दिव्यागता को हराकर शिक्षक ने भरी हौसलों की उड़ान ✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी

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रुद्रपुर।शिक्षक अजय रावत जी ने अपने जीवन में दिव्यांगता को कभी भी एक बाधा नहीं बनने दिया। बचपन से ही उन्होंने अपने जीवन में चुनौतियों का सामना किया और उन्हें पार करने के लिए कड़ी मेहनत की। उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति और साहस ने उन्हें एक सफल एवं उत्कृष्ट शिक्षक, पैरा राष्ट्रीय खिलाड़ी (लॉन बाल एवं थ्रो बॉल) तथा राष्ट्रीय व्हीलचेयर क्रिकेट खिलाड़ी बनने में मदद की। अजय रावत मूलतः अल्मोड़ा जिले के सराईखेत के निवासी हैं और आजकल केंद्रीय विद्यालय रुद्रपुर में शिक्षक के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। उनकी विलक्षण प्रतिभा के कारण उन्हें कई मौकों पर सम्मानित किया जा चुका है।


अजय रावत ने अर्थशास्त्र एवं वाणिज्य से स्नातकोत्तर की डिग्री, बीएड एवं एमएड की डिग्री प्राप्त करने के बाद एक शिक्षक के रूप में अपना करियर शुरू किया। उन्होंने अपने छात्रों को न केवल शैक्षणिक ज्ञान प्रदान किया, बल्कि उन्हें जीवन के मूल्यों और सिद्धांतों के बारे में भी सिखाया। उनकी शिक्षण पद्धति और व्यक्तित्व ने छात्रों के दिलों में एक विशेष स्थान बनाया।
उनके जज्बे को देखते हुए गत वर्षों में उन्हें उत्तराखण्ड सरकार के शिक्षा मंत्री द्वारा शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया एवं शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत जवाहर नवोदय समिति ने भी उत्कृष्ट रिज़ल्ट के लिए सम्मानित किया।
शेड्स ऑफ इंडिया संस्था ने उन्हें पंडित रामबाई सम्मान 2025 से लाजपत भवन दिल्ली में सम्मानित किया गया।
श्री अजय रावत ने अपनी दिव्यांगता को कभी भी अपने राह में बाधा नहीं बनने दिया। उन्होंने अपनी स्थिति को स्वीकार किया और उसे अपनी ताकत बनाया। उन्होंने अपने अनुभवों को साझा करने और दूसरों को प्रेरित करने के लिए एक मंच बनाया।


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