मामला सामने आने के बाद जापान में पाकिस्तान के दूतावास ने इस परियोजना से किसी भी प्रकार का संबंध होने से इनकार कर दिया है. स्थानीय प्रशासन का कहना है कि जिस स्थान पर मस्जिद बनाई गई है, वहां निर्माण कार्य शुरू करने से पहले संबंधित विभागों की अनुमति लेना अनिवार्य था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया.
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड
अब अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि यदि नियमों का उल्लंघन साबित होता है तो अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें ढांचे को हटाना भी शामिल है.
जापानी समाचार पत्र ‘द असाही शिम्बुन’ की रिपोर्ट के मुताबिक, मस्जिद लगभग 4,500 वर्ग मीटर क्षेत्रफल वाली उस जमीन पर बनाई गई है जिसे पहाड़ी वन क्षेत्र की श्रेणी में रखा गया है. यह इलाका शहरीकरण नियंत्रण क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जहां किसी भी प्रकार का नया निर्माण करने के लिए प्रशासन से विशेष अनुमति लेना आवश्यक होता है.
बिना इजाजत के हुआ था मस्जिद का निर्माण
कावागोए नगर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मस्जिद निर्माण के लिए उनसे कोई आधिकारिक स्वीकृति प्राप्त नहीं की गई थी. नगर सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया कि संबंधित भवन ऐसे क्षेत्र में बनाया गया है जहां सिटी प्लानिंग एक्ट के तहत विशेष मंजूरी के बिना निर्माण गतिविधियों पर सामान्य रूप से रोक रहती है. प्रशासन के अनुसार, यह निर्माण शहर की अनुमति के बिना किया गया है और मामले की जांच जारी है.
पाकिस्तानी दूतावास ने मामले से किया किनारा
मस्जिद के निर्माण को लेकर कानूनी सवाल उठने के बाद जापान में पाकिस्तान को असहज स्थिति का सामना करना पड़ रहा है. जैसे-जैसे मामला तूल पकड़ता गया, टोक्यो में स्थित पाकिस्तानी दूतावास ने इस परियोजना से दूरी बना ली. दूतावास की ओर से जारी बयान में स्पष्ट किया गया कि जिन गतिविधियों या योजनाओं में जापानी कानूनों का उल्लंघन होने की आशंका हो, उनसे उसका कोई लेना-देना नहीं है. साथ ही, जापान में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों और समुदाय के लोगों से स्थानीय कानूनों और नियमों का पूरी तरह सम्मान करने तथा उनका पालन करने की अपील भी की गई.
जापान ने की पाक समुदाय से कानून मानने की अपील
जापान में स्थित पाकिस्तानी दूतावास ने 1 जून को सोशल मीडिया मंच X पर एक संदेश जारी करते हुए वहां रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों से स्थानीय नियमों और कानूनों का पूरी तरह सम्मान करने की अपील की. दूतावास ने विशेष रूप से धार्मिक स्थलों के निर्माण से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य शुरू करने से पहले संबंधित स्थानीय प्रशासन से आवश्यक मंजूरी और अनुमति लेना अनिवार्य है. दूतावास ने स्पष्ट किया कि जापानी कानूनों का पालन किए बिना किसी भी निर्माण परियोजना को आगे बढ़ाना स्वीकार्य नहीं है. साथ ही समुदाय से आग्रह किया गया कि वे सभी गतिविधियों में कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करें और स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों का सम्मान करें.
पाकिस्तानी दूतावास ने दी सफाई
पाकिस्तानी दूतावास को अपने राजदूत के इस मस्जिद के उद्घाटन समारोह में शामिल होने के लिए सफाई देनी पड़ी. दूतावास ने सफाई देते हुए बताया कि पाकिस्तानी राजदूत अब्दुल हमीद 3 अप्रैल को इस मस्जिद के उद्घाटन में तब शामिल हुए थे, जब उन्हें इस बात की जानकारी दी गई थी कि ये मस्जिद जापान के कानून के तहत सभी मंजूरियां मिल चुकी हैं. वहीं इसके बाद जापानी दूतावास ने कहा, ‘ऐसे सभी प्रोजेक्ट के कानूनी पहलुओं के बारे में जानकारी ऐसे समुदाय के सभी सदस्यों और उस इलाके के निवासियों तक भी पहुंचाई जानी चाहिए। पाकिस्तानी दूतावास के सभी संबंधित सदस्यों से जोरदार अपील करता है कि वे जापानी अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग करें और हर हाल में जापानी कानूनों का पालन करें.’
