चंपावत)। रीठा साहिब गुरुद्वारे में शनिवार को मुख्य जोड़ मेले में जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल के उदघोष से वातावरण गुंजायमान हो गया।

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मेले में देश विदेश से पहुंचे हजारों सिख तीर्थयात्रियों ने हिस्सा लेकर गुरुद्वारा में मत्था टेका।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड

जिलाधिकारी मनीष कुमार ने भी गुरुद्वारे में शीश नवाया। उन्होंने कहा कि सिख धर्म के त्याग, सेवा, सत्कार की सीख देता है।

मेले में दिल्ली, करनाल हरियाणा,पंजाब, उत्तर प्रदेश उत्तराखंड के विभिन्न स्थानों से आए तीर्थयात्रियों ने लधिया व रतिया नदी के संगम पर स्नान करने के बाद गुरुद्वारे में मत्था टेका।

श्री गुरुग्रंथ साहिब के पाठ की लड़ी शुरू होने के साथ नानकमत्ता सहित विभिन्न स्थलों से आए जत्थेदारों ने गुरुग्रंथ साहिब की गुरुवाणी अखंड सबद-कीर्तन का आयोजन हुआ।

सिख समागम में नानकमत्ता दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड आदि गुरुद्वारां के प्रमुख संतों ने भी विचार रखे। बाबा श्याम सिंह ने श्रदालुओं को मीठे रीठे का प्रसाद वितरित किया।

दिन भर व्यस्त रही टनकपुर व हल्द्वानी की सड़क

रीठा साहिब जोड़ मेले में पहुंचने वाले श्रद्धालु छोटे व बड़े वाहनों से टनकपुर व हल्द्वानी के रास्ते से होते हुए आ रहे हैं। शनिवार को दिन भर दोनों रुट काफी व्यस्त रहे। किसी भी संभावित दुर्घटना से बचने के लिए प्रशासन तीर्थयात्रियों को जागरूक कर रहा है।

पूर्णिमा पर्व पर लगाई अस्था की डुबकी

पुरुषोत्तम मास की पूर्णिमा पर्व पर लधिया रतिया नदी में श्रद्धालुओं ने भोर का स्नान कर अस्था की डुबकी लगाई। बाद में गुरुद्वारा में मत्था टेक कर घर परिवार देश और विश्व की खुशहाली की कामना की।


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