देहरादून। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी गुरुवार को दो-दिवसीय दौरे पर उत्तराखंड आ रहे हैं। गुरुवार को वह अल्मोड़ा में जनसभा को संबोधित कर चुनावी शंखनाद करेंगे।

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इसके बाद वह पौड़ी में पूर्व सैनिकों से संवाद करेंगे।

अगले दिन पांच जून को वह देहरादून में वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं, विधायकों व पूर्व विधायकों समेत अन्य नेताओं की बैठक लेंगे। उनके दौरे को सांगठनिक और कांग्रेस की चुनावी तैयारियों की दृष्टि महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड

पौड़ी में पूर्व सैनिकों से संवाद

राहुल गांधी के दौरे को देखते हुए प्रदेश कांग्रेस संगठन तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा है। कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा तो पिछले छह दिन से मोर्चा संभाले हुए हैं। राहुल गांधी गुरुवार को दिल्ली से विशेष हवाई सेवा से पंतनगर पहुंचेंगे, जहां से वह हेलीकाप्टर से अल्मोड़ा जाएंगे और साढ़े ग्यारह बजे जनसभा को संबोधित करेंगे। इसी दिन दोपहर दो बजे वह पौड़ी पहुंचकर पूर्व सैनिकों के साथ संवाद करेंगे।

साढ़े तीन बजे के आसपास उनका कोटद्वार पहुंचने का कार्यक्रम है। कोटद्वार में वह मोहम्मद दीपक से मुलाकात कर उसके जिम की सदस्यता ले सकते हैं।

रात्रि विश्राम के लिए पहुंचेंगे मसूरी

राहुल गांधी कोटद्वार से रात्रि विश्राम के लिए मसूरी पहुंचेंगे। अगले दिन पांच जून को वह देहरादून पहुंचेंगे और नीरजा ग्रीन फार्म में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, विधायकों, पूर्व विधायकों व आनुषांगिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर चुनावी टिप्स देंगे। इसके पश्चात वह दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे।

राहुल गांधी के उत्तराखंड दौरे पर भाजपा का निशाना, मुस्लिम तुष्टिकरण के आरोप तेज
उत्तराखंड में कांग्रेस नेता Rahul Gandhi के प्रस्तावित दौरे को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। भाजपा नेताओं और समर्थकों का आरोप है कि कांग्रेस लगातार वोट बैंक की राजनीति और मुस्लिम तुष्टिकरण की नीति पर चल रही है। राहुल गांधी के अल्मोड़ा, पौड़ी, कोटद्वार और देहरादून कार्यक्रमों के बीच कोटद्वार में मोहम्मद दीपक से संभावित मुलाकात को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं।
भाजपा का कहना है कि कांग्रेस जनता के मूल मुद्दों—रोजगार, विकास और पलायन—से ध्यान हटाकर विशेष समुदायों को साधने की कोशिश कर रही है। वहीं कांग्रेस इन आरोपों को निराधार बताते हुए कह रही है कि राहुल गांधी का दौरा संगठन को मजबूत करने, पूर्व सैनिकों से संवाद स्थापित करने और आगामी चुनावों की रणनीति तय करने के लिए है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2027 विधानसभा चुनाव से पहले इस तरह के आरोप-प्रत्यारोप उत्तराखंड की राजनीति में और अधिक तेज हो सकते हैं।


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