अल्मोड़ा । कांग्रेस की बहुप्रतीक्षित जनसभा उस राजनीतिक प्रभाव को पैदा नहीं कर सकी, जिसकी पार्टी को उम्मीद थी। आयोजन काफी हद तक संभावित टिकट दावेदारों और स्थानीय नेताओं के शक्ति प्रदर्शन तक सिमट कर रह गया।

Spread the love

कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में भीड़ जुटी और कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह था, लेकिन ठीक समय पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी का कार्यक्रम स्थगित होने पर आयोजक से लेकर कार्यकर्ता मायूस हो गए।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड

कुमाऊं से चुनावी माहौल बनाने की थी रणनीति

कांग्रेस ने गुरुवार को अल्मोड़ा के सिमकनी मैदान में इस आयोजन को केवल एक जनसभा के रूप में नहीं, बल्कि 2027 विधानसभा चुनाव से पहले अपने बड़े राजनीतिक संदेश देने के अवसर के रूप में देखा था। पार्टी की रणनीति कुमाऊं से चुनावी माहौल बनाने की थी, क्योंकि 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को कुमाऊं मंडल में अपेक्षाकृत बेहतर सफलता मिली थी। कुल 19 सीटों में से 11 सीटें हासिल की थी।

ऐसे में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी की मौजूदगी को कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने और भाजपा के विरुद्ध राजनीतिक माहौल तैयार करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा था। राहुल ने पंतनगर हवाई अड्डे से ही जनसभा को फोन के माध्यम से 11 मिनट तक संबोधित किया, लेकिन उनका संदेश राष्ट्रीय विषयों और पीएम मोदी पर तंज कसने तक ही सीमित रहा।

राज्य के लिहाज से अपेक्षित मुद्दे नहीं उठे। उन्होंने स्वयं स्वीकार किया कि उत्तराखंड और यहां के मुद्दों पर अगली बार विस्तार से बात करेंगे। भीड़ से कांग्रेस कार्यकर्ताओं व नेताओं की यही आवाज कानों में पड़ रही थी कि अगर राहुल गांधी स्वयं सभा में मौजूद रहते तो इसका संदेश प्रदेश की राजनीति में कहीं अधिक प्रभावी होता।

कांग्रेस इस मंच के जरिये अपनी संगठनात्मक एकजुटता, चुनावी तैयारी और भाजपा के मुकाबले अपनी वैकल्पिक राजनीतिक ताकत का बड़ा प्रदर्शन करना चाहती थी लेकिन राहुल की अनुपस्थिति में ऐसा नहीं हो सका। यह जरूर रहा कि सभा में भीमताल, नैनीताल, कालाढूंगी, रामनगर,अल्मोड़ा, साेमेश्वर से लेकर गंगोलीहाट विधानसभा क्षेत्रों से कई संभावित टिकट दावेदारों ने भी समर्थकों की भीड़ जुटाकर अपनी ताकत दिखाने का प्रयास किया।

राहुल बोले, उत्तराखंड में आपक चमकता हुआ भविष्य

नेता प्रतिपक्ष राहुल ने यह भी कहा कि उत्तराखंड के पास धन की कोई नहीं है। यहां आपका चमकता हुआ भविष्य है लेकिन वर्तमान सरकार को आपके भविष्य से कोई लेना-देना नहीं है। वह आपके धन को लूटना चाहती है।

कांग्रेस दो बार सत्ता और तीन बार विपक्ष में

भाजपा चुनावी मोड में है और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह व रक्षा मंत्री जनसभा से लेकर चुनावी माहौल बना चुके हैं। भाजपा हैटट्रिक लगाना चाहती है, लेकिन कांग्रेस पुराने प्रदर्शन को दोहराने के लिए हरसंभव कोशिश में है। कांग्रेस पिछले 10 वर्षों से सत्ता से बाहर है और मिशन-2027 के लिए किसी संजीवनी की तलाश में है।

राज्य बनने के बाद 2002 में हुए चुनाव में कांग्रेस ने 36 सीटें हासिल की थी। इसके बाद 2012 में फिर से सत्ता में वापसी करते हुए 32 सीटें जीतीं, लेकिन इसके बाद पार्टी का प्रदर्शन घटते रहा। हालांकि 2022 चुनाव में पार्टी के 38 प्रतिशत वोट हैं, ऐसे में पार्टी स्वयं को मजबूत विकल्प के रूप में पेश करने के लिए राहुल गांधी के जरिये माहौल बनाने में लगी है।


Spread the love