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“फूलदेई का लोकसंदेश: नन्हे कदमों से खिलती संस्कृति, पर्वतीय समाज में प्रकृति और परंपरा का उत्सव”

“जंग की आग में दुनिया: वैश्विक टकराव के बीच अवतार सिंह बिष्ट की विशेष रिपोर्ट” होर्मुज की दहलीज पर खड़ा महायुद्ध: ट्रंप की जिद, ईरान की चुनौती और मध्य-पूर्व में सुलगता संकट”

देहरादून की कोठी कांड: पुलिस की लापरवाही ने उजाड़ दिया एक परिवार, अब कार्रवाई की संस्तुति”

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अमेरिका और इजरायल के साथ जारी युद्ध के बीच ईरान ने अपने यहां कथित जासूसी नेटवर्क और सूचना लीक करने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है. ईरान के पुलिस प्रमुख अहमदरेजा रादान ने रविवार को कहा कि अब तक सूचनाएं लीक करने वाले 500 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिन पर दुश्मनों के साथ जानकारी साझा करने का आरोप है.

रादान के मुताबिक इन मामलों में करीब 250 गंभीर श्रेणी के हैं, जिनमें ऐसे लोग…

उत्तराखंड भारत में रसोई गैस (LPG) से जुड़े नियमों में हाल के दिनों में कई महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल रहे हैं। वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव, ऊर्जा संसाधनों की कमी और आयात पर निर्भरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने गैस वितरण और उपयोग से जुड़े कुछ सख्त फैसले लिए हैं।

इन नए नियमों का सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है। सरकार का मानना…

बेटियों की सेहत की सुरक्षा का संकल्प: एएनएम दीपा जोशी की जागरूकता मुहिम और हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की पहल”

रुद्रपुर।ऊधमसिंहनगर में चल रहे एचपीवी टीकाकरण अभियान के तहत रुद्रपुर के जवाहरलाल नेहरू जिला चिकित्सालय…

उत्तराखंड में बदला मौसम का मिजाज: 13 जिलों में वर्षा, ओलावृष्टि और अंधड़ का ऑरेंज अलर्ट, रुद्रपुर-काशीपुर-नैनीताल में तेज बारिश”

रुद्रपुर,उत्तराखंड में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। पहाड़ से लेकर तराई और मैदानी…

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“जंग की आग में दुनिया: वैश्विक टकराव के बीच अवतार सिंह बिष्ट की विशेष रिपोर्ट” होर्मुज की दहलीज पर खड़ा महायुद्ध: ट्रंप की जिद, ईरान की चुनौती और मध्य-पूर्व में सुलगता संकट”

उत्तराखंड,पश्चिम एशिया एक बार फिर उस मोड़ पर खड़ा दिखाई दे रहा है, जहाँ से दुनिया का भू-राजनीतिक संतुलन बदल…

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देहरादून की कोठी कांड: पुलिस की लापरवाही ने उजाड़ दिया एक परिवार, अब कार्रवाई की संस्तुति”

देहरादून के क्लेमेनटाउन क्षेत्र में वर्ष 2022 में दिनदहाड़े हुई कोठी ध्वस्तीकरण और लूटपाट की घटना एक बार फिर चर्चा…

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गैरसैंण का बजट सत्र—उपलब्धियों के दावे और सड़कों पर उतरती जनता के सवाल

2027 विधानसभा चुनाव के लिए क्षेत्रीय दल एकजुट, “उत्तराखंड महा गठबंधन (UMG)” बनाने पर सहमति

मेट्रोपोलिस सिटी का नया आधुनिक भव्य द्वार—लड्डुओं से तौले जाएंगे महापौर विकास शर्मा, MRWA की पहल से लौट रही पहचान

पंतनगर एयरपोर्ट पर पूर्व विधायक Rajesh Shukla ने किया स्वागत, किच्छा की विकास योजनाओं को वित्तीय स्वीकृति देने पर Pushkar Singh Dhami को सौंपा आभार पत्र”

अमेरिका और इजरायल के साथ जारी युद्ध के बीच ईरान ने अपने यहां कथित जासूसी नेटवर्क और सूचना लीक करने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है. ईरान के पुलिस प्रमुख अहमदरेजा रादान ने रविवार को कहा कि अब तक सूचनाएं लीक करने वाले 500 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिन पर दुश्मनों के साथ जानकारी साझा करने का आरोप है.

रादान के मुताबिक इन मामलों में करीब 250 गंभीर श्रेणी के हैं, जिनमें ऐसे लोग शामिल हैं जिन्होंने हमलों के लिए लक्ष्य संबंधी जानकारी दी या फिर हमले वाली जगहों…

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उत्तराखंड भारत में रसोई गैस (LPG) से जुड़े नियमों में हाल के दिनों में कई महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल रहे हैं। वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव, ऊर्जा संसाधनों की कमी और आयात पर निर्भरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने गैस वितरण और उपयोग से जुड़े कुछ सख्त फैसले लिए हैं।

इन नए नियमों का सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है। सरकार का मानना है कि ऊर्जा संसाधनों का संतुलित उपयोग और गैस की समान उपलब्धता सुनिश्चित करने के…

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बेटियों की सेहत की सुरक्षा का संकल्प: एएनएम दीपा जोशी की जागरूकता मुहिम और हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की पहल”

रुद्रपुर।ऊधमसिंहनगर में चल रहे एचपीवी टीकाकरण अभियान के तहत रुद्रपुर के जवाहरलाल नेहरू जिला चिकित्सालय में 1 मार्च से लगातार 14–15 वर्ष की किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव हेतु…

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उत्तराखंड में बदला मौसम का मिजाज: 13 जिलों में वर्षा, ओलावृष्टि और अंधड़ का ऑरेंज अलर्ट, रुद्रपुर-काशीपुर-नैनीताल में तेज बारिश”

रुद्रपुर,उत्तराखंड में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। पहाड़ से लेकर तराई और मैदानी इलाकों तक ठंड एक बार फिर लौट आई है और तापमान में गिरावट दर्ज की…

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उच्च न्यायालय ने नया नियम हटाया – देशभर के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा झटका सामने आया है। हाईकोर्ट ने हाल ही में एक ऐसा फैसला सुनाया है जिसने लाखों कर्मचारियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।

नए नियम के तहत अब कर्मचारियों को 60 साल नहीं बल्कि 55 साल की उम्र में ही रिटायर किया जाएगा। कोर्ट का कहना है कि प्रशासनिक ढांचे में युवाओं को…

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हिन्दू धर्मग्रंथों में चार युग की संकल्पना की गई है। ये हैं- सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग और कलियुग। माना जाता है कि हर युग में मनुष्आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ?

सतयुग

चारों युगों में से सबसे पहला सतयुग है। वह युग जहां पाप, अधर्म, अन्याय और झूठ के लिए कोई जगह नहीं होता है, सतयुग कहा गया है। पुराणों के अनुसार, सतयुग का प्रारंभ कार्तिक महीने में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था। ग्रंथों में इस युग की अवधि लगभग 17 लाख 28 हजार वर्ष बताई गई है।

इस युग में देवी-देवता पृथ्वी पर मनुष्य की भांति ही रहते थे। कहते हैं, उनकी आयु लगभग 2 लाख वर्ष होती थी। पुष्कर इस युग का सबसे महान तीर्थ था। इस युग में भगवान विष्णु के 10 मुख्य अवतारों में से मत्स्य, कच्छप, वराह और नरसिंह अवतार हुए थे।

त्रेतायुग

ग्रंथों में त्रेतायुग की अवधि लगभग 12 लाख 28 हजार मानी गई है। इस युग की शुरुआत वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि से हुई थी। इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 10,000 वर्ष हुआ करती थी। कहते हैं इस युग सबसे महान तीर्थ नैमिषारण्य था। इस युग में अधर्म का नाश करने के लिए भगवान विष्णु के श्री राम, वामन, परशुराम के अवतार हुए थे।

द्वापरयुग

पुराणों के मुताबिक, द्वापर युग की अवधि लगभग 8 लाख 64 हजार है। यह युग माघ माह के कृष्ण अमावस्या से शुरू हुआ था। हिंदू धर्म ग्रंथों में इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 1000 वर्ष बताई गई है। इस युग का सर्वश्रेष्ठ तीर्थ कुरुक्षेत्र को माना गया है। द्वापर युग में भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण ने धरती पर जन्म लेकर कंस जैसे दुष्टों का संहार किया था।

कलियुग

वर्तमान युग यानी कलियुग की अवधि तीनों युगों में सबसे कम है। इस युग की अवधि 4 लाख 32 हजार वर्ष बताई जाती है। कलियुग की शुरुआत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि से मानी जाती है। यह तिथि इस साल सोमवार 30 सितंबर, 2024 को पड़ रही है।

हैरत की बात है कि इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 100 वर्ष ही रह गई है। वहीं, गंगा नदी को कलियुग का सबसे पवित्र तीर्थ स्थान बताया गया है। इस युग में भगवान विष्णु के 9वें अवतार भगवान बुद्ध का जन्म हुआ। भगवान विष्णु का 10वां अवतार कल्कि के रूप में कलियुग के अंत में होगा।

कब खत्म होगा कलियुग?

भारतीय काल-निर्णय के अनुसार कलियुग का अंत होने में अभी 4 लाख 26 हजार 875 साल बाकी हैं। इस समय कलियुग का प्रथम चरण चल रहा है और कलियुग के मात्र 5 हजार 125 साल हुए हैं। बता दें कि कलयुग के कुल अवधि 4 लाख 32 हजार साल के बताई गई है।य की बनावट से लेकर उसके व्यवहार और उम्र में कुछ परिवर्तन आए हैं।

   आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ? सतयुग…

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ताकि सनत रहे नगला पंतनगर, 1960 के दशक से लेकर 1980 तक लोगों की बसायत हुई नगला में, अवगत कराते हुए की नगला में निवास करने वाले लोगों में भारतीय सेवा की तरफ से द्वितीय विश्व युद्ध 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। वही कारगिल युद्ध में भीनगला के लोगों ने भारतीय सेना की तरफ से प्रतिभागी किया। जिसमें 1965 और 70 के बीच नगला में निवासरत, स्वर्गीय सूबेदार मेजर खड़क सिंह बिष्ट जिन्होंने19 71,1965 और 1962 की युद्ध में भारतीय सेना में प्रतिभा किया, नगला बायपास निवासी स्वर्गीय लेस नायक प्रेमचंद पांडे, जो की 1965 से नगला में निवास कर रहे हैं ।द्वितीय विश्व युद्ध 1962 और 1965 की लड़ाई में छह माह तक चीन में कैद रहे.। स्वर्गीय हवलदार मेजर धर्म सिंह का परिवार नगला में 1972 से निवास कर रहे हैं,। 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देते हुए भारतीय सेना की तरफ से लड़ाई लड़ी। स्वर्गीय सूबेदार आलम सिंह बिष्ट 1982 से नगला में निवासरत 1962 1965 1971 में भारतीय सेना की तरफ से युद्ध में हिस्सा लिया। कर्नल प्रताप सिंह, कारगिल युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। बोफोर्स तोप एवं रडार सिस्टम का पूर्ण रूप से प्रतिनिधित्व किया जिन्होंने कारगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाई। राजस्थान बॉर्डर पर अपना एक पाव गवा चुके हैं। सूबेदार आलम सिंह के नाती वर्तमान में आर्मी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर एनडीए रजत बिष्ट S/0 नंदन सिंह बिष्ट के दो पुत्र एनडीए क्वालीफाई करने के उपरांत थल सेना में लेफ्टिनेंट एवं जल सेना में कैप्टन उदित बिष्ट अपनी सेवाएं दे रहे हैं। स्वर्गीय इंदर सिंह थापा 1965 1971 की लड़ाई में वही उनके पुत्र लक्ष्मण सिंह थापा भारतीय सेना से हाल फिलहाल रिटायर हुए हैं। त्रिलोक सिंह जिन्होंने भारतीय सेवा में अपने 8 साल दिए हैं। स्वर्गीय भीम सिंह बिष्ट पैरा कमांडो, आदि कई अन्य लोगों ने जो नगला क्षेत्र में निवास कर रहे हैं देश के लिए बहुत कुछ किया है, वहीं अगर उत्तराखंड राज्य आंदोलन की बात की जाए ,नगला क्षेत्र से अवतार सिंह बिष्ट, हरीश जोशी, एवं उनके परिवार के दो अन्य सदस्य, जगदीश बोहरा, प्रकाश पुजारी, जो की चिन्हित राज्य आंदोलनकारी हैं। परिवार के साथ नगला में 1976 से निवास करते हैं,। उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ-साथ, उधम सिंह नगर को उत्तराखंड में मिलने के लिए 24,36 व 72 घंटे का जाम और उत्तराखंड राज्य आंदोलन में अनगिनत आंदोलन इनके द्वारा किए गए। दिल्ली फिरोजशाह कोटला मैदान से इंडिया गेट तक का मार्च पास्ट एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। उत्तराखंड राज्य गठन मै महत्वपूर्ण भूमिका इन की रही है। ताकि सनत रहे, उत्तराखंड राज्य आंदोलन में पूरा नगला क्षेत्र एक जुटता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जिसमें सभी जाति धर्म के लोग सम्मिलित होते थे ,मिल का पत्थर साबित हुआ था। पूरे उधम सिंह नगर में नगला क्षेत्र का जबरदस्त ,,विशेष,, असर देखने को मिलता था । नगला की खबर उधम सिंह नगर की खबर बन जाती थी। जिस नगला क्षेत्र को तोड़ने की चर्चा आजकल चल रही है । नगला वासियों ने देश व प्रदेश को एवं समाज को बहुत कुछ दिया है। आज जब नगला क्षेत्र को तोड़ने की कवायत चल रही है। राजेश शुक्ला पूर्व विधायक के द्वारा सराहनीय कार्य नगला को बचाने के लिए किया जा रहा है। नगला क्षेत्र को तोड़ने के लिए सरकारी महकमा भी कहीं ना कहीं असहज महसूस कर रहा है। हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की तरफ से हम सरकार से मांग करते हैं नगला क्षेत्र के लोगों का एवं नगला मै निवास कर रहे लोगों के अधिकार सुरक्षित हो, विधानसभा पटल पर नगला क्षेत्र को लंबे समय से निवास कर रहे लोगों को मलिकाना हक दिया जाए। और देश, प्रदेश व समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नगला ,पंतनगर वासियों के अधिकार सुरक्षित किये जाए। उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना थी, उत्तराखंड के मूल निवासियों के अधिकार सुरक्षित होंगे। लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार में सबसे ज्यादा जिन्हें नुकसान हुआ है या फिर जिनके घर तोड़ दिए गए या फिर तोड़ दिया जाएंगे। नगला वासी 60 ,70, 80 के दशक में उन जगहों पर नगला मै विस्थापित हो चुके थे ।जिन्हें आज सरकार अपना बता रहीहैं। नगला वासी की निगाहें उत्तराखंड सरकार पर हैं ।असमंजस की स्थिति नगला क्षेत्र में बनी हुई है। एक और जहां लोगों के अंदर आक्रोश है। वहीं दूसरी ओर अपने जीवन की महत्वपूर्ण जमा पूंजी व अपने मेहनत के दम पर खड़े किए गए कंक्रीट के मकान उनके दर्द को बाया कर रहे हैं। महिलाएं वह बच्चे पथराई आंखों से अपने टूटे हुए घर को देखकर स्तंभ है। लोगों के अंदर दहशत का माहौल है। उम्मीद की एक किरण धामी सरकार पर है। जो नगला को बचा सकती है।

Hindustan Global Times, Avtar Singh Bisht, journalist from Uttarakhand नगला, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी एवं भारतीय सेना, मैं महत्वपूर्ण भूमिका रही है नगला कवाशियो की ताकि सनत रहे नगला के…

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कत्यूरी सम्राट प्रीतम देव की महारानी जिया का नाम उत्तराखंड की वीर और पौराणिक गाथाओं में सम्मान से लिया जाता है। कत्यूरी राजवंश में माता को जिया कहा जाता है, इसलिए उन्हें जिया रानी कहा जाता है।इतिहासकारों और स्‍थानीय लोगों के मुताबिक जिया रानी धामदेव की मां थी और प्रख्यात उत्तराखंडी लोककथा नायक मालूशाही की दादी थीं। कहा जाता है कि जिया रानी हल्‍द्वानी के रानीबाग में रहीं थीं और उन्होंने यहां अपना बाग सजाया था। जिस कारण इस जगह का नाम रानीबाग पड़ा। जिया रानी पर कई कहावते प्रचलित हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में… रानीबाग में जिया रानी का मंदिर है। माता जिया रानी की गुफा आज भी रानीबाग में स्थित है। मान्‍यता है कि वह गुफा से वह सीधे हरिद्वार निकली थीं। यहां एक विशाल शिला है, जिसे जिया रानी का घाघरा मानकर लोग पूजते हैं। स्‍थानीय परंपराओं के अनुसार माता जिया रानी कत्यूरी वंश की रानी थीं। हर साल मकर संक्रांति के अवसर पर रानीबाग में कत्यूरी वंश के लोग और सैकड़ों स्‍थानीय लोग अपने परिवार सहित सामूहित पूजा करते हैं। जिसे जागर हैं। उत्तराखंड में जिया रानी की गुफा के बारे में एक किवदंती प्रचलित है। कहा जाता है रानी जिया कत्यूरी राजा पृथ्वीपाल उर्फ प्रीतमदेव की पत्नी थी। वह रानीबाग में चित्रेश्वर महादेव के दर्शन करने आई थीं। रानी जिया बेहद सुंदर थीं। जैसे ही रानी नहाने के लिए नदी पर पहुंचीं तो वहां रुहेलों की सेना ने वहां घेरा डाल दिया। इस दौरान उन्होंने अपने ईष्ट देवताओं का स्मरण किया और गार्गी नदी के पत्थरों में ही समा गईं। नदी के किनारे एक विचित्र रंग की शिला आज भी वहां देखने को मिलती है, जिसे चित्रशिला कहा जाता है। जिया रानी को कुमाऊं में न्याय की देवी के रूप में पूजा जाता है। इतना ही नहीं जिया रानी कई कुलों की आराध्‍य देवी भी हैं।क्या है माता जिया रानी का असली नाम?जिया रानी का वास्तविक नाम मौला देवी था, जो हरिद्वार के राजा अमरदेव पुंडीर की पुत्री थीं। मौला देवी राजा प्रीतमपाल की दूसरी रानी थीं। मौला देवी को राजमाता का दर्जा मिला और उस क्षेत्र में माता को जिया कहा जाता था, इसलिए उनका नाम जिया रानी पड़ गया।क्‍यों कहलाई कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई?माता जिया रानी को कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई कहा जाता है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि माता जिया रानी ने रोहिलो और तुर्कों के आक्रमण के दौरान कुमाऊं की रक्षा की थी और युद्ध में बलिदानी हुईं थी।

स्‍थानीय लोगों का मानना है कि युद्ध के समय जिया रानी ने हीरे-मोती जड़ित लहंगा पहना था। जो बाद में पत्थर बन गया। ये पत्थर आज भी है रानीबाग में…

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिवंगत कैलाश चन्द्र गहतोड़ी के निवास पर पहुंचकर परिवारजनों को ढांढस बंधायाकाशीपुर (उद संवाददाता)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को यहां अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर आवश्यक दिशा निर्र्देश दिये। बाद में उन्होंने वन विकास निगम के दिवंगत अध्यक्ष कैलाश चन्द्र गहतोड़ी के निवास पर पहुंचकर शोक संवेदना प्रकट की और परिवारजनों को ढांढस बंधाया। तय कार्यक्रम के मुताबिक सीएम धामी गुरूवार को काशीपुर पहुंचे। उनके साथ उनकी पत्नी गीता धामी भी थी। स्पोर्ट्स स्टेडियम में बने हेलीपैड पर भाजपाईयों ने मुख्यमंत्री का बुके भेंटकर स्वागत किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने भाजपा पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। सीएम धामी ने स्टेडियम में डीएम व एसएसपी समेत जिले के आला अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक पेयजलापूर्ति के साथ ही कई अन्य मुद्दों पर गहन चर्चा हुई। इसके बाद सीएम धामी स्वर्गीय कैलाश चंद्र गहतोड़ी के आवास पर पहुंचे और उनके परिवार को सांत्वना देते हुए शोक संवेदना व्यक्त की। इस दौरान पत्रकारों से वार्ता करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि चार धाम यात्रा को लेकर सभी तैयारिया पूर्ण कर ली गई हैं। सभी श्रद्धालुओं की यात्रा सुखमय हो, इसके लिए सरकार द्वारा पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। सूबे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा जनपद में कहीं भी पेयजल संकट न हो इस हेतु अधिकारी सक्रियता से कार्य करें व सभी पेयजल महकमे के अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों का नियमित भ्रमण करें व पेयजल सम्बंधित समस्याओं का समाधान करें। उन्होंने कहा कि पेयजल लाइनों की लीकेज तुरन्त ठीक करायें व विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत निर्माणाधीन पेयजल योजनाएं हैं उन्हें त्वरित गति से कार्य करते हुए पूर्ण कराएं।उन्होंने कहा गर्मी का सीजन है इसीलिए शहरों में जन साधारण के शीतल पेयजल हेतु प्याऊ व वॉटर कूलर लगाए जाएं यह निर्देश मुख्यमंत्री श्री धामी ने अपने एक दिवसीय काशीपुर भ्रमण के दौरान काशीपुर स्पोर्ट्स स्टेडियम में अधिकारियों की बैठक लेते हुए दिए।

रूद्रप्रयाग  चारधाम यात्रा 2024 की भव्य तैयारियां पूर्ण हो गई हैं। शुक्रवार 10 मई को प्रातः विधिविधान के साथ केदारनाथ धाम के कपाट खुलेंगे । केदारनाथ मंदिर को करीब 45 कुंतल फूलों से सजाया जा रहा है। उत्तराखंड के चार धाम और 12 ज्योतिर्लिंग में से एक केदारनाथ धाम भक्तों के लिए आकर्षण और श्रद्धा का केंद्र रहता है। लाखों भक्त बाबा का आशीर्वाद लेने के लिए बेसब्री से इंतजार करते हैं। बाबा केदार की डोली शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर से यात्रा पड़ावों से होकर आज गौरकुंड से प्रस्थान कर 9 मई को केदारनाथ धाम में विराजमान होंगे। केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलने के समय केदारनाथ मंदिर में लंबी औपचारिक पूजा होती है।तीर्थयात्री केदारनाथ मंदिर में मुख्य पुजारियों की पहली बार उद्घाटन पूजा करने के बाद ही दर्शन कर सकते हैं। 10 मई सुबह 7 बजे से बाबा केदारनाथ के कपाट श्रृद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। इसी तरह 10 मई को यानी अक्षय तृतीया के दिन गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलेंगे। बद्रीनाथ धाम के कपाट 12 मई को खोले जाएंगे। बाबा केदार की चल विग्रह उत्सव डोली आज गौरीकुड से केदारनाथ धाम के लिए प्रस्थान करेगी। गौरीकुड में स्थित गौरीमायी के मंदिर में पहुंचने पर डोली का गौरीकुड में बड़ी संख्या में भक्त एवं स्थानीय लोगों ने भव्य स्वागत किया था। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी भी कपाट खुलने के मौके पर केदारनाथ में मौजूद रह सकते हैंं। केदारनाथ धाम फूलों से सजाया गया है।

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अल्मोड़ा सोमेश्वर में बुधवार रात बादल फटने से आफत आ गई। भारी बारिश से कई मकानों में मलबा घुस गया। कई वाहन मलवे में दब गये। अल्मोड़ा और बागेश्वर जिलों को जोड़ने वाला अल्मोड़ा-कौसानी हाईवे बंद हो गया। बारिश का पानी मलबे के साथ घरों के आगे नाले के रूप में बहने लगा। जिससे लोग घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर दौड़ पड़े। बारिश के पानी के साथ मलबा और बोल्डर घरों तक पहुंच गये। इससे मकानों में दरारें पड़ गईं। प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया। बुधवार देर शाम सोमेश्वर क्षेत्र के चनौदा और अघूरिया में अचानक बादल फटा और भारी बारिश हुई। चनौदा में गांव के पीछे की ओर से बारिश का पानी अपने साथ मलबा और बोल्डर बहा लाया। देखते ही देखते मलबा और बोल्डर घरों के आगे पहुंच गए तो लोग बाहर की तरफ दौड़ पड़े। कुछ ही देर में मलबे से कुंवर भाकुनी, सुनील भाकुनी, संजय भाकुनी, बालम भाकुनी, ललित भाकुनी के मकान पट गए। घरों में रखा सामान भी मलबे में दब गया। एक घंटे बाद बारिश थमने के बाद ग्रामीणों ने घरों में पहुंचने की हिम्मत जुटाई। दहशत के कारण ग्रामीण पूरी रात नहीं सो सके। अल्मोड़ा-कौसानी हाईवे बंद होने से वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। कई वाहन फंसे रहे। कई वाहन मलवे में दब गये। हालांकि प्रशासन ने सड़क खोलने के लिए जेसीबी मौके पर भेजी, लेकिन देर रात तक भी आवाजाही शुरू नहीं हो सकी थी। एसएसपी देवेन्द्र पींचा ने प्रातः चनौदा सोमेश्वर मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और थानाध्यक्ष सोमेश्वर कश्मीर सिंह व पुलिस बल को आवश्यक दिशा निर्देश दिये। यातायात खुलवाने के लिए जेसीबी मशीनों से मलवा हटाने का काम शुरू किया गया। मलवे में कुछ वाहन भी दब गये थे उन्हें बमुश्किल निकाला गया। बारिश न होने से क्षेत्र में बहने वाली साईं और कोसी नदी सूखने के कगार पर पहुंच चुकी थीं। बुधवार को हुई भारी बारिश के बाद दोनों नदियां अचानक उफान पर आ गईं। पहली ही बारिश में दोनों नदियों का जलस्तर काफी बढ़ गया। सोमेश्वर की तहसीलदार खुशबू पाण्डे ने कहा कि भारी बारिश से सोमेश्वर के चनौदा और अघूरिया में कुछ घरों में मलबा घुस गया। अल्मोड़ा-कौसानी हाईवे भी मलबा आने से बंद हो गया। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। नुकसान का आंकलन किया जा रहा है।

रूद्रपुर। आज दोपहर श्रमिकों को लेकर सिडकुल जा रहा टैम्पो मार्ग में अनियत्रित होकर पलट गया जिससे टैम्पो चालक सहित आठ श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गये जिन्हे उपचार के लिये जिला चिकित्सालय ले जाया गया है। घायलों में एक की हालत चिंताजनक देखते हुये चिकित्सकों ने सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी के लिये रेफर कर दिया। जानकारी के अनुसार आज दोपहर मौहल्ला जगतपुरा निवासी महेन्द्र कुमार पुत्र पनीराम अपने टैम्पो संख्या यूके 06 टीए 6701 में सिडकुल की अलग-अलग फैक्ट्रियों के श्रमिकों को लेकर सिडकुल ढाल से रवाना हुआ। जब वह नारी फार्म से सिडकुल सेक्टर चार के पास पहुंचा तो तीव्र गति से जाता टैम्पू अनियंत्रित होकर पलट गया जिससे टैम्पो में सवार यात्रियों में चीख पुकार शुरू हो गई। आसपास खड़े लोगों ने यात्रियों को टैम्पों से निकाला। इस दुर्घटना में चालक महेन्द्र कुमार सहित आजादनगर ट्रांजिट कैम्पा निवासी कृष्णा पुत्र छेदी चौहान, सचिन कुमार पुत्र दया राम, तारा चन्द्र पुत्र राम भरोसे, ट्रांजिट कैम्प निवासी अनिल कुमार पुत्र बालक राम, ठाकुर नगर निवासी रिंकू पुत्र जंग बहादुर व रेनू पुत्री गजेन्द्र आदि गंभीर रूप से घायल हो गय। सभी घायलों को उपचार के लिये जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया। जहां रिंकू की हालत चिंता जनक देखते हुये चिकित्सकों ने उसे सुशीला तिवारी अस्पताल,हल्द्वानी के लिये रेफर कर दिया। मामले की सूचना मिलने पर पुलिस घटना स्थल पर पहुंचकर जानकारी ली और चिकित्सालय आकर घायलों का हालचाल जाना।

रूद्रपुर अटरिया रोड़ पर स्थित प्राचीन सिद्ध पीठ मां अटरिया मंदिर में चैत्र माह में नवरात्र के अष्टमी पर्व दिवस से पिछले कई दशकों से अटरिया मेले का आयोजन होता आ रहा है। जिसमें नगर एवं दूरदराज क्षेत्रों से लाखों की संख्या में श्रद्धालु आकर मां अटरिया की विधि विधान से पूजा अर्चना कर मन्नतें मांगते हैं। मान्यता है कि मंदिर में मांगी गई मन्नतें मां अटरिया अवश्य पूरी करती है। मंदिर परिसर के बाहर सरकारी एवं काश्तकारों की भूमि पर दशकों से मेला भी आयोजित होता आ रहा है। जिसमें पूजा सामग्री, खान पान की दुकानों के साथ ही खेल खिलौने, श्रृंगार सामग्री, बर्तन, कपड़े, दैनिक उपयोग की वस्तुएं सहित कई झूले भी लगाये जाते हैं। जहां मेले में आने वाले श्रद्धालु मंदिर में पूजा अर्चना करने के साथ ही मंेले में खरीददारी तथा मनोरंजन करते हैं। पूर्व में यहां मेले आयोजन की जिम्मेवारी ठेका प्रथा पर दी जाती थी। परंतु मन्दिर समिति का ठेकेदारों से वैचारिक मतभेदों के कारण गत वर्ष प्रशासनिक अधिकारियों की मध्यस्थता में कमेटी का गठन कर मेला आयोजन के लिए नीलामी की गई। पिछले वर्ष मेला का ठेका 22 लाख रूपये से ऊपर में छूटा था और जीएसटी लगाकर 26 लाख रूपये से ऊपर की रकम सरकारी खजाने में जमा कराई गई थी। परंतु इस वर्ष लोकसभा चुनावके मद्देनजर लगी आचार संहिता के चलते मेले के आयोजन के लिये नीलामी नहीं कराई जा सकी। जिस पर माता अटरिया मन्दिर समिति द्वारा प्रशासन को एक पत्र भेजकर मेले लगाये जाने की अनुमति मांगी गई। अनुमति न मिलने के बावजूद भी समिति द्वारा मेले का आयोजन कर लिया गया। बताया जाता है कि समिति द्वारा पिछले वर्ष हुई नीलामी की धनराशि जितना शुल्क इस वर्ष भी सरकारी खजाने में जमा कराये जाने की बात कहकर मेला लगाया गया था। मेले के दौरान चढ़ावा,मुण्डन, शौचालाय,सर्कस, झूले और दुकाने आदि से मन्दिर समिति को पिछले वर्षो की भांति इस वर्ष भी करोड़ो रूपये की आय हुई। करोड़ों में आय होने के बावजूद भी मन्दिर समिति द्वारा 26 लाख रूपये से अधिक का शुल्क सरकारी खजाने में अभी तक जमा नही कराया गया है। सरकारी शुल्क जमा न कराये जाने की जानकारी जब एसडीएम को लगी तो उन्होने गत दिवस मेले के सभी पक्षकारों को बुलाकर जमकर फटकार लगाई। इस दौरान एक पक्षकार द्वारा बताया गया कि उसके द्वारा 6 लाख रूपये सरकारी खजाने में जमा करा दिये गये है। एसडीएम ने मन्दिर समिति को 1 दिन का समय देते हुये शेष सरकारी शुल्क तुरन्त जमा करने का निर्देश दिया। बताया जाता है कि मन्दिर समिति द्वारा अभी तक मेले की नीलामी का सम्पूर्ण शुल्क अभी तक जमा नही कराया गया है। अब देखना यह होगा कि बिना अनुमति के लगाये गये मेले और उसके बावजूद अभी तक सरकारी शुल्क जमा न किये जाने के मामले में प्रशासन द्वारा मेला आयोजकों के खिलाफ क्या कार्रवाई अमल में लाई जाती है।

रामनगर शहर के मोहल्ला भरतपुरी इलाके में बुधवार की दोपहर दिनदहाड़े एक अज्ञात चोर ने इनोवा कार चोरी कर पुलिस के सुरक्षा दावों की पोल खोल दी थी । घटना की जानकारी मिलने के बाद हरकत में आई कोतवाली पुलिस ने मात्र 5 घंटे के भीतर इनोवा कार के साथ एक चोर को गिरफ्तार कर लिया। घटना के संबंध में जानकारी देते हुए कोतवाल अरुण कुमार सैनी ने बताया कि मोहल्ला भरतपुरी निवासी हरीश चंद्र घिल्डियाल ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि अज्ञात चोरों द्वारा उसकी इनोवा कर चोरी कर ली गई है। उन्होंने बताया कि मामले में वाहन स्वामी की तहरीर पर अज्ञात चोर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई जिसमें पुलिस ने घटना के मात्र 5 घंटे के भीतर ही मोहल्ला बंबाघेर निवासी हर्षित शर्मा को उक्त चोरी की कार साथ दबोच लिया। उसके खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत अभियोग दर्ज कर कोर्ट में पेश करने की कार्रवाई की गई है।

अब घर बैठे दें अपने पड़ोसी की बेनामी संपत्ति की जानकारी, सरकार ने शुरू की नई सर्विसauthorनिलेश कुमार | Updated on: Jun 07, 2021 | 10:39 AMवित्‍त मंत्रालय (Finance Ministry) ने कहा कि कर चोरी को रोकने और ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने की दिशा में ये अगला कदम है. ई-पोर्टल पर मिलने वाली शिकायतों पर विभाग तत्‍काल कार्रवाई करेगा.

अब घर बैठे दें अपने पड़ोसी की बेनामी संपत्ति की जानकारी, सरकार ने शुरू की नई सर्विसविवाद से विश्वास स्‍कीम के तहत पेमेंट की अंतिम तारीख 31 मार्च 2021 है. […]

काशीपुर, 09 मई,2024- सूबे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा जनपद में कहीं भी पेयजल संकट न हो इस हेतु अधिकारी सक्रियता से कार्य करें व सभी पेयजल महकमे के अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों का नियमित भ्रमण करें व पेयजल सम्बंधित समस्याओं का समाधान करें। उन्होंने कहा कि पेयजल लाइनों की लीकेज तुरन्त ठीक करायें व विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत निर्माणाधीन पेयजल योजनाएं हैं उन्हें त्वरित गति से कार्य करते हुए पूर्ण कराएं।उन्होंने कहा गर्मी का सीजन है इसीलिए शहरों में जन साधारण के शीतल पेयजल हेतु प्याऊ व वॉटर कूलर लगाए जाएं यह निर्देश मुख्यमंत्री श्री धामी ने अपने एक दिवसीय काशीपुर भ्रमण के दौरान काशीपुर स्पोर्ट्स स्टेडियम में अधिकारियों की बैठक लेते हुए दिए।समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी उदय राज सिंह ने बताया कि बताया कि जनपद में 12,123 हेण्ड पम्प हैं जिसमें से 11,578 हेण्ड पम्प सुचारू है, तथा 545 हेण्ड पम्प खराब है जिन्हें शीघ्र ही ठीक कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अर्बन क्षेत्रों में हेण्ड पम्प प्राथमिकता से बनाये जाएंगे, उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशनके अंतर्गत 604 राजस्व ग्रामों हेतु 333 पेयजल योजनाएं बनाई जा रही हैं। सभी योजनाओं के कार्य आगामी माह अगस्त तक पूर्ण कर लिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि अमृत योजना के अंतर्गत नगर निगम काशीपुर में 6 जोनों के लिए सात नलकूप का निर्माण व 6 उच्च जलाशय के निर्माण किया जा रहा है जिसमें से 5 जोन कार्य पूर्ण कर जल संस्थान को हस्तांरित कर दिए गए हैं जबकि जोन 8 का योजना निर्माण पूर्ण हो चुका है, ट्रायल टेस्टिंग कार्य प्रगति पर हैं। इसी तरह अमृत योजना के अंतर्गत नगर निगम रुद्रपुर में 5 जोन में पेयजल योजना कार्य पूर्ण हो चुका है व जल आपु6सुचारू कर दी गई है। योजना हस्तांतरण कार्य गतिमान है। उन्होंने बताया कि विश्व बैंक परियोजना के अंतर्गत नगर पालिका खटीमा के वार्ड नं 3, 4, 5 हेतु बन्डिया पेयजल योजना कार्य पूर्ण कर पेयजल सुचारू कर दिया गया है तथा उमरू खुर्द पेयजल योजना व महुलिया पेयजल कार्य प्रगति पर है। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में 3 करोड़ के 17 आपदा न्यूनीकरण कार्य चिन्हित कर टेंडर कर दिए गए हैं तथा 51 बाढ़ आपदा न्यूनीकरण कार्य चिन्हित किये गए हैं इसके लिए उन्होंने 5 करोड़ धनराशि की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि वर्षा काल से पूर्व बाढ़ आपदा न्यूनीकरण हेतु नदी-नालों की डी सिल्टिंग कार्य किया जा सके। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में वनाग्नि के 65 मामले हुए जिन पर शीघ्र ही काबू पा लिया गया था।नगर आयुक्त काशीपुर ने बताया कि नगर निगम काशीपुर में पानी की कोई समस्या नहीं है, 347 हेण्ड पम्प सुचारू है। उन्होंने बताया कि जनता को शुद्ध व शीतल पेयजल उपलब्ध कराने हेतु नगर निगम, छत्री चौराहा, गैस गोदाम, चैती मोड़, टांडा तिराहा में वॉटर कूलर स्थापित किये गए हैं जबकि रोडवेज में शीघ्र वॉटर कूलर स्थापित किया जाएगा।उपजिलाधिकारी बाजपुर ने बताया कि बाजपुर क्षेत्र में पेयजल की समस्या नहीं है मगर वर्षाकाल में लेवड़ा नदी से बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो जाती है इसीलिए उसकी डी- सिल्टिंग व तटबन्ध मरम्मत कार्य आवश्यक है।बैठक में एसएसपी मंजुनाथ टीसी, परियोजना निदेशक अजय सिंह, एएसपी अभय कुमार सिंह, उपजिलाधिकारी अभय प्रताप सिंह, गौरव चटवाल, राकेश तिवारी, सीओ अनुषा बडोला, नगर आयुक्त विवेक राय, उपयुक्त नगर रोहिताश शर्मा, अधीक्षण अभियंता पेयजल निगम मृदुला सिंह, अधिशासी अभियंता जल संस्थान तरुण शर्मा, डीएसटीओ नफील जमील, डीडीएमओ, उमा शंकर नेगी सहित अनेक अधिकारी उपस्थित थे।

काशीपुर । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को यहां अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर आवश्यक दिशा निर्र्देश दिये। बाद में उन्होंने वन विकास निगम के दिवंगत अध्यक्ष कैलाश चन्द्र […]

रुद्रपुर,नागेंद्र भट्ट।MD swarnika,स्वर्णिका ज्वेलर्स एवं बिल्डर ने जो आरोप लगाए हैं पूरी तरह से फर्जी है। मेने 95% प्लांट जो की। swarnika,स्वर्णिका ज्वेलर्स md नागेंद्र भट्ट के द्वारा निर्मित कॉलोनी में प्लांट मेरे द्वारा बेचे गए । सभी प्लांट खरीदने वालों ने नागेंद्र भट्ट md swarnika,स्वर्णिका को नगद ,अकाउंट में पेमेंट दिया। क्योंकि मैं प्रत्येक प्लांट पर कमीशन के बेस पर कार्यरत था। नागेंद्र भट्ट के खाते से प्रत्येक प्लांट की कमीशन मेरे खाते में आती रही। अंकित बोस ने आय से अधिक संपत्ति का भी लगाया ज्ञानेंद्र भट्ट md स्वर्णिका ज्वेलर्स पर आरोप , हल्द्वानी में केएफसी के पास करोड़ों का फ्लैट, रुद्रपुर में swarnika,स्वर्णिका ज्वेलर्स जो पूर्व में पीसी ज्वेलर्स के नाम से था ,हल्द्वानी में गुरु रतन केंद्र ज्वेलर्स , रुद्रपुर स्थित टाइटन शोरूम बिल्डिंग करोड़ों में सौदा,25 अप्रैल को खटीमा में swarnika,स्वर्णिका ज्वेलर्स के नाम से नए भाग्य शोरूम का उद्घाटन , एवं 1000 करोड़ से अधिक की संपत्ति विभिन्न रिश्तेदारों के नाम। ED की कार्रवाई मुझ पर नहीं नागेंद्र भट्ट पर होनी चाहिए। अंकित बोस…..क्रमश पार्ट 1

Ankit Bose  वर्तमान में जयनगर स्थित आलीशान परिसर आफिस से अपने सभी कारोबार को चला रहा है और 95% अंकित बोस के द्वारा बेचे गए प्लाट की रजिस्ट्री खुद नागेंद्र […]

रूद्रपुर। भाजपा जिला कार्यालय में आयोजित बैठक में आगामी निकाय चुनाव की तैयारियों को लेकर व्यापक चर्चा करते हुए रणनीति बनाई गयी। इस दौरान भाजपा प्रदेश मंत्री विकास शर्मा ने कार्यकर्ताओं से निकाय चुनाव की तैयारियों में जुटने का आहवान किया।

भाजपा प्रदेश मंत्री विकास शर्मा ने बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव का परिणाम घोषित होने के तुरंत बाद निकाय चुनाव होने हैं इसके लिए कार्यकर्ता अभी […]