाहनों में सवार लोगों के लिए सीट बेल्ट के नियम को भी सख्ती से लागू करवाने के निर्देश दिए। बता दें कि दोपहिया पर पीछे बैठने वालों के […]

उधम सिंह नगर जिले के दिव्यांग खिलाडि़यों को अन्तरराष्ट्रीय स्तर तक खेलों के माध्यम से आगे बढ़ाने व पैरा खेलों को बढ़ावा देने के लिए अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग खिलाड़ी एवं कोच सत्य प्रकाश के प्रयासों से सात दिवसीय नि शुल्क प्रशिक्षण शिविर का आयोजन 31वी वाहिनी पीएसी रुद्रपुर में दिनांक 12 जून से सुबह 8 बजे से प्रारंभ किया जा रहा है प्रशिक्षण शिविर में चयनित दिव्यांग खिलाडि़यों कुशल प्रशिक्षकों से उच्च स्तरीय प्रशिक्षण दिलाया जाएगा।

बताते चलें कि अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग खिलाड़ी सत्य प्रकाश द्वारा राज्य एवं राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में लगभग 30 से अधिक पदक प्राप्त कर चुके हैं और सोनीपत […]

यूपी के भगौड़े गैंगस्टर ‘ एलाइंस बिल्डर ‘ का उत्तराखंड में डेरा, योगी सरकार कर चुकी है डेढ़ सौ करोड़ की संपत्ति कुर्क

न्यायालय से जमानत पर बाहर हैं एलाइंस बिल्डर के कई निदेशकघर, कार्यालय और कई प्रोजेक्ट पर लगी है बरेली जिला प्रशासन की सीलबड़ा सवाल : कहीं अब उत्तराखंड के भोले-भाले […]

रुद्रपुर:- 1960-70 से पंतनगर के संजय कॉलोनी, मस्जिद कॉलोनी, इंदिरा कॉलोनी नगला, झा कॉलोनी मलिन बस्ती के निवासियों ने नगर पालिका क्षेत्र नगला-पंतनगर के मलिन बस्ती की सूची में सूचीबद्ध करने के लिए आज कॉलोनीवासियों ने पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के साथ जिलाधिकारी को ज्ञापन सौपा।

पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने कहा कि शासन के मुख्य सचिव द्वारा उत्तराखंड के आप सभी जिलाधिकारी को पत्र भेज कर एक सप्ताह में शहरी क्षेत्र में सूचीबद्ध होने से […]

कैची धाम मंदिर परिसर के आस पास हॉर्न,प्लास्टिक का प्रयोग धूम्रपान, तम्बाकू, सोशल मीडिया, फोटोग्राफी – वीडियोग्राफी,पूर्ण तरह बाधित रहेगा। दीपक रावत।

रिपोर्ट। ललित जोशी /हर्षित जोशी। नैनीताल । सरोवर नगरी नैनीताल से दूर लगभग 16 किलोमीटर में बसे कैची धाम में 15 जून को भव्य मेले के साथ साथ महाराज नीम […]

किच्छा:- नगर पालिका वार्ड 17 के पुलभट्टा बंगाली कॉलोनी का चिह्नीकरण कर मलिन बस्ती की सूची में सूचीबद्ध कराने के लिए आज कॉलोनीवासियों ने पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के साथ उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने बताया कि शासन के मुख्य सचिव द्वारा उत्तराखंड के सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर एक सप्ताह में शहरी क्षेत्र में सूचीबद्ध होने से वंचित रह गई मलिन बस्तियों की सूची भेजने का निर्देश दिया है ताकि शासन द्वारा उन्हें सूचीबद्ध कर उनका विकास, पुनरुद्धार एवं पुनर्वास किया जाए।कहा कि उक्त सभी वार्ड 17 किच्छा के पुलभट्टा बंगाली कॉलोनी मलिन बस्ती के निवासी हैं तथा पुराना बरेली रोड जो रेलवे क्रॉसिंग पर जाकर मृत हो गया है उसे मृत सड़क के दोनों और अपने कच्चे घर/ झोपड़ी, तीन शेड बनाकर लगभग 40-45 वर्षों से निवास कर रहे हैं सभी उत्तराखंड के स्थाई निवासी हैं तथा इस स्थान के अलावा कहीं भी कोई आवास या भूमि उनके नाम दर्ज नहीं है, इनमें अधिकांश परिवार अनुसूचित जाति, पिछड़ी जाति के गरीब व बंगाली विस्थापित समाज के हैं।पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने उपजिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा से कहा कि शासन की उक्त मंसा के अनुरूप इस मलिन बस्ती को सूचीबद्ध करने हेतु संबंधित को निर्देशित कर चिन्हित करने का कष्ट करें जिससे उक्त बस्ती के लोगों को शासन द्वारा मलिन बस्ती में सम्मिलित किया जा सके।ज्ञापन सौंपने वालों में मंडल अध्यक्ष मनमोहन सक्सेना, पूर्व अध्यक्ष विवेक राय, किरण मंडल, सुचित्रा राय, निखिल हालदार, नरेश कुमार, जयदेव विश्वास, राजेश कोली रज्जी, बाबू मंडल, सुशांत मिस्त्री, निखिल हालदार, गीता सरकार, भोला विश्वास, अनिमेष विश्वास, अनूप विश्वास, कंचन विश्वास, श्रीकांत मिस्त्री, देवदास राय, सदानंद गाइन, चंदन गाइन, कमलेश गायन, सियाही विश्वास, जयदेव हलदार, कमल बैरागी, राम बेटी, मदनलाल, सुरेश यादव, भगवान दास, उमाशंकर, राजेश कुमार, वेद प्रकाश, किरण मंडल, गंगा दीन, लाला राम, धरमवीर, सुखदेव सिंह, उमाशंकर, गोपाल वाला, शांति, रामगोपाल, कुंवर सिंह, कुलविंदर सिंह, सोनू सिंह, देवेंद्र पाल, राजेंद्र सिंह, मंगत सिंह, मंगली राम, पूरन लाल, गुरमीत कौर, लक्खा सिंह, गुरमीत सिंह, मलकीत सिंह, परितोष राय, सुरेंद्र विश्वास, कृष्ण बाल, राजकुमार यादव ,अरुण ,कैलाश बाबू, संदीप यादव, वेदराम समेत समस्त कॉलोनी/ बस्ती वासी उपस्थित थे।

बाबा विश्वनाथ जगदीशिला डोली यात्रा गुरु वशिष्ठ की तपोभूमि विशोन पर्वत से शुरू होकर जिसका वर्णन केदार खंड में है तथा यहां भगवान राम तथा हम सभी के गुरु वशिष्ठ जी ने तपस्या की थी तथा व्यावहारिक वेदांत की धनी स्वामी रामतीर्थ जी ने भी इसी स्थल पर तपस्या की है।यह स्थान गढ़वाल मंडल में टिहरी जिला 11 गांव हिंडावबाबा विश्वनाथ मां जगदीशिला डोली यात्रा का शुभारंभ 16 मई को ढूंग से हुआ था। इस वर्ष यात्रा को रजत जयंती समारोह के रूप में मनाया जा रहा है।17 मई को हरिद्वार में गंगा स्नान करके उत्तराखंड के विभिन्न देवस्थलों से गुजरती हुई 09 जून 2024 को दिन रविवार सायं 5 बजे रूद्रपुर गल्ला मंडी पहुंचने पर स्वागत किया गया।उसके पश्चात मुख्य बाजार होते हुए गंगापुर रोड पर श्री नीलकंठ धाम शैलजा कॉलोनी में डोली का भव्य स्वागत किया । उसके पश्चात होटल कोरीयनथन जेपीएस स्कूल के सामने तीन पानी रोड़ गणेश गार्डन रुद्रपुर वहा पर स्वागत एवं रात्रि 09.00 बजे से श्री बाला जी का दरबार एवं भंडारे का आयोजन किया गया। 10 जून को प्रातः डोली दिनेश भट्ट आवास विकास स्थित घर पर पहुंची यहां स्थानीय लोगों ने भजन कीर्तन के साथ मां का गुणगान किया और प्रसाद वितरण के उपरांत डोली को विदाई दी गई। पूरे कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित कार्यक्रम के मुख्य संयोजक मंत्री प्रसाद मैथानी ,जिला संयोजक दिनेश चंद्र भट्ट,प्रदेश मंत्री विकास शर्मा, भारत लाल शाह, जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दिवाकर पांडे ,पूर्व मेयर रामपाल सिंह, शैल परिषद अध्यक्ष गोपाल सिंह पटवाल, कीर्ति निधि शर्मा, ईश्वर भट्ट, दिनेश बम ,राजेंद्र बोहरा, कमलेश बिष्ट, श्रीमती गीता भट्ट, आदि लोग पूरे कार्यक्रम में उपस्थित थे।

जम्मू-कश्मीर में तीर्थयात्रियों से भरी बस पर आतंकियों ने गोलियां बरसाई, जिसके बाद बस खाई में गिर गई। इस हादसे में अबतक 10 लोगों की मौत हो गई है।

पुलिस के अनुसार, आज जिला रियासी के रनसू इलाके से आ रही यात्री बस पर आतंकवादियों के एक समूह ने हमला कर दिया। हमले के कारण बस के चालक ने […]

डरबन से लेकर मेलबर्न और अब क्रिकेट के सबसे नए वेन्यू न्यूयॉर्क में भी टीम इंडिया के आगे पाकिस्तान नहीं टिक पाया. टी20 वर्ल्ड कप 2024 के एक रोमांचक मुकाबले में टीम इंडिया ने पाकिस्तान को 4 रन से हरा दिया.

इसके साथ ही टीम इंडिया का अगले दौर में पहुंचना लगभग पक्का हो गया, जबकि पाकिस्तान टूर्नामेंट से बाहर होने की कगार पर पहुंच गया. टीम इंडिया ने पहले खेलते […]

नरेंद्र मोदी ने रविवार की शाम प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। इसके साथ ही लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने वाले वह दूसरे राजनेता बन गए हैं। शपथ ग्रहण समारोह के लिए राष्ट्रपति भवन में पूरी तैयारियां की गईं थीं।

राष्ट्रपति भवन को रंग-बिरंगे फूलों और रोशनी से सजाया गया था। समारोह में देश-दुनिया की राजनीतिक हस्तियां और जाने-माने चेहरे पहुंचे। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी […]