

रुद्रपुर। शहर के प्रमुख भगत सिंह चौक पर सोमवार को एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण देखने को मिला, जब अजय भट्ट, शिव अरोरा और विकास शर्मा ने संयुक्त रूप से अमर क्रांतिकारी भगत सिंह की आदमकद कांस्य प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर पूरा क्षेत्र “भारत माता की जय” और “शहीद भगत सिंह अमर रहें” के नारों से गूंज उठा।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)
यह प्रतिमा विधायक शिव अरोरा के प्रस्ताव पर पर्यटन विभाग की स्वीकृति से स्थापित की गई है। साथ ही, लंबे समय से जर्जर हालत में पड़े भगत सिंह स्मृति स्थल का सौंदर्यकरण भी सांसद निधि और विधायक निधि से 20-20 लाख रुपये की लागत से कराया गया। करीब दो दशकों बाद इस ऐतिहासिक स्थल की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सिख समाज, शहीद भगत सिंह सेवा समिति, गुरुद्वारा सिंह सभा गोल मार्केट, सामाजिक संगठनों और भाजपा कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही, जिससे आयोजन एक जन-उत्सव का रूप ले गया।
इस अवसर पर सांसद अजय भट्ट ने कहा कि महापुरुषों के स्मृति स्थलों को भव्य और आकर्षक बनाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि भगत सिंह केवल एक नाम नहीं, बल्कि एक विचारधारा हैं, जिनका बलिदान देश कभी नहीं भुला सकता। उन्होंने इसे रुद्रपुर के इतिहास में स्वर्णिम क्षण बताया।
वहीं विधायक शिव अरोरा ने कहा कि भगत सिंह चौक वर्षों से उपेक्षा का शिकार था और यहां की स्थिति बेहद खराब हो चुकी थी। उन्होंने बताया कि विधायक बनने के बाद उन्होंने इस स्थल के कायाकल्प का संकल्प लिया था, जो अब साकार हुआ है। उन्होंने कहा कि यह स्थल अब युवाओं के लिए प्रेरणा केंद्र बनेगा और राष्ट्रभक्ति की भावना को सुदृढ़ करेगा।
महापौर विकास शर्मा ने भी इस अवसर को शहर के लिए गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि शहीद भगत सिंह का बलिदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने कहा कि नगर निगम शहर के अन्य ऐतिहासिक स्थलों और महापुरुषों से जुड़े स्थानों को भी इसी तरह विकसित करेगा।
कार्यक्रम के दौरान अनेक जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। आयोजन को सफल बनाने में विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों का विशेष योगदान रहा।
रुद्रपुर के भगत सिंह चौक पर अमर क्रांतिकारी भगत सिंह की आदमकद प्रतिमा का अनावरण केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि जनभावनाओं का सम्मान है। अजय भट्ट, शिव अरोरा और विकास शर्मा की मौजूदगी ने इसे ऐतिहासिक बना दिया।
इस अवसर पर अरुण चुघ, अजमेर सिंह, हरजीत सिंह, मनमोहन सिंह, सुरेश कोली, प्रीत ग्रोवर, शालिनी बोरा, रश्मि, अमित नारंग, प्रथम बिष्ट, सुरमुख सिंह, रेखा यादव, प्रीति धीर, राजेश, अलका सक्सेना, सुनील ठुकराल, धीरेश गुप्ता, जीतेन्द्र संधू, ममता जीना, पवन राणा, मानवेन्द्र राय, चन्द्रसेन चंदा, राजेश जग्गा, बलवंत अरोरा, राजेश गर्ग, एमपी मौर्य, किशन गंगवार, एसपी यादव, नागेंद्र शर्मा, मुकेश मंडल, रविंद्र धामी, मनोज मदान, दिलीप मक्कड़, अशोक नेगी, दलजोत बजवा, प्रेमलता, आशा मुंजाल, मोहित चड्डा, बृजपाल सिंह, बीनू कुमार, सतनाम सिंह, राजीव शुक्ला, आयुष चिलाना, राजेश बजाज, प्रमोद मित्तल, संजय आर्य, मयंक कक्कड़ और रेनू जुनेजा जैसे अनेक नागरिकों की भागीदारी ने इसे जन-उत्सव बना दिया।
यह पहल बताती है कि जब जनप्रतिनिधि और समाज साथ आते हैं, तो इतिहास नया रूप लेता है।




