गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग तेज, IAS विनोद प्रसाद रतूड़ी अनशन पर; NSUI का समर्थन, पूर्व मुख्यमंत्री भी होंगे शामिल

Spread the love


देहरादून | एकता विहार धरना स्थल
उत्तराखंड में गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाए जाने की मांग एक बार फिर उग्र होती नजर आ रही है। राजधानी देहरादून के एकता विहार धरना स्थल पर पूर्व IAS अधिकारी विनोद प्रसाद रतूड़ी के नेतृत्व में चल रहा क्रमिक अनशन अब व्यापक जनआंदोलन का रूप लेता जा रहा है।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)


सोमवार को इस आंदोलन को उस समय और बल मिला, जब NSUI (नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया) के सैकड़ों छात्र धरना स्थल पर पहुंचे और रतूड़ी के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन किया। छात्रों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करने की मांग को लेकर अपनी एकजुटता दिखाई।
अनशन स्थल से संबोधित करते हुए विनोद प्रसाद रतूड़ी ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों से गैरसैंण को “अस्थायी राजधानी” के नाम पर उपेक्षित रखा गया है, जो पहाड़ की जनता के साथ अन्याय है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने जल्द निर्णय नहीं लिया, तो जनता अपने अधिकार के लिए निर्णायक संघर्ष करेगी।
रतूड़ी ने संवैधानिक पहलुओं का हवाला देते हुए कहा कि भारतीय संविधान में “अस्थायी राजधानी” जैसा कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने इसे सरकार की मनमानी बताते हुए कहा कि देहरादून को जबरन राजधानी बनाए रखना कानूनी और नैतिक रूप से गलत है।
आंदोलन को और गति तब मिलेगी, जब मंगलवार से प्रदेश के एक पूर्व मुख्यमंत्री भी इस अनशन में शामिल होंगे। हालांकि उनका नाम औपचारिक रूप से घोषित नहीं किया गया है, लेकिन इस ऐलान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
NSUI के छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह केवल रतूड़ी का आंदोलन नहीं, बल्कि उत्तराखंड के युवाओं और पहाड़ की अस्मिता की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि जब तक गैरसैंण को स्थायी राजधानी का दर्जा नहीं मिल जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
धरना स्थल पर बढ़ती भीड़ और समर्थन को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क हो गया है। आने वाले दिनों में यह आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है, जिससे प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा होने के संकेत मिल रहे हैं।


Spread the love