राज्य की 70 विधानसभा सीटों में से 34 विधानसभा क्षेत्र पूरी तरह से पर्वतीय हैं, जबकि मैदानी इलाकों में 36 विधानसभा सीटें हैं। हरिद्वार और ऊधमसिंहनगर के अलावा पौड़ी की कोटद्वार, नैनीताल की हल्द्वानी, कालाढुंगी और रामनगर पूरी तरह से मैदानी सीटें हैं, जबकि देहरादून जिले की चकराता विधानसभा सीट पूरी तरह पर्वतीय क्षेत्र है।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
34 पर्वतीय सीटों पर वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में दर्ज मतदाताओं की संख्या की तुलना में 3,80,008 मतदाता कम हुए हैं। वहीं, मैदानी क्षेत्रों की 36 विधानसभा सीटों पर 7,33,260 वोटर घटे हैं। मतदाताओं की संख्या में इस कमी का सीधा असर राज्य की उन विधानसभा सीटों पर पड़ा है, जहां मतदाताओं की संख्या पर्वतीय विधानसभा सीटों की तुलना में दोगुना तक है। अगर जिलों की बात करें तो देहरादून जिले में सबसे ज्यादा 13.51 फीसदी वोटर कम हुए हैं। यहां वोटरों के लिहाज से सभी बड़ी विधानसभा सीट धर्मपुर में सबसे ज्यादा वोटर कटे हैं।
पते पर नहीं मिलने पर हटाए गए नाम
घर-घर जाकर सत्यापन में कई मतदाता अपने दर्ज पते पर अनुपस्थित पाए गए या दो स्थानों पर नाम दर्ज होने के कारण उनका नाम सूची से हटाना पड़ा। जिन विधानसभा क्षेत्रों से वोटरों की संख्या ज्यादा घटी है, वहां आने वाले समय में इसका असर चुनावी समीकरण पर भी नजर आ सकता है।
जहां ज्यादा मतदाता वहीं ज्यादा कटे वोट
मैदान की जिन विधानसभा सीटों पर ज्यादा वोट कटे हैं, उनमें मतदाताओं की संख्या पहले से ही ज्यादा है। खासतौर पर ऐसे विधानसभा क्षेत्रों में एसआईआर की कैंची ज्यादा चली है, जहां पर पिछले कुछ सालों में वोटरों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ था। देहरादून में धर्मपुर के अलावा कैंट, ऋषिकेश, राजपुर, काशीपुर, मसूरी में बड़ी संख्या में वोट कटे हैं।
पहाड़ में लैंसडौन सीट पर कटे सबसे ज्यादा वोट
पहाड़ की सीटों पर पलायन का असर भी दिखा है। एक दशक के राज्य के जिन क्षेत्रों से पलायन ज्यादा हुआ है, वहीं पर इस बार वोट भी ज्यादा कटे हैं। लैंसडौन और पिथौरागढ़ में 19 हजार से ज्यादा वोट कटे हैं तो टिहरी में 18 हजार से अधिक वोट कम हुए हैं। श्रीनगर में 14 हजार, बदरीनाथ में 13 हजार और कर्णप्रयाग में 11 हजार से अधिक वोट पिछले चुनाव के मुकाबले घटे हैं।
कुल विधानसभा सीटें
पहाड़ी जिले : 34 सीटें
मैदान जिले : 36 सीटें
कम हुए कुल मतदाता
पहाड़ : 3,80,008
मैदान : 7,33,260
जनपद हरिद्वार में प्री-विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में हरिद्वार जिले की 11 विधानसभा सीटों की मतदाता सूची में 2024 की तुलना में 225390 मतदाता कम हुए हैं।
1 जुलाई 2026 के बाद हुए एसआईआर में कुल संख्या लगभग स्थिर रहने के बावजूद विधानसभा-वार मतदाताओं की संख्या में फेरबदल सामने आया है। प्री-एसआईआर में 224629 लोगों के नाम मतदाता सूची से काटे गए।
एसआईआर से पहले उपलब्ध अंतिम प्रकाशित रोल में जिले में 12,46,219 मतदाता थे। अब अंतिम सूची में यह संख्या 1245458 रह गई। इसमें भी कुल मिलाकर 761 मतदाताओं की कमी हुई।
झबरेड़ा में 11809 लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए
आंकड़ों की सबसे अहम तस्वीर हरिद्वार और बीएचईएल रानीपुर विधानसभा में दिखाई देती है। प्री-एसआईआर और एसआईआर में बीएचईएल रानीपुर में 45342 मतदाता कम हुए हैं। इसके बाद हरिद्वार शहर में 45231 मतदाता कम हुए। रुड़की और लक्सर में मतदाताओं की संख्या लाख के आंकड़े से घटकर हजार में पहुंची है। जबकि झबरेड़ा में 11809 लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए।
रुड़की विधानसभा में करीब 28 हजार मतदाता के नाम हटाए गए। अब जनपद में सबसे अधिक मतदाता खानपुर विधानसभा में हैं और सबसे कम मतदाता रुड़की विधानसभा में रह गए हैं। जबकि 2024 के आम चुनाव में सबसे अधिक मतदाता बीएचईएल रानीपुर विधानसभा में और उसके बाद हरिद्वार शहर विधानसभा मतदाता सूची में दर्ज थे।
एसआईआर से पहले और अंतिम सूची के बीच मतदाताओं की संख्या और अंतर
- विधानसभा……..SIR से पहले मतदाता………अंतिम सूची………अंतर
- हरिद्वार……………………….1,05,342………1,09,666……… 4,324
- बीएचईएल रानीपुर………….1,28,760………1,31,907……… 3,147
- ज्वालापुर (SC)…………….1,11,762………1,10,933………-829
- भगवानपुर (SC)……………1,17,044………1,15,931………-1,113
- झबरेड़ा (SC)……………….1,14,015………1,13,327………-688
- पिरान कलियर………………..1,16,187………1,15,810………-377
- रुड़की…………………………89,700………..90,619……….. 919
- खानपुर……………………….1,35,441………1,35,727……… 286
- मंगलौर……………………….1,07,424………1,07,438……… 14
- लक्सर………………………..93,623…………90,944…………-2,679
- हरिद्वार ग्रामीण………………1,26,921………..1,23,157………-3,764
प्री एसआईआर/एसआईआर से पहले और अंतिम सूची के बीच हरिद्वार का बदला मतदाता गणित
- विधानसभा…..वर्ष 2024 में मतदाताओं की संख्या……एसआईआर की अंतिम सूची…..अंतर
- हरिद्वार…………………..154897………….109666………….45231
- बीएचईएल रानीपुर…….177249………….131907…………45342
- ज्वालापुर (SC)………123645………..110933…………12712
- भगवानपुर (SC)…….129624………….115931…………13693
- झबरेड़ा (SC)………..125136…………..113327…………11809
- पिरान कलियर………..130331………………115810…………14521
- रुड़की………………….118659…………..90619…………28040
- खानपुर……………….150953………………135727………..15226
- मंगलौर………………120185……………107438………..12797
- लक्सर………………..103680……………..90944………..12736
- हरिद्वार ग्रामीण……….138793……………….123157……….15636
- कुल मतदाता……….1470848………….1245458…….225390
हरिद्वार ग्रामीण और लक्सर में आई सबसे अधिक अपत्तियां
हरिद्वार। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में जिले की 11 विधानसभा सीटों में पुराने मतदाताओं के नाम हटाने संबंधी 23205 आपत्तियां स्वीकार हुई हैं। इनमें सबसे अधिक 5927 आपत्तियां हरिद्वार ग्रामीण और 3840 लक्सर विधानसभा में स्वीकार हुईं। दोनों सीटों को मिलाकर यह संख्या 9767 है।
इन दोनों विधानसभा का यह आंकड़ा जनपद में कुल अपत्तियों का 42.1 प्रतिशत है। वहीं 22444 नए नाम जोड़ने के दावे स्वीकार किए गए। इस तरह नाम हटाने और जोड़ने के बाद अंतिम सूची में जिले के मतदाताओं की संख्या 761 घटकर 1245458 रह गई।
