ये पूरा निर्णय संवैधानिक प्रक्रिया के तहत हुआ है.

पश्चिम बंगाल मंत्रिमंडल बर्खास्त
संविधान के हिसाब से विधानसभा का कार्यकाल 5 साल का होता है और मौजूदा विधानसभा 8 में 2021 से 7 में 2026 तक अस्तित्व में रही. चूंकि अब नई विधानसभा के गठन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है लिहाजा पुरानी विधानसभा को भंग कर दिया गया. इस आदेश के बाद अब ममता बनर्जी को इस्तीफा देने की जरूरत ही नहीं रही.
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने मंगलवार (6 मई 2026) को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से इनकार किया और आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का परिणाम ‘जनादेश नहीं बल्कि एक साजिश’ है. साथ ही उन्होंने सड़कों पर उतरकर लड़ाई लड़ने और विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन को मजबूत करने का संकल्प लिया.

