भाजपा का ‘60 पार’ मिशन, धामी का शहीदों के सम्मान का संकल्प; चुनावी तैयारी के बीच राज्य आंदोलन की स्मृतियों को संवारने पर जोर


देहरादून/मुजफ्फरनगर। उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक तैयारियों को तेज करते हुए ‘60 पार’ का लक्ष्य तय किया है। वहीं, रामपुर तिराहा कांड की 32वीं बरसी पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य आंदोलन के बलिदानियों की स्मृतियों को संरक्षित करने के लिए कई घोषणाएं कीं। एक ओर भाजपा नेतृत्व ने बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत कर चुनावी अभियान को धार देने पर जोर दिया, तो दूसरी ओर मुख्यमंत्री ने आंदोलन के शहीदों के सम्मान और स्मारकों के विस्तार की दिशा में कदम उठाने की बात कही।
भाजपा प्रदेश मुख्यालय में शुक्रवार को प्रदेश संगठनात्मक बैठक में नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राम माधव ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की। प्रदेश प्रभारी का पद संभालने के बाद उत्तराखंड के अपने पहले विस्तृत दौरे पर पहुंचे राम माधव, सह प्रभारी एवं सांसद बांसुरी स्वराज तथा अरविंद मेनन का कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। बैठक में प्रदेश पदाधिकारियों, जिलाध्यक्षों, जिला प्रभारियों, सह प्रभारियों और मंत्रियों का परिचय कराया गया।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड


राम माधव ने कार्यकर्ताओं से कहा कि अब केवल संगठनात्मक गतिविधियों तक सीमित रहने के बजाय राजनीतिक स्तर पर सक्रिय होकर चुनाव की तैयारियों को आगे बढ़ाने का समय है। उन्होंने पार्टी के सामने सामान्य बहुमत से आगे बढ़कर 60 से अधिक विधानसभा सीटों का लक्ष्य रखा। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को पहली बार चुनाव लड़ने और पहली बार जीतने जैसी ऊर्जा एवं प्रतिबद्धता के साथ जनता के बीच जाना होगा।
उन्होंने केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकारों के विकास एवं जनकल्याणकारी कार्यों को बूथ स्तर तक पहुंचाने पर जोर दिया। साथ ही कार्यकर्ताओं से विपक्ष की नीतियों और राजनीतिक मुद्दों को भी जनता के सामने रखने को कहा। राम माधव ने कहा कि देश के कई राज्यों में भाजपा लगातार तीसरी बार सत्ता में आई है और उत्तराखंड को भी इस श्रेणी में लाने के लिए संगठन को व्यापक स्तर पर काम करना होगा।
सह प्रभारी बांसुरी स्वराज ने कहा कि अब सरकार का रिपोर्ट कार्ड लेकर जनता के बीच जाने का समय है। उन्होंने संगठन के कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से संचालित करने और कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर चुनावी तैयारियों में जुटने का आह्वान किया। बैठक में उन्होंने विपक्ष पर धर्म, क्षेत्र, जाति और युवाओं को उम्र के आधार पर बांटने की राजनीति करने का आरोप भी लगाया। उनके इन बयानों को बैठक में भाजपा के चुनावी अभियान के राजनीतिक संदेश के हिस्से के रूप में रखा गया।
प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कहा कि भाजपा की सबसे बड़ी ताकत उसके कार्यकर्ता हैं। उन्होंने कहा कि संगठन के स्तर पर किए गए कार्यों की राजनीतिक परीक्षा का समय आ गया है। प्रदेश स्तर के निर्णय और कार्यक्रम बूथ तक पहुंचाने तथा बूथ स्तर से आने वाली समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने पर उन्होंने जोर दिया। उन्होंने शहर से गांव तक उत्तराखंड के विकास मॉडल को जनता के बीच ले जाने की बात कही।
प्रदेश महामंत्री संगठन फणींद्रनाथ शर्मा ने चुनावी तैयारियों के लिए ‘मेरा बूथ सबसे मजबूत’ और ‘बूथ जीता, चुनाव जीता’ जैसे अभियानों पर फोकस करने को कहा। बैठक में प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार ने 14 सितंबर 2025 से अब तक हुए संगठनात्मक कार्यक्रमों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। इसमें ‘मन की बात’, बूथ सशक्तीकरण, कोर कमेटी की बैठकें, सेवा संकल्प अभियान, युवा संवाद, लखपति दीदी और लाभार्थी कार्यक्रमों सहित विभिन्न अभियानों की जानकारी दी गई। राज्य आंदोलन के बलिदानियों को बैठक में श्रद्धांजलि भी दी गई।
इसी बीच रामपुर तिराहा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य आंदोलन के बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि जिन राज्य आंदोलनकारी शहीदों की प्रतिमाएं अब तक स्थापित नहीं हो पाई हैं, उनकी प्रतिमाएं उनके पैतृक गांव अथवा निवास क्षेत्र में उपयुक्त स्थान पर स्थापित की जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने रामपुर तिराहा कांड के शहीदों की प्रतिमा स्थापना कार्य का शिलान्यास भी किया। इसके लिए 27 लाख रुपये की धनराशि अवमुक्त की गई है। रामपुर तिराहा स्थित राज्य अतिथि गृह के उच्चीकरण, स्मारक परिसर के पुस्तकालय को ई-पुस्तकालय के रूप में विकसित करने तथा संग्रहालय के विस्तार की भी घोषणा की गई। संग्रहालय में उत्तराखंड की पारंपरिक वेशभूषा, वाद्य यंत्रों और लोक संस्कृति से जुड़ी सामग्री प्रदर्शित किए जाने की योजना है।
धामी ने राज्य आंदोलनकारियों के पुन: चिन्हीकरण की प्रक्रिया जल्द पूरी करने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलन के अमर बलिदानियों की स्मृतियों को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आंदोलनकारियों और बलिदानियों के सपनों के अनुरूप उत्तराखंड को समृद्ध, सशक्त और अग्रणी राज्य बनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
मुख्यमंत्री इससे पहले देहरादून स्थित शहीद स्मारक भी पहुंचे और राज्य आंदोलन के बलिदानियों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस प्रकार 2 अक्टूबर को प्रदेश की राजनीति में एक तरफ 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर भाजपा ने संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने का संदेश दिया, वहीं दूसरी तरफ राज्य आंदोलन के बलिदानियों के सम्मान, स्मारकों के विस्तार और उनकी स्मृतियों को संरक्षित करने के मुद्दे को भी प्रमुखता मिली।