उन्होंने ट्रंप को ‘क्रिमिनल’ घोषित कर दिया था. ट्रंप ने भी जवाब में ईरान में तख्तापलट की धमकी दे डाली थी. वहीं, अब अचानक खामेनेई बंकर में जाकर छुप गए हैं. इससे पहले जब खामेनेई बंकर में छुपे थे तब धड़ाधड़ मिसाइलें गिरी थीं. इसके बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि ईरान में कुछ बड़ा होने वाला है.
✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी
अंडरग्राउंड हुए खामेनेई
अमेरिका से तनाव के बीच अयातुल्ला अली खामेनेई फिर अंडरग्राउंड हो गए हैं. यह कदम अमेरिकी धमकी के बीच उठाया गया है. खामेनेई ने पिछले 7 महीने में दूसरी बार ऐसा कदम उठाया है. इससे पहले खामेनेई जून में बंकर में दुबके थे. वो 21 दिनों तक यहां जमीन के अंदर रहे थे. उस दौरान अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर अटैक किया था.
नेतन्याहू और ट्रंप की तगड़ी धमकी
बता दें कि कुछ घंटों पहले ही ईरान को खुद नेतन्याहू ने तगड़ी धमकी भेजी थी. उन्होंने कहा था कि ‘ईरान पर ऐसा अटैक होगा, जिसे पहले कभी नहीं देखा होगा’. ये धमकी नेतन्याहू ने ईरान की इजरायल के खिलाफ प्लानिंग को लेकर दी थी. ट्रंप की तख्तापलट की धमकी और नेतन्याहू के अटैक की वॉर्निंग के बाद खामेनेई को डर है कि इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद और अमेरिका मिलकर कभी भी तेहरान पर हमला बोल सकते हैं.
कितना पावरफुल है ये बंकर?
बताया जाता है कि खामेनेई का ये बंकर लोहे और कंक्रीट का कवच है, जिस पर परमाणु अटैक का असर भी नहीं होता है. ये जमीन से सैकड़ों फीट नीचे ‘फोर्टिफाइड कंक्रीट’ और स्टील की परतों से ढका है. कहा जाता है कि अमेरिका के सबसे घातक ‘बंकर बस्टर’ बम भी यहां नाकाम हो सकते हैं.
