कानून-व्यवस्था के कठघरे में रुद्रपुर : सौरभ बेहड़ पर हमला, सत्ता–विपक्ष एक सुर में

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रुद्रपुर में आवास विकास क्षेत्र में पार्षद सौरभ बेहड़ पर हुआ जानलेवा हमला केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं है, बल्कि यह शहर की कानून-व्यवस्था पर सीधा प्रहार है। नकाबपोश बाइक सवार बदमाशों द्वारा दिनदहाड़े की गई इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या अब जनप्रतिनिधि भी सुरक्षित नहीं हैं?
सौरभ बेहड़, जो किच्छा विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री तिलकराज बेहड़ के पुत्र हैं, किसी व्यक्तिगत कार्य से आवास विकास चौकी जा रहे थे। इसी दौरान पूर्व विवाद को लेकर बदमाशों ने उनकी स्कूटी गिराकर उन पर बेरहमी से हमला किया। गनीमत रही कि समय रहते लोग एकत्र हुए और उनकी जान बच सकी।


रुद्रपुर में पार्षद सौरभ बेहड़ पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस को सीसीटीवी फुटेज मिल गया है। फुटेज में बाइक सवार नकाबपोश हमलावर साफ दिखाई दे रहे हैं। पुलिस फुटेज के आधार पर आरोपितों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी का दावा कर रही है।

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी


घटना की गंभीरता इसी से समझी जा सकती है कि सूचना मिलते ही रुद्रपुर विधायक शिव अरोड़ा सबसे पहले मौके पर पहुंचे। उन्होंने न केवल पुलिस अधिकारियों से घटनास्थल पर ही जानकारी ली, बल्कि साफ शब्दों में निर्देश दिए कि अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा न जाए।
विधायक शिव अरोड़ा का स्पष्ट बयान था—
“रुद्रपुर में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। दोषी चाहे कोई भी हो, बहुत जल्द गिरफ्त में होंगे। पुलिस को खुली छूट दी गई है।”
यह बयान केवल औपचारिक नहीं, बल्कि प्रशासनिक सख्ती का संकेत देता है। शिव अरोड़ा का घटनास्थल और अस्पताल दोनों जगह सक्रिय रहना यह दर्शाता है कि वे कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर किसी तरह की ढिलाई के पक्ष में नहीं हैं।
वहीं किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ और पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल का फुटेला अस्पताल पहुंचना स्वाभाविक था। राजकुमार ठुकराल ने इस घटना को रुद्रपुर की बिगड़ती कानून-व्यवस्था से जोड़ते हुए कहा कि अपराधियों के हौसले तभी बढ़ते हैं जब उन्हें राजनीतिक या सामाजिक संरक्षण मिलता है। उनका बयान विपक्षी तेवरों के साथ व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
महापौर विकास शर्मा ने भी इस हमले की निंदा करते हुए स्पष्ट कहा—
“रुद्रपुर में ऐसी घटनाएं किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। शहर की शांति से खिलवाड़ करने वालों पर कठोर कार्रवाई होगी।”
यह सुखद संकेत है कि सत्ता, विपक्ष और नगर निगम—तीनों इस घटना पर एक सुर में हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या बयान और आश्वासन ही पर्याप्त हैं?
आज आवश्यकता इस बात की है कि सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और त्वरित गिरफ्तारी के माध्यम से पुलिस एक उदाहरण पेश करे। क्योंकि यदि एक पार्षद पर इस तरह हमला हो सकता है, तो आम नागरिक की सुरक्षा की कल्पना करना भी कठिन है।
सौरभ बेहड़ पर हमला राजनीति से ऊपर उठकर पूरे समाज के लिए चेतावनी है। अब यह पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वे साबित करें कि रुद्रपुर में कानून अभी भी अपराधियों से बड़ा है—और इस दिशा में विधायक शिव अरोड़ा की सख्त भूमिका उम्मीद जगाती है।


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