निदेशक अजय आर्य और अपर निदेशक डॉ. आरएस बिष्ट की ओर से सभी मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों को आदेश जारी कर कहा है कि अब नर्सिंग अधिकारियों को प्रति माह 1,950 रुपये नर्सिंग भत्ता, 300 रुपये धुलाई भत्ता और 500 रुपये वर्दी भत्ता दिया जाएगा। मेडिकल कॉलेजों में तैनात करीब 2,200 नर्सिंग अधिकारियों और सीनियर नर्सिंग ऑफिसर्स को सीधा लाभ मिलेगा। चिकित्सा शिक्षा नर्सिंग सेवा संघ की अध्यक्ष नीलम अवस्थी ने इसके लिए आभार जताया है। कहा लंबे समय से वह इसकी मांग उठा रहे थे।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड
सीएचओ भर्ती में आरक्षण उठाए सवाल
उत्तराखंड में कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) के 134 पदों पर की गई भर्ती के परिणाम जारी होने के बाद आरक्षण पर अभ्यर्थियों ने सवाल उठाए हैं। गलत तरीके से आरक्षण देने की बात कहकर अभ्यर्थियों ने एचएनबी मेडिकल विवि में अफसरों को ज्ञापन सौंपा। काउंसलिंग को रद्द कर दोबारा नए सिरे से काउंसलिंग कराने की मांग की है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि इस पूरी भर्ती प्रक्रिया में कई कमी रही। एक फरवरी 2026 को लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी और 20 फरवरी को इसका परिणाम घोषित कर दिया गया, लेकिन तब तक कोई सीट मैट्रिक्स जारी नहीं किया गया था। इसके बाद 20 मई को काउंसलिंग शुरू हुई और अभ्यर्थियों ने अपनी पसंद (चॉइस) लॉक कर दी। विवि ने काउंसलिंग शुरू होने के अगले दिन यानी 21 मई को सीट मैट्रिक्स जारी किया। इसके बाद 30 मई को काउंसलिंग का रिजल्ट जारी कर सीटें अलॉट भी कर दी गईं। कहा कि ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) को कम सीटें एवं ईडब्ल्यूएस व एससी कैटेगरी में ज्यादा सीटें दी गई है। ओबीसी वर्ग के लिए 14 फीसदी आरक्षण का प्रावधान है, लेकिन इस भर्ती में नियमों को नहीं माना गया। टॉप रैंक हासिल करने के बावजूद ओबीसी अभ्यर्थियों को सीटें नहीं मिल पा रही हैं, जबकि ईडब्ल्यूएस और एससी कैटेगरी को जरूरत से ज्यादा सीटें आवंटित कर दी गई हैं। परीक्षा नियंत्रक प्रो. विजय जुयाल ने उन्हें बताया कि ये सीटें बैकलॉग की हैं। इसी लिए आरक्षण नियमों के तहत ही दिया गया है। सीट मेट्रिक्स वेबसाइट पर समय से दी गई थी। इस दौरान अनस मलिक, श्वेता, इकराना, सानिया, जाबिर, अखलाक, अंकित, शुभम और अमित आदि रहे।
