देहरादून/रुद्रपुर। उत्तराखंड में मानसून की सक्रियता के बीच प्राकृतिक आपदा, ग्रामीण सड़कों की बदहाली, योजनाओं के बजट, अपराध और प्रशासनिक कार्रवाई से जुड़े कई बड़े घटनाक्रम सामने आए हैं। प्रदेश में इस वर्ष बारिश ने ग्रामीण सड़क तंत्र को व्यापक नुकसान पहुंचाया है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत निर्मित 946 सड़कें और 15 पुल आपदा की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हुए हैं। कई गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि तथा रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी चुनौतियां बढ़ी हैं। इसी बीच मौसम विभाग ने देहरादून, पिथौरागढ़, नैनीताल और बागेश्वर में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
दूसरी ओर, उत्तराखंड हाईकोर्ट ने नंदा-गौरा योजना का लाभ पात्र बालिकाओं को समय पर उपलब्ध कराने के मामले में सरकार से कड़े सवाल किए हैं। धारचूला में एसबीआई बैंक मैनेजर की हत्या के मामले में अदालत ने सुरक्षा गार्ड को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर 27 अगस्त को प्रदेश के 13 प्रमुख शिक्षण संस्थानों में खेलो इंडिया संवाद कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल माध्यम से युवाओं को संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर मिलावट और जमाखोरी के खिलाफ प्रदेशभर में विशेष अभियान भी तेज किया गया है। वहीं, काशीपुर में 19 वर्षीय छात्रा कांति झा हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
ग्रामीण सड़कों पर मानसून की सबसे बड़ी मार
उत्तराखंड के पर्वतीय और ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश का असर सबसे अधिक सड़क संपर्क पर पड़ा है। पीएमजीएसवाई के अंतर्गत बनी 946 सड़कें और 15 पुल क्षतिग्रस्त होने से दूरस्थ गांवों की आवाजाही प्रभावित हुई है। कई स्थानों पर सड़कें टूटने, भूस्खलन और पुलों के क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों को लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है।
ग्रामीण सड़कें किसी क्षेत्र की जीवनरेखा होती हैं। सड़क संपर्क प्रभावित होने का सीधा असर मरीजों, विद्यार्थियों, किसानों, महिलाओं और बुजुर्गों पर पड़ता है। गंभीर मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने में अतिरिक्त समय लग रहा है। किसानों के सामने नगदी फसलों को मंडियों तक पहुंचाने की चुनौती खड़ी है। पहाड़ी क्षेत्रों में फल, सब्जी और अन्य कृषि उत्पाद समय पर बाजार तक पहुंचने पर ही किसानों को उचित मूल्य मिल पाता है।
अक्सर आपदा के बाद प्राथमिकता राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्य मार्गों और प्रमुख जिला मार्गों की बहाली को मिलती है। ग्रामीण संपर्क मार्गों की मरम्मत में देरी होने से गांवों की परेशानियां लंबी खिंच जाती हैं। इस मानसून में भी ग्रामीण सड़क तंत्र को जल्द बहाल करना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती बना हुआ है।
चार जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार मंगलवार को देहरादून, पिथौरागढ़, नैनीताल और बागेश्वर में भारी बारिश की संभावना है। प्रदेश के अन्य पर्वतीय जिलों और ऊधमसिंह नगर में भी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है। बीते 24 घंटों में पंतनगर में 39.6 मिलीमीटर, यमकेश्वर में 35 मिलीमीटर, चोरगलिया में 29 मिलीमीटर और पोखरी में 21 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। देहरादून में 8.5 मिलीमीटर वर्षा हुई। राजधानी का अधिकतम तापमान 32.8 और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहा।
लगातार बारिश को देखते हुए ग्रामीण इलाकों में सड़क संपर्क, नदी-नालों के जलस्तर और संवेदनशील क्षेत्रों पर निगरानी जरूरी हो गई है। प्रशासन के सामने एक तरफ बंद रास्ते खोलने की चुनौती है तो दूसरी ओर संभावित नई आपदा से निपटने की तैयारी भी करनी है।
नंदा-गौरा योजना पर हाईकोर्ट की सख्ती
12वीं पास मेधावी बालिकाओं को उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता देने वाली नंदा-गौरा योजना के लाभ में देरी पर उत्तराखंड हाईकोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा है। मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ शाह की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान पात्र बालिकाओं को योजना का लाभ समय पर उपलब्ध कराने को लेकर सरकार से स्थिति स्पष्ट करने को कहा।
सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि मामला वित्त विभाग के स्तर पर विचाराधीन है और आवश्यक बजट जल्द जारी किया जाएगा। याचिकाकर्ता की ओर से तर्क दिया गया कि बजट जारी होने में देरी का सीधा असर गरीब परिवारों की बालिकाओं की उच्च शिक्षा पर पड़ रहा है।
मामला चमोली निवासी सामाजिक कार्यकर्ता ममता नेगी की जनहित याचिका से जुड़ा है। याचिका के अनुसार वर्ष 2022-23 में इंटरमीडिएट परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली चमोली जिले की 439 बालिकाओं ने वर्ष 2023 में योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज जमा किए थे। प्रत्येक पात्र बालिका को 51 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जानी थी। संबंधित विभाग ने इसके लिए करीब 2.45 करोड़ रुपये के बजट की मांग की थी। हाईकोर्ट ने सरकार और महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग को मामले की स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं। अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी।
धारचूला बैंक मैनेजर हत्याकांड में उम्रकैद
पिथौरागढ़ जिले के धारचूला में एसबीआई शाखा के तत्कालीन बैंक मैनेजर मोहम्मद ओवेश की हत्या के मामले में अदालत ने सुरक्षा गार्ड दीपक क्षेत्री को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। घटना मई 2023 की है। पुलिस के अनुसार 6 मई 2023 को बैंक शाखा में ड्यूटी और उपस्थिति को लेकर विवाद के बाद सुरक्षा गार्ड ने बैंक मैनेजर पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी।
गंभीर रूप से झुलसे बैंक मैनेजर को प्राथमिक उपचार के बाद उच्च चिकित्सा केंद्र भेजा गया। उपचार के दौरान 16 मई 2023 को नई दिल्ली में उनकी मृत्यु हो गई। सत्र न्यायालय ने हत्या की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और 40 हजार रुपये अर्थदंड तथा आग लगाने से संबंधित धारा में 10 वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड जमा न करने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास का प्रावधान किया गया है।
27 अगस्त को युवाओं से जुड़ेंगे प्रधानमंत्री
राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर 27 अगस्त को उत्तराखंड के 13 प्रमुख शिक्षण संस्थानों में खेलो इंडिया संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल माध्यम से देशभर के करीब 1600 स्थानों पर मौजूद आठ लाख से अधिक युवाओं को संबोधित करेंगे।
उत्तराखंड में राजकीय पीजी कॉलेज कर्णप्रयाग, ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय देहरादून, देव संस्कृति विश्वविद्यालय हरिद्वार, एचएनबी गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय श्रीनगर, डीवीएस कॉलेज देहरादून, फीनिक्स विश्वविद्यालय रुड़की, एशियन एकेडमी पिथौरागढ़, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा, श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय टिहरी, उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय हल्द्वानी, पीजी कॉलेज उत्तरकाशी, पीजी कॉलेज अगस्त्यमुनि और पीजी कॉलेज जखोली में कार्यक्रम होंगे।
युवा प्रतिभागियों की उपस्थिति सुबह 10 बजे तक सुनिश्चित की जाएगी। प्रधानमंत्री के संबोधन के बाद स्थानीय स्तर पर युवा संवाद होगा। इसमें माय भारत स्वयंसेवक, राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक और स्थानीय खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य खेल, युवा नेतृत्व, सहभागिता और विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका को सामने लाना है।
मिलावट और जमाखोरी के खिलाफ विशेष अभियान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रदेशभर में मिलावट और जमाखोरी के खिलाफ एक सप्ताह का विशेष अभियान चलाया जा रहा है। निगरानी की जिम्मेदारी मंडलायुक्तों को दी गई है। जिला प्रशासन, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन के साथ मिलकर दुकानों और प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर रहा है।
अभियान के दौरान खाद्य पदार्थों के नमूने लिए जा रहे हैं। एक्सपायरी अथवा खराब सामग्री मिलने पर उसे नष्ट कराया जा रहा है। चीनी की जमाखोरी और घरेलू गैस सिलिंडरों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर भी निगरानी रखी जा रही है।
देहरादून में सोमवार को 11 नमूने लिए गए। एक अगस्त से अब तक 70 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर 48 नमूने लिए जा चुके हैं और 11 दुकानदारों को नोटिस जारी हुए हैं। हरिद्वार में 17 अगस्त से 47 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करते हुए 27 नमूने लिए गए और 10 नोटिस जारी किए गए। चमोली में तीन नमूने लेकर दो दुकानदारों को नोटिस दिए गए। रुद्रप्रयाग में 12 दुकानों से छह नमूने लिए गए और एक्सपायरी सामग्री नष्ट कराई गई।
ऊधमसिंह नगर में भी अभियान को गति दी जा रही है। प्रशासन की कार्रवाई का उद्देश्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ जमाखोरी और नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी अंकुश लगाना है।
काशीपुर में कांति झा हत्याकांड का खुलासा
ऊधमसिंह नगर के काशीपुर में 20 अगस्त को सामने आए 19 वर्षीय छात्रा कांति झा हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के अनुसार घटना में डंपर चालक राजू और उसके साथी सुमित की भूमिका सामने आई है। दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
एसएसपी अजय गणपति के अनुसार 20 अगस्त की सुबह धनौरी पट्टी, रामनगर रोड के पास सड़क किनारे एक युवती का शव मिला था। उसके सिर पर गंभीर चोट के निशान थे। जांच के बाद मृतका की पहचान 19 वर्षीय कांति झा के रूप में हुई।
पुलिस के मुताबिक कांति ने चैती मैदान के पास आगे जाने के लिए डंपर से लिफ्ट मांगी थी। डंपर में राजू और सुमित मौजूद थे। आरोप है कि कुछ दूरी तय करने के बाद राजू ने छात्रा के साथ जबरदस्ती करने का प्रयास किया। छात्रा ने विरोध करते हुए पुलिस में शिकायत करने की बात कही। इसके बाद आरोपी ने डंपर में रखे लोहे के हुक से उसके सिर पर वार किए। गंभीर चोटों के कारण उसकी मृत्यु हो गई।
पुलिस जांच में सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और मोबाइल कॉल डिटेल महत्वपूर्ण कड़ियां साबित हुईं। पुलिस ने अलग-अलग सुरागों को जोड़ते हुए दोनों आरोपियों तक पहुंच बनाई और पूछताछ के बाद गिरफ्तारी की।
कांति झा की मौत ने महिलाओं की सुरक्षा, सार्वजनिक परिवहन और लिफ्ट देने-लेने के दौरान सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। किसी अजनबी से सहायता लेने की परिस्थितियां कई बार अप्रत्याशित खतरे में बदल सकती हैं। इस घटना ने समाज और प्रशासन दोनों के सामने महिला सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ाने की आवश्यकता रखी है।
एक साथ कई मोर्चों पर चुनौती
उत्तराखंड इस समय कई स्तरों पर चुनौतियों से गुजर रहा है। एक ओर मानसून ग्रामीण सड़क व्यवस्था की परीक्षा ले रहा है, दूसरी ओर योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचाना प्रशासनिक जिम्मेदारी का विषय बना हुआ है। अपराध के गंभीर मामलों में त्वरित जांच और न्यायिक कार्रवाई की आवश्यकता भी सामने है। साथ ही खाद्य पदार्थों में मिलावट और जमाखोरी रोकने के लिए लगातार निगरानी जरूरी है।
खेलो इंडिया संवाद जैसे कार्यक्रम प्रदेश के युवाओं को नई संभावनाओं से जोड़ने का अवसर दे रहे हैं। ग्रामीण सड़क तंत्र की बहाली, आपदा प्रबंधन, महिला सुरक्षा, छात्राओं की शिक्षा, खाद्य सुरक्षा और युवा विकास—ये सभी मुद्दे सीधे आम जनता के जीवन से जुड़े हैं।
मानसून के बीच उत्तराखंड के सामने सबसे बड़ी प्राथमिकता प्रभावित क्षेत्रों में सड़क और पुल संपर्क की शीघ्र बहाली, संवेदनशील इलाकों में सतर्क निगरानी और आवश्यक सेवाओं की निरंतर उपलब्धता बनाए रखना है। साथ ही सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समयबद्ध ढंग से पहुंचाना, अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और बाजार व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी को और महत्वपूर्ण बनाता है। यही वे मोर्चे हैं, जिन पर आने वाले दिनों में सरकार और प्रशासन की कार्यशैली का सीधा असर प्रदेश की जनता के जीवन पर दिखाई देगा।
