Breaking News

उत्तराखण्ड

View All

यूजीसी यूसीसी और आरक्षण नीति पर शिवसेना का प्रदर्शन, रुद्रपुर में पैदल मार्च कर राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन

अमेरिका और इजरायल के साथ जारी युद्ध के बीच ईरान ने अपने यहां कथित जासूसी नेटवर्क और सूचना लीक करने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है. ईरान के पुलिस प्रमुख अहमदरेजा रादान ने रविवार को कहा कि अब तक सूचनाएं लीक करने वाले 500 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिन पर दुश्मनों के साथ जानकारी साझा करने का आरोप है.

उत्तराखंड भारत में रसोई गैस (LPG) से जुड़े नियमों में हाल के दिनों में कई महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल रहे हैं। वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव, ऊर्जा संसाधनों की कमी और आयात पर निर्भरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने गैस वितरण और उपयोग से जुड़े कुछ सख्त फैसले लिए हैं।

बेटियों की सेहत की सुरक्षा का संकल्प: एएनएम दीपा जोशी की जागरूकता मुहिम और हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की पहल”

देश

View All

भीमताल सीट पर सियासी उबाल: 13 कांग्रेस दावेदार मैदान में, पैराशूट राजनीति के खिलाफ बिगुल — “हरीश पनेरू सबसे भारी”

हल्द्वानी,आगामी 2027 विधानसभा चुनाव से पहले भीमताल सीट पर कांग्रेस की राजनीति अब निर्णायक मोड़…

देहरादून में ‘फ्यूचर कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी’ पर पांच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रम का शुभारम्भ, राष्ट्रीय सम्मेलन का पोस्टर भी जारी

देहरादून, 16 मार्च 2026। वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के परिसर स्थित महिला…

रामनगर में UKD की संगठनात्मक बैठक, नए पदाधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारियां

रामनगर (नैनीताल)। 61 विधानसभा क्षेत्र रामनगर में उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) के संगठन को मजबूती…

देव होम्स कॉलोनी में बदहाल सड़कें और घटिया निर्माण से residents परेशान? रेरा की मुहर के पीछे छिपा खेल—देव होम्स में घटिया निर्माण पर कब होगी कार्रवाई

काशीपुर मुख्य हाईवे से बिंदुखेड़ा और देव होम्स कॉलोनी को जोड़ने वाली सड़कों की जर्जर…

दुनिया

View All

Express News

View All

अमेरिका और इजरायल के साथ जारी युद्ध के बीच ईरान ने अपने यहां कथित जासूसी नेटवर्क और सूचना लीक करने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है. ईरान के पुलिस प्रमुख अहमदरेजा रादान ने रविवार को कहा कि अब तक सूचनाएं लीक करने वाले 500 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिन पर दुश्मनों के साथ जानकारी साझा करने का आरोप है.

रादान के मुताबिक इन मामलों में करीब 250 गंभीर श्रेणी के हैं, जिनमें ऐसे लोग शामिल हैं जिन्होंने हमलों के…

Read More

उत्तराखंड भारत में रसोई गैस (LPG) से जुड़े नियमों में हाल के दिनों में कई महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल रहे हैं। वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव, ऊर्जा संसाधनों की कमी और आयात पर निर्भरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने गैस वितरण और उपयोग से जुड़े कुछ सख्त फैसले लिए हैं।

इन नए नियमों का सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है। सरकार का मानना है कि ऊर्जा संसाधनों का…

Read More

बेटियों की सेहत की सुरक्षा का संकल्प: एएनएम दीपा जोशी की जागरूकता मुहिम और हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की पहल”

उत्तराखंड में बदला मौसम का मिजाज: 13 जिलों में वर्षा, ओलावृष्टि और अंधड़ का ऑरेंज अलर्ट, रुद्रपुर-काशीपुर-नैनीताल में तेज बारिश”

रुद्रपुर में एनसीईआरटी की जाली किताबों का बड़ा भंडाफोड़, संयुक्त टीम ने गोदाम पर मारा औचक छापा

गुरुग्राम में साहित्यिक सचेतना का तृतीय वार्षिकोत्सव “सनातन साहित्य सम्मान एवं समागम” संपन्न

भीमताल सीट पर सियासी उबाल: 13 कांग्रेस दावेदार मैदान में, पैराशूट राजनीति के खिलाफ बिगुल — “हरीश पनेरू सबसे भारी”

हल्द्वानी,आगामी 2027 विधानसभा चुनाव से पहले भीमताल सीट पर कांग्रेस की राजनीति अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। सोमवार को कांग्रेस से जुड़े 13 नेताओं ने संयुक्त प्रेस…

Read More

देहरादून में ‘फ्यूचर कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी’ पर पांच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रम का शुभारम्भ, राष्ट्रीय सम्मेलन का पोस्टर भी जारी

देहरादून, 16 मार्च 2026। वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के परिसर स्थित महिला प्रौद्योगिकी संस्थान में इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन विभाग द्वारा “फ्यूचर कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी” विषय पर पांच दिवसीय…

Read More

रामनगर में UKD की संगठनात्मक बैठक, नए पदाधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारियां

रामनगर (नैनीताल)। 61 विधानसभा क्षेत्र रामनगर में उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) के संगठन को मजबूती देने के उद्देश्य से स्थानीय ड्राइव एंड डिलाइट रेस्टोरेंट में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की…

Read More

देव होम्स कॉलोनी में बदहाल सड़कें और घटिया निर्माण से residents परेशान? रेरा की मुहर के पीछे छिपा खेल—देव होम्स में घटिया निर्माण पर कब होगी कार्रवाई

काशीपुर मुख्य हाईवे से बिंदुखेड़ा और देव होम्स कॉलोनी को जोड़ने वाली सड़कों की जर्जर हालत से स्थानीय निवासी लंबे समय से परेशान हैं। चुनाव से पहले सड़क निर्माण का…

Read More

उच्च न्यायालय ने नया नियम हटाया – देशभर के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा झटका सामने आया है। हाईकोर्ट ने हाल ही में एक ऐसा फैसला सुनाया है जिसने लाखों कर्मचारियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।

नए नियम के तहत अब कर्मचारियों को 60 साल नहीं बल्कि 55 साल की उम्र में ही रिटायर किया जाएगा। कोर्ट का कहना है कि प्रशासनिक ढांचे में युवाओं को…

Read More

हिन्दू धर्मग्रंथों में चार युग की संकल्पना की गई है। ये हैं- सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग और कलियुग। माना जाता है कि हर युग में मनुष्आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ?

सतयुग

चारों युगों में से सबसे पहला सतयुग है। वह युग जहां पाप, अधर्म, अन्याय और झूठ के लिए कोई जगह नहीं होता है, सतयुग कहा गया है। पुराणों के अनुसार, सतयुग का प्रारंभ कार्तिक महीने में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था। ग्रंथों में इस युग की अवधि लगभग 17 लाख 28 हजार वर्ष बताई गई है।

इस युग में देवी-देवता पृथ्वी पर मनुष्य की भांति ही रहते थे। कहते हैं, उनकी आयु लगभग 2 लाख वर्ष होती थी। पुष्कर इस युग का सबसे महान तीर्थ था। इस युग में भगवान विष्णु के 10 मुख्य अवतारों में से मत्स्य, कच्छप, वराह और नरसिंह अवतार हुए थे।

त्रेतायुग

ग्रंथों में त्रेतायुग की अवधि लगभग 12 लाख 28 हजार मानी गई है। इस युग की शुरुआत वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि से हुई थी। इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 10,000 वर्ष हुआ करती थी। कहते हैं इस युग सबसे महान तीर्थ नैमिषारण्य था। इस युग में अधर्म का नाश करने के लिए भगवान विष्णु के श्री राम, वामन, परशुराम के अवतार हुए थे।

द्वापरयुग

पुराणों के मुताबिक, द्वापर युग की अवधि लगभग 8 लाख 64 हजार है। यह युग माघ माह के कृष्ण अमावस्या से शुरू हुआ था। हिंदू धर्म ग्रंथों में इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 1000 वर्ष बताई गई है। इस युग का सर्वश्रेष्ठ तीर्थ कुरुक्षेत्र को माना गया है। द्वापर युग में भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण ने धरती पर जन्म लेकर कंस जैसे दुष्टों का संहार किया था।

कलियुग

वर्तमान युग यानी कलियुग की अवधि तीनों युगों में सबसे कम है। इस युग की अवधि 4 लाख 32 हजार वर्ष बताई जाती है। कलियुग की शुरुआत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि से मानी जाती है। यह तिथि इस साल सोमवार 30 सितंबर, 2024 को पड़ रही है।

हैरत की बात है कि इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 100 वर्ष ही रह गई है। वहीं, गंगा नदी को कलियुग का सबसे पवित्र तीर्थ स्थान बताया गया है। इस युग में भगवान विष्णु के 9वें अवतार भगवान बुद्ध का जन्म हुआ। भगवान विष्णु का 10वां अवतार कल्कि के रूप में कलियुग के अंत में होगा।

कब खत्म होगा कलियुग?

भारतीय काल-निर्णय के अनुसार कलियुग का अंत होने में अभी 4 लाख 26 हजार 875 साल बाकी हैं। इस समय कलियुग का प्रथम चरण चल रहा है और कलियुग के मात्र 5 हजार 125 साल हुए हैं। बता दें कि कलयुग के कुल अवधि 4 लाख 32 हजार साल के बताई गई है।य की बनावट से लेकर उसके व्यवहार और उम्र में कुछ परिवर्तन आए हैं।

   आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ? सतयुग…

Read More

ताकि सनत रहे नगला पंतनगर, 1960 के दशक से लेकर 1980 तक लोगों की बसायत हुई नगला में, अवगत कराते हुए की नगला में निवास करने वाले लोगों में भारतीय सेवा की तरफ से द्वितीय विश्व युद्ध 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। वही कारगिल युद्ध में भीनगला के लोगों ने भारतीय सेना की तरफ से प्रतिभागी किया। जिसमें 1965 और 70 के बीच नगला में निवासरत, स्वर्गीय सूबेदार मेजर खड़क सिंह बिष्ट जिन्होंने19 71,1965 और 1962 की युद्ध में भारतीय सेना में प्रतिभा किया, नगला बायपास निवासी स्वर्गीय लेस नायक प्रेमचंद पांडे, जो की 1965 से नगला में निवास कर रहे हैं ।द्वितीय विश्व युद्ध 1962 और 1965 की लड़ाई में छह माह तक चीन में कैद रहे.। स्वर्गीय हवलदार मेजर धर्म सिंह का परिवार नगला में 1972 से निवास कर रहे हैं,। 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देते हुए भारतीय सेना की तरफ से लड़ाई लड़ी। स्वर्गीय सूबेदार आलम सिंह बिष्ट 1982 से नगला में निवासरत 1962 1965 1971 में भारतीय सेना की तरफ से युद्ध में हिस्सा लिया। कर्नल प्रताप सिंह, कारगिल युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। बोफोर्स तोप एवं रडार सिस्टम का पूर्ण रूप से प्रतिनिधित्व किया जिन्होंने कारगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाई। राजस्थान बॉर्डर पर अपना एक पाव गवा चुके हैं। सूबेदार आलम सिंह के नाती वर्तमान में आर्मी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर एनडीए रजत बिष्ट S/0 नंदन सिंह बिष्ट के दो पुत्र एनडीए क्वालीफाई करने के उपरांत थल सेना में लेफ्टिनेंट एवं जल सेना में कैप्टन उदित बिष्ट अपनी सेवाएं दे रहे हैं। स्वर्गीय इंदर सिंह थापा 1965 1971 की लड़ाई में वही उनके पुत्र लक्ष्मण सिंह थापा भारतीय सेना से हाल फिलहाल रिटायर हुए हैं। त्रिलोक सिंह जिन्होंने भारतीय सेवा में अपने 8 साल दिए हैं। स्वर्गीय भीम सिंह बिष्ट पैरा कमांडो, आदि कई अन्य लोगों ने जो नगला क्षेत्र में निवास कर रहे हैं देश के लिए बहुत कुछ किया है, वहीं अगर उत्तराखंड राज्य आंदोलन की बात की जाए ,नगला क्षेत्र से अवतार सिंह बिष्ट, हरीश जोशी, एवं उनके परिवार के दो अन्य सदस्य, जगदीश बोहरा, प्रकाश पुजारी, जो की चिन्हित राज्य आंदोलनकारी हैं। परिवार के साथ नगला में 1976 से निवास करते हैं,। उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ-साथ, उधम सिंह नगर को उत्तराखंड में मिलने के लिए 24,36 व 72 घंटे का जाम और उत्तराखंड राज्य आंदोलन में अनगिनत आंदोलन इनके द्वारा किए गए। दिल्ली फिरोजशाह कोटला मैदान से इंडिया गेट तक का मार्च पास्ट एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। उत्तराखंड राज्य गठन मै महत्वपूर्ण भूमिका इन की रही है। ताकि सनत रहे, उत्तराखंड राज्य आंदोलन में पूरा नगला क्षेत्र एक जुटता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जिसमें सभी जाति धर्म के लोग सम्मिलित होते थे ,मिल का पत्थर साबित हुआ था। पूरे उधम सिंह नगर में नगला क्षेत्र का जबरदस्त ,,विशेष,, असर देखने को मिलता था । नगला की खबर उधम सिंह नगर की खबर बन जाती थी। जिस नगला क्षेत्र को तोड़ने की चर्चा आजकल चल रही है । नगला वासियों ने देश व प्रदेश को एवं समाज को बहुत कुछ दिया है। आज जब नगला क्षेत्र को तोड़ने की कवायत चल रही है। राजेश शुक्ला पूर्व विधायक के द्वारा सराहनीय कार्य नगला को बचाने के लिए किया जा रहा है। नगला क्षेत्र को तोड़ने के लिए सरकारी महकमा भी कहीं ना कहीं असहज महसूस कर रहा है। हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की तरफ से हम सरकार से मांग करते हैं नगला क्षेत्र के लोगों का एवं नगला मै निवास कर रहे लोगों के अधिकार सुरक्षित हो, विधानसभा पटल पर नगला क्षेत्र को लंबे समय से निवास कर रहे लोगों को मलिकाना हक दिया जाए। और देश, प्रदेश व समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नगला ,पंतनगर वासियों के अधिकार सुरक्षित किये जाए। उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना थी, उत्तराखंड के मूल निवासियों के अधिकार सुरक्षित होंगे। लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार में सबसे ज्यादा जिन्हें नुकसान हुआ है या फिर जिनके घर तोड़ दिए गए या फिर तोड़ दिया जाएंगे। नगला वासी 60 ,70, 80 के दशक में उन जगहों पर नगला मै विस्थापित हो चुके थे ।जिन्हें आज सरकार अपना बता रहीहैं। नगला वासी की निगाहें उत्तराखंड सरकार पर हैं ।असमंजस की स्थिति नगला क्षेत्र में बनी हुई है। एक और जहां लोगों के अंदर आक्रोश है। वहीं दूसरी ओर अपने जीवन की महत्वपूर्ण जमा पूंजी व अपने मेहनत के दम पर खड़े किए गए कंक्रीट के मकान उनके दर्द को बाया कर रहे हैं। महिलाएं वह बच्चे पथराई आंखों से अपने टूटे हुए घर को देखकर स्तंभ है। लोगों के अंदर दहशत का माहौल है। उम्मीद की एक किरण धामी सरकार पर है। जो नगला को बचा सकती है।

Hindustan Global Times, Avtar Singh Bisht, journalist from Uttarakhand नगला, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी एवं भारतीय सेना, मैं महत्वपूर्ण भूमिका रही है नगला कवाशियो की ताकि सनत रहे नगला के…

Read More

कत्यूरी सम्राट प्रीतम देव की महारानी जिया का नाम उत्तराखंड की वीर और पौराणिक गाथाओं में सम्मान से लिया जाता है। कत्यूरी राजवंश में माता को जिया कहा जाता है, इसलिए उन्हें जिया रानी कहा जाता है।इतिहासकारों और स्‍थानीय लोगों के मुताबिक जिया रानी धामदेव की मां थी और प्रख्यात उत्तराखंडी लोककथा नायक मालूशाही की दादी थीं। कहा जाता है कि जिया रानी हल्‍द्वानी के रानीबाग में रहीं थीं और उन्होंने यहां अपना बाग सजाया था। जिस कारण इस जगह का नाम रानीबाग पड़ा। जिया रानी पर कई कहावते प्रचलित हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में… रानीबाग में जिया रानी का मंदिर है। माता जिया रानी की गुफा आज भी रानीबाग में स्थित है। मान्‍यता है कि वह गुफा से वह सीधे हरिद्वार निकली थीं। यहां एक विशाल शिला है, जिसे जिया रानी का घाघरा मानकर लोग पूजते हैं। स्‍थानीय परंपराओं के अनुसार माता जिया रानी कत्यूरी वंश की रानी थीं। हर साल मकर संक्रांति के अवसर पर रानीबाग में कत्यूरी वंश के लोग और सैकड़ों स्‍थानीय लोग अपने परिवार सहित सामूहित पूजा करते हैं। जिसे जागर हैं। उत्तराखंड में जिया रानी की गुफा के बारे में एक किवदंती प्रचलित है। कहा जाता है रानी जिया कत्यूरी राजा पृथ्वीपाल उर्फ प्रीतमदेव की पत्नी थी। वह रानीबाग में चित्रेश्वर महादेव के दर्शन करने आई थीं। रानी जिया बेहद सुंदर थीं। जैसे ही रानी नहाने के लिए नदी पर पहुंचीं तो वहां रुहेलों की सेना ने वहां घेरा डाल दिया। इस दौरान उन्होंने अपने ईष्ट देवताओं का स्मरण किया और गार्गी नदी के पत्थरों में ही समा गईं। नदी के किनारे एक विचित्र रंग की शिला आज भी वहां देखने को मिलती है, जिसे चित्रशिला कहा जाता है। जिया रानी को कुमाऊं में न्याय की देवी के रूप में पूजा जाता है। इतना ही नहीं जिया रानी कई कुलों की आराध्‍य देवी भी हैं।क्या है माता जिया रानी का असली नाम?जिया रानी का वास्तविक नाम मौला देवी था, जो हरिद्वार के राजा अमरदेव पुंडीर की पुत्री थीं। मौला देवी राजा प्रीतमपाल की दूसरी रानी थीं। मौला देवी को राजमाता का दर्जा मिला और उस क्षेत्र में माता को जिया कहा जाता था, इसलिए उनका नाम जिया रानी पड़ गया।क्‍यों कहलाई कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई?माता जिया रानी को कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई कहा जाता है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि माता जिया रानी ने रोहिलो और तुर्कों के आक्रमण के दौरान कुमाऊं की रक्षा की थी और युद्ध में बलिदानी हुईं थी।

स्‍थानीय लोगों का मानना है कि युद्ध के समय जिया रानी ने हीरे-मोती जड़ित लहंगा पहना था। जो बाद में पत्थर बन गया। ये पत्थर आज भी है रानीबाग में…

Read More

रूद्रपुर 28 मई, 2024-  लोकसभा सामान्य निर्वाचन की मतगणना को निष्पक्ष व पारदर्शिता से सम्पन्न कराने हेतु मतगणना कार्मिकों का प्रथम रेंडमाइजेशन मंगलवार को जिला निर्वाचन अधिकारी उदयराज सिंह की अध्यक्षता में किया गया।मतगणना कार्मिकों का प्रथम रेंडमाईजेशन किया गया जिसमे 153 मतगणना सुपरवाईजर, 162 मतगणना सहायक व 180 माईक्रोआब्जर्बर की तैनाती की गयी। इसी तरह पोस्टल मतगणना हेतु 41 मतगणना सुपरवाईजर, 82 मतगणना सहायक व 41 माईक्रोआब्जर्बर की तैनाती की गई।मतगणना कार्मिकों के प्रथम रेंडमाईजेशन में कार्मिकों की तैनाती की गयी तथा द्वितीय रेंडमाईजेशन में मतगणना कार्मिकांे को विधानसभा आवंटन होगा तथा तृतीय रेंडमाईजेशन मंे विधानसभावार मतगणना टेबल आबंटित होगी। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतगणना विधानसभावार 14-14 टेबल रखी जायेगी तथा पोस्टल मतों की गणना 34 टेबलों में होगी।इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी/नोडल कार्मिक मनीष कुमार, उप जिला निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार जोशी, सहायक नोडल कार्मिक केएस रावत, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी लक्ष्मी चौहान, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी विजय तिवारी आदि मौजूद थे।

हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स /प्रिंटिंग मीडिया शैल ग्लोबल टाइम्स /संपादक अवतार सिंह बिष्ट , रूद्रपुर, उत्तराखंड

बदरीनाथ धाम की यात्रा पर आए अब तक 17लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि इसमें एक श्रद्धालु की मौत गुरुवार को हेमकुंड साहिब की यात्रा के दौरान भ्यूंडार के पास हुई है। केदारनाथ धाम में भी तीर्थ यात्रियों की जान गई।

विदित हो कि 10 मई से शुरू चारधाम यात्रा में यूपी, राजस्थान, एमपी, महाराष्ट्र आदि राज्यों से तीर्थ यात्रियों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। चमोली के सीएमओ […]

उत्तराखंड में जैन मुनियों से अभद्रता करने वाले यूट्यूबर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. सूरज सिंह ने सोशल मीडिया पर जैन मुनियों के संबंध में आपत्तिजनक वीडियो अपलोड की थी. सूरज सिंह के खिलाफ 27 मई को थाना देवप्रयाग में धारा-153(क)/295(क)/505(2) IPC और 67 (A) IT ACT पंजीकृत कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है.

आपत्तिजनक वीडियो तोता घाटी के पास NH-07 ऋषिकेश मार्ग पर बनाया गया था. दरअसल, सूरज सिंह ने दिगंबर जैन संप्रदाय के कुछ संतों को रास्ते में रोक कर कपड़ा न […]

जनता के भारी समर्थन से प्रियंका गांधी उत्साहित

उत्तराखंड कांग्रेस के उपाध्यक्ष और धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के पर्यवेक्षक धीरेंद्र प्रताप ने  हिमाचल प्रदेश के दौरे पर आई कांग्रेस की राष्ट्रीय नेता श्रीमती प्रियंका गांधी से भेंट […]

उजाड़े गए व्यापारियों ने की वेडिंग जोन बनाने की मांग

किच्छा 1 वर्ष पूर्व हल्द्वानी रोड से उजाड़ें गए व्यापारियों ने प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के नगर महामंत्री विजय अरोड़ा एवं सभासद राजकुमार कोली के नेतृत्व में पुनर्वासित करने की […]

किसान को अभद्र भाषा में धमकाने पर तहसील कर्मी के खिलाफ किसान यूनियन ने खोला मोर्चा

सितारगंज( बैंक बकाया भुगतान की वसूली में तैनात तहसील के एक सर्वे आमीन पर भारतीय किसान यूनियन ने किसान से अभद्र भाषा में बात करने का आरोप लगाया है। कर्मचारी […]

निर्धारित ऊंचाई पर उड़ान नहीं भर रहे हेलीकॉप्टर, उड़ान संबंधी डाटा वन विभाग के साथ साझा नहीं कर रही कंपनियां, हेलीकॉप्टर की ऊंचाई मापने वाली एयर गन भी आउट आफ ऑर्डर रुद्रप्रयाग चार धाम यात्रा में हेली सेवाएं दे रहे एक हेलीकॉप्टर के विगत दिनों दुर्घटनाग्रस्त होने से बाल बाल बचने के बाद सरकार की ओर से यह अपेक्षित था, कि वह हेली कंपनियों  के पेंच कसते हुए उनसे हेलीकॉप्टर की उड़ान के लिए निर्धारित मानकों का पालन करना सुनिश्चित करती तथा चार धाम यात्रियों को यह भरोसा दिलाने की कोशिश करती की उत्तराखंड तीर्थ यात्रियों की सुरक्षा एवं सुविधा से कोई समझौता नहीं करेगा। पर यूं जान पड़ता है जैसे सरकारी तंत्र की इस दिशा में कोई रुचि ही नहीं है और सरकार की ओर से हेली कंपनियां को मनमर्जी की खुली छूट दे दी गई है । यही वजह है कि केदारघाटी के अलग- अलग हेलिपैड से केदारनाथ के लिए उड़ान भर रहे हेलिकॉप्टर एनजीटी के नियमोें का पालन बिल्कुल भी नहीं कर रहे हैं। देखने में आया है कि हेलिकॉप्टर के लिए तय ऊंचाई 600 मीटर पर कोई भी हेलिकॉप्टर उड़ान नहीं भर रहा है।साथ ही हेली कंपनियां अपने हेलिकॉप्टर की उड़ान के समय, कुल दूरी और ऊंचाई से जुड़ा कोई भी डेटा वन विभाग से साझा नहीं कर रही है। इतना ही नहीं, केदारनाथ-बदरीनाथ के लिए संचालित चार्टर भी सेंचुरी एरिया से उड़ान भर भरने से बाज नहीं आ रहे हैं। उल्लेखनीय है कि सभी हेलिकॉप्टर मंदाकिनी नदी के तल से होकर नीची और मध्यम उड़ान भरते हुए केदारनाथ स्थित एमआई-26 हेलिपैड पर पहुंच रहे हैं जबकि केदारनाथ यात्रा में हेलिकॉप्टर उड़ान के लिए वर्ष 2015 में एनजीटी द्वारा नदी तल 600 मीटर की ऊंचाई के मानक निर्धारित किए गए हैं ,लेकिन जारी चार धाम यात्रा में एक भी हेली कंपनी इस नियम का पालन करती नहीं दिख पड़ रही है ।नदी तल से तय 600 मीटर की ऊंचाई का पालन नहीं होने से वन्य जीव तो प्रभावित हो ही  रहे हैं, साथ ही संवेदनशील क्षेत्र में अन्य प्रकार के खतरे भी बढ़ रहे हैं। लापरवाही की हद तो यह  कि अधिकांश हेली कंपनियां हेलिकॉप्टर की उड़ान से संबंधित किसी भी प्रकार का डेटा तक एकत्रित नहीं कर रही है। हाल ही में केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के डीएफओ ने केदारघाटी में आर्यन एविएशन, क्रिस्टल और हिमालयन एविएशन के हेलिपैड का निरीक्षण किया।इस दौरान उन्होंने कंपनी प्रबंधन से यात्रा में अभी तक हेलिकॉप्टर की उड़ान सहित अन्य जरूरी डाटा साझा करने को कहा ,मगर कंपनी प्रबंधन ने इस प्रकार के किसी भी डाटा एकत्रित किया गया होने से साफ इंकार कर दिया। वस्तुस्थिति यह है कि हेली कंपनी प्रबंधन की जानकारी एवं डाटा सिर्फ हेलिकॉप्टर की शटल संख्या तक सीमित है। इसके अलावा हेली कंपनी प्रबंधन के पास एनजीटी, यूकाडा और डीजीसीए की गाइडलाइन भी नहीं है। साथ ही हेली कंपनियों द्वारा हेलिपैड पर जो स्टॉफ तैनात किया गया है, उसमें से अधिकांश को हेलिकॉप्टर का बेसिक ज्ञान तक नहीं। मजे की बात तो यह है कि केदारनाथ यात्रा में उड़ान भरने वाले हेलीकॉप्टरों की नदी तल से ऊंचाई की माप के लिए केदारनाथ वन्य जीव प्रभाव द्वारा भीम बाली में स्थापित की गई एयर गन भी ठीक तरीके से कार्य नहीं कर रही है। जिसके कारण हेलीकॉप्टर की सही ऊंचाई और ध्वनि का पता लगाना मुश्किल है, लिहाजा हेली कंपनियों की मनमानी पर कोई प्रशासनिक अंकुश लगने के आसार फिलहाल तो नजर नहीं आते।

नानकमत्ता क्षेत्र में ग्रामीणों के विरोध के बाद भी रातभर चलते रहे मिटटी के डम्पर

नानकमत्ता थाना क्षेत्र में ग्रामीणों के विरोध के बाबजूद खनन माफिया बैखोफ अवैध मिटटी के डम्पर चलाने से बाज नही आ रहें है। आक्रोशित ग्रामीणों ने रात्रि में ही मुख्यमंत्री […]

राजस्व टीम ने 22 प्रभावितों को बांटी राहत राशि, आग बुझाने में 6 व्यक्ति झुलसकर हुए घायलगांव में भड़की आग पर पूरी तरह पाया गया नियंत्रण, मुख्यमंत्री ने जताया दुःख, राहत कार्यों में तेजी लाने के दिये निर्देश

उत्तरकाशी, 27 मई (हि.स.)। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के सीमांत विकास खंड मोरी के सालरा गांव में भीषण आग से दस मकान जल कर राख हो गये जबकि चार मकान […]

टनकपुर-तवाघाट एनएच के एलागाड़ में कार्य करने के दौरान मलबा आने से पोकलैंड के साथ ऑपरेटर 50 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। मौके ऑपरेटर की मौत हो गई। घटना सुबह करीब 6 बजे हुई। घटना की सूचना मिलते ही 11 वाहिनी एसएसबी के एसी जुबैर अहमद और उनके साथ 15 जीवन, तहसीलदार राम प्रसाद आर्या, पुलिस के एसाई प्रदीप कुमार, हिलवेज के अधिकारी मौके में पहुंचे।

एसएसबी और पुलिस की टीम ने रेस्क्यू कर शव को धारचूला अस्पताल पहुंचाया।जहां पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जा रही है। हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स /प्रिंटिंग मीडिया शैल ग्लोबल टाइम्स /संपादक अवतार […]