रुद्रपुर। काशीपुर बाईपास पर चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान और निर्माण कार्य को लेकर उठ रहे सवालों के बीच विधायक शिव अरोरा ने विस्तृत बयान जारी कर स्पष्ट किया कि सड़क निर्माण से जुड़ी सभी विभागीय प्रक्रियाएं शासन से बजट स्वीकृत होने के बाद नियमानुसार पूरी की गई हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों द्वारा बिना तथ्यों के भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि विद्युत विभाग, जल संस्थान और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने बजट मिलने के बाद ई-निविदा से लेकर कार्य आवंटन तक सभी औपचारिकताएं पूरी की हैं।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
विधायक ने बताया कि विद्युत विभाग ने 4 फरवरी 2026 को ई-निविदा आमंत्रित की थी। सभी तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद 10 अप्रैल 2026 को टेंडर खोलकर मेसर्स परफेक्ट इलेक्ट्रॉनिक्स को बिजली के पोल और लाइन शिफ्टिंग का कार्य सौंपा गया। विभाग ने जहां स्थान उपलब्ध था वहां पोल लगाने और लाइन खींचने का कार्य भी किया, लेकिन अतिक्रमण बने रहने के कारण आगे का कार्य प्रभावित हुआ।
उन्होंने जानकारी दी कि जल संस्थान ने 25 मार्च 2026 को पेयजल पाइपलाइन शिफ्टिंग के लिए ई-निविदा जारी की थी। प्रक्रिया पूरी होने के बाद 5 मई 2026 को तीन अलग-अलग 700-700 मीटर के कार्यों के लिए मेसर्स कृष्णा ट्रेडर्स, मेसर्स मुकेश कुमार कॉन्ट्रेक्टर और मेसर्स जियाउद्दीन कॉन्ट्रेक्टर को कार्यादेश जारी किए गए। उद्देश्य था कि पाइपलाइन शिफ्टिंग का कार्य तेजी से पूरा हो, मगर अतिक्रमण के चलते कार्य शुरू हो सका।
विधायक शिव अरोरा ने बताया कि 23 जून 2026 को 13.72 करोड़ रुपये की धनराशि का शासनादेश जारी हुआ, जिसके बाद 25 जून 2026 को लोक निर्माण विभाग ने ई-निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि अब जैसे ही अतिक्रमण हटाने का कार्य पूरा होगा, विद्युत विभाग, जल संस्थान और पीडब्ल्यूडी अपने-अपने कार्य तत्काल प्रारंभ कर देंगे।
उन्होंने बताया कि लोक निर्माण विभाग की ओर से बाईपास क्षेत्र के अतिक्रमण की जद में आने वाले व्यापारियों को पहले ही नोटिस दिए गए थे। इसके बाद चार दिन पूर्व मुनादी कर 4 अगस्त तक स्वयं अतिक्रमण हटाने का अवसर दिया गया। तय कार्यक्रम के अनुसार 5 अगस्त को जिला प्रशासन के सहयोग से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया।
इस दौरान विधायक ने कहा कि बिना बजट जारी हुए कार्रवाई किए जाने की बात पूरी तरह भ्रामक है। सभी विभागों को बजट स्वीकृत होने के बाद टेंडर प्रक्रिया और अन्य आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कराई गईं, जिसके उपरांत ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू हुई ताकि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की बाधा न रहे।
विधायक शिव अरोरा ने उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय जुनेजा के हालिया बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मीडिया में दिए गए ऐसे बयान, जिनमें यह कहा गया कि बिना बजट स्वीकृति के कार्रवाई की जा रही है, तथ्यात्मक रूप से गलत हैं। विधायक ने यह भी उल्लेख किया कि संजय जुनेजा कांग्रेस समर्थित नेता हैं, और ऐसे भ्रामक बयानों से व्यापारियों एवं आम जनता के बीच अनावश्यक भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। उन्होंने सभी पक्षों से अपील की कि विकास कार्यों को राजनीतिक रंग देने के बजाय तथ्य आधारित जानकारी ही सार्वजनिक की जाए।
