रिकॉर्ड और जश्न के बीच उलझे जनसरोकार, उत्तराखंड में मूल मुद्दों पर उठे सवाल
12 साल मोदी, लंबा कार्यकाल धामी और रिकॉर्ड की ओर भाजपा, लेकिन जनता पूछ रही रोजगार-स्वास्थ्य का हिसाब
खटीमा, 14 जून। उत्तराखंड की भाजपा सरकार एक ओर उपलब्धियों के उत्सव और सरकारी कार्यक्रमों के जरिए अपनी छवि को मजबूत करने में जुटी है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के सामने खड़े मूल जनहित के मुद्दे अब भी बहस का विषय बने हुए हैं। खटीमा में आयोजित “जन-जन की सरकार, मुख्य सेवक आपके द्वार” कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों का विस्तार से उल्लेख किया, लेकिन बेरोजगारी, महंगाई, पलायन, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और किसानों की आय जैसे बुनियादी सवालों पर कोई ठोस रोडमैप सामने नहीं आया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे हो चुके हैं। भाजपा इसे ऐतिहासिक उपलब्धियों का कालखंड बता रही है। वहीं उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य के सबसे लंबे कार्यकाल वाले मुख्यमंत्रियों में अपनी स्थिति मजबूत कर चुके हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का कार्यकाल भी संगठनात्मक स्तर पर रिकॉर्ड की ओर बढ़ रहा है। पार्टी और सरकार दोनों इन उपलब्धियों को राजनीतिक स्थिरता और सफलता के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं।
खटीमा में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, मुफ्त राशन, उज्ज्वला योजना और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने समान नागरिक संहिता, नकल विरोधी कानून और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को सरकार की बड़ी उपलब्धियां बताया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के माध्यम से लाभार्थियों को आर्थिक सहायता, उपकरण और ऋण भी वितरित किए गए।
हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार के साथ-साथ यह भी आवश्यक है कि सरकार प्रदेश के उन सवालों का जवाब दे जो वर्षों से जनता के बीच चर्चा का विषय हैं। राज्य में युवाओं के लिए स्थायी रोजगार के अवसर, पर्वतीय क्षेत्रों से लगातार हो रहा पलायन, ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति, शिक्षा की गुणवत्ता, बढ़ता कर्ज और स्थानीय संसाधनों पर आधारित आर्थिक विकास जैसे मुद्दे अब भी चुनौती बने हुए हैं।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य ने मुख्यमंत्री की कार्यशैली और विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि धामी सरकार जनता की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं भाजपा समर्थक इसे विकास और सुशासन का मॉडल बता रहे हैं।
इस दौरान दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, रणजीत सिंह नामधारी, किशन सिंह किन्ना, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद जोशी, जिला पंचायत सदस्य सागर सिंह धामी, पूर्व विधायक प्रेम सिंह राणा, नगर पंचायत नानकमत्ता के अध्यक्ष प्रेम सिंह टुरना, सांसद प्रतिनिधि रविंद्र राणा, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्र तथा अपर पुलिस अधीक्षक उत्तम सिंह नेगी सहित अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
इसी दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बंडिया क्षेत्र में भगवान भोलेनाथ और महाबली हनुमान जी की प्रतिमाओं का अनावरण भी किया तथा धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को सरकार की प्राथमिकता बताया। सरकार का कहना है कि धार्मिक और सांस्कृतिक परियोजनाएं सामाजिक एकता को मजबूत करेंगी, जबकि आलोचकों का तर्क है कि धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ रोज़गार, स्वास्थ्य और शिक्षा के मोर्चे पर भी समान ऊर्जा और संसाधन लगाए जाने चाहिए।
राजनीतिक दृष्टि से देखें तो भाजपा संगठन और सरकार दोनों रिकॉर्ड बनाने की स्थिति में दिखाई दे रहे हैं, लेकिन अंतिम मूल्यांकन जनता की उन अपेक्षाओं के आधार पर होगा जिनका संबंध सीधे जीवन स्तर, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक सुरक्षा से है। सवाल यह है कि क्या उपलब्धियों के जश्न के बीच आम नागरिक के रोजमर्रा के मुद्दे भी उतनी ही प्राथमिकता पा रहे हैं, जितनी राजनीतिक उपलब्धियों और रिकॉर्डों को मिल रही है।खटीमा, 14 जून। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने खटीमा में आयोजित प्रबुद्ध वर्ग संवाद कार्यक्रम में कहा कि समाज का प्रबुद्ध वर्ग राष्ट्र और समाज को दिशा देने वाली सबसे महत्वपूर्ण शक्ति है। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, कृषि, उद्योग और साहित्य सहित विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों से उत्तराखंड के विकास के लिए सुझाव मांगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में देश विकसित भारत के संकल्प की ओर तेजी से बढ़ रहा है और उत्तराखंड सरकार भी सुशासन, बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा हवाई कनेक्टिविटी के क्षेत्र में तेजी से कार्य कर रही है। उन्होंने समान नागरिक संहिता, सख्त नकल विरोधी कानून और अन्य सुधारों को राज्य के विकास में महत्वपूर्ण बताया। मुख्यमंत्री ने प्रबुद्धजनों से विकसित उत्तराखंड के निर्माण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। इससे पूर्व उन्होंने जनसंवाद कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं को संबोधित कर मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान में सहयोग करने और लोकतंत्र को मजबूत बनाने का संदेश दिया।
