यमन जेल में बंद निमिषा प्रिया की फांसी टल गई है. निमिषा के परिवार और पीड़ित तलाल अब्दो महदी के परिवार के बीच ब्लड मनी को लेकर कोई फाइनल समझौता न होने की वजह से यह फैसला हुआ है. फांसी टलने की सूचना जेल ऑथोरिटी ने दी है.

Spread the love

सूत्रों के मुताबिक निमिषा मामले में ग्रांड मुफ्ती अबूबकर अहमद पीड़ित अब्दो महदी के परिवार से बात कर रहे हैं. पहले दिन की बातचीत सकारात्मक रही, जिसके कारण आगे भी बातचीत की गुंजाइश बची है. इसे देखते हुए यह फांसी टालने का फैसला किया गया है.

यमन के न्याय विभाग ने इससे पहले जेल ऑथोरिटी से 16 जुलाई को निमिषा प्रिया के सजा ए मौत पर अमल लाने के लिए कहा था. निमिषा पर अपने बिजनेस पार्टनर अब्दो महदी की हत्या का आरोप है.

ब्लड मनी के जरिए मनाने की कवायद तेज

2008 में केरल से यमन पहुंची निमिषा प्रिया पर 2017 में तलाल अब्दो महदी की हत्या का आरोप लगा. निमिषा तब से यमन की सना जेल में बंद है. इस साल की शुरुआत में उसे फांसी की सजा सुनाई गई थी. इस महीने फांसी की तारीख का भी ऐलान कर दिया गया.

इसके बाद निमिषा को बचाने की कवायद तेज हो गई. निमिषा प्रिया इंटरनेशनल काउंसिल नामक एक संस्था बनाई गई है. जो लगातार ब्लड मनी को लेकर सक्रिय है. दरअसल, यमन में शरिया कानून के तहत कहा गया है कि अगर पीड़ित परिवार पैसे लेकर चाहे तो दोषी को माफ कर सकता है.

केंद्र सरकार से लेकर ग्रांड मुफ्ती तक एक्टिव

निमिषा को बचाने के लिए केंद्र सरकार के अधिकारियों से लेकर ग्रांड मुफ्ती अबूबकर अहमद और निमिषा का परिवार एक्टिव है. निमिषा की मां तो लंबे वक्त से यमन में ही मौजूद है. भारत सरकार यमन में लगातार कूटनीतिक तरीके से संपर्क बनाए हुए थी, जिसका नतीजा रहा कि फांसी की मुकर्रर सजा से ठीक पहले निमिषा को राहत दी गई है.

बड़ा सवाल- अब आगे क्या होगा?

निमिषा प्रिया की फांसी की तारीख अभी सिर्फ टली है. फांसी पर रोक नहीं लगाई है. यानी अभी भी खतरा बरकरार है. भारत के अधिकारी और ग्रांड मुफ्ती लगातार यमन में तलाल अब्दो के परिवार को मनाने में जुटे हैं. निमिषा के परिवार ने तलाल के परिवार को 1 मिलियन डॉलर (करीब 8.5 करोड़) रुपए देने की भी पेशकश की है.

हालांकि, ब्लड मनी को लेकर राजी होना है या नहीं, यह फैसला तलाल के परिवार को करना है. तलाल के परिवार अगर साफ इनकार कर देता है तो फिर कोई ऑप्शन नहीं बचेगा.


Spread the love