

देहरादून। Narendra Modi ने आज देहरादून में लगभग ₹12,000 करोड़ की लागत से निर्मित 213 किलोमीटर लंबे दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का लोकार्पण कर उत्तराखंड को एक बड़ी विकास सौगात दी। प्रधानमंत्री का यह दौरा एक बार फिर साबित करता है कि देवभूमि उत्तराखंड देश के विकास मानचित्र पर तेजी से उभर रहा है।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)
यह महत्वाकांक्षी कॉरिडोर उत्तराखंड की कनेक्टिविटी को राष्ट्रीय राजधानी से और अधिक सुदृढ़ करेगा, जिससे पर्यटन, व्यापार और उद्योग को नई गति मिलने की उम्मीद है। खास बात यह है कि इस परियोजना को “इकोलॉजी और इकॉनमी” के संतुलन को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री Nitin Gadkari ने कहा कि केंद्र सरकार उत्तराखंड में बेहतर सड़क संपर्क के माध्यम से विकास की नई इबारत लिख रही है। उन्होंने आगामी दो वर्षों में प्रदेश में होने वाली विभिन्न सड़क एवं बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का विस्तृत रोडमैप भी प्रस्तुत किया, जो राज्य के सर्वांगीण विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
इस अवसर पर उत्तराखंड के राज्यपाल Gurmit Singh, केंद्रीय राज्य मंत्री Ajay Tamta, प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद Mahendra Bhatt सहित कई पूर्व मुख्यमंत्री, सांसद, मंत्री और विधायक उपस्थित रहे।
विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से न केवल यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी, बल्कि यह परियोजना उत्तराखंड को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में भी अहम भूमिका निभाएगी। यह कॉरिडोर राज्य के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है, जो विकास की नई दिशा और गति निर्धारित करेगा।




