पायर’, रुद्रपुर में भी फिल्म को लेकर उत्साह; रविवार शाम 6 बजे चावला थिएटर में फिल्म देखने पहुंचेंगे पर्वतीय समाज के लोग : पर्वतीय समाज समिति अध्यक्ष गिरीश चंद्र जोशी और समाजसेवी-उद्यमी महेश कांडपाल की पहल से पर्वतीय समाज में फिल्म को लेकर बढ़ी उत्सुकता


पहाड़ के स्वाभिमान और संस्कृति की कहानी है ‘पायर’, रुद्रपुर में भी फिल्म को लेकर उत्साह; रविवार शाम 6 बजे चावला थिएटर में फिल्म देखने पहुंचेंगे पर्वतीय समाज के लोग पर्वतीय समाज समिति अध्यक्ष गिरीश चंद्र जोशी और समाजसेवी-उद्यमी महेश कांडपाल की पहल से पर्वतीय समाज में फिल्म को लेकर बढ़ी उत्सुकता

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स उत्तराखंड उत्तर प्रदेश, संपूर्ण भारत, देश-विदेश, खेल, आध्यात्मिक, राजनीतिक और जन सरोकारों की खबरें।
विशेष सूचना: फिल्म ‘पायर’ के दो शो होंगे, टिकट बुकिंग की व्यवस्था अलग-अलग
रुद्रपुर। फिल्म ‘पायर’ के दर्शकों के लिए विशेष सूचना है कि चावल थिएटर में फिल्म के दो शो आयोजित किए जाएंगे। पहला शो दोपहर 12:00 बजे होगा, जिसके टिकट दर्शक सीधे थिएटर के टिकट काउंटर से प्राप्त कर सकते हैं।
वहीं दूसरा शो शाम 6:00 बजे से होगा। इस शो की पूरी टिकट बुकिंग महेश कांडपाल द्वारा कर ली गई है। शाम के शो में फिल्म देखने के इच्छुक दर्शक नीचे दिए गए मोबाइल नंबरों पर संपर्क कर अपनी टिकट की व्यवस्था कर सकते हैं।
संपर्क नंबर:  7351581421  9027458802
निवेदन: दर्शक अपनी सुविधानुसार समय का चयन करें और उत्तराखंड की संस्कृति एवं पहाड़ की कहानी पर आधारित फिल्म ‘पायर’ का आनंद लें।


हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स | अवतार सिंह बिष्ट
रुद्रपुर। उत्तराखंड की पहाड़ी मिट्टी, वहां का संघर्ष, बुजुर्गों का जीवन, पारिवारिक रिश्तों की आत्मीयता और अपनी जड़ों से जुड़े रहने के स्वाभिमान को दर्शाती हिंदी फीचर फिल्म ‘पायर’ इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। फिल्म निर्माता एवं निर्देशक विनोद कापड़ी की यह फिल्म 30 अक्टूबर को रिलीज हुई है। उत्तराखंड के बेरीनाग की पृष्ठभूमि पर बनी इस फिल्म को लेकर पर्वतीय समाज के लोगों में विशेष उत्सुकता दिखाई दे रही है।
फिल्म की कहानी को लेकर सोशल मीडिया पर सामने आ रही प्रतिक्रियाओं में इसे पहाड़ की व्यथा, उम्मीदों और मानवीय मूल्यों से जुड़ी एक संवेदनशील प्रस्तुति बताया जा रहा है। फिल्म के प्रमुख पात्र पदम और तुलसी एक बुजुर्ग दंपती हैं, जिनके जीवन में अनेक कठिनाइयां हैं, लेकिन वे एक-दूसरे का सहारा बनकर अपने आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने का प्रयास करते हैं।
फिल्म को लेकर दर्शकों की प्रतिक्रियाओं में एक खास बात सामने आ रही है। लोगों को इसके पात्रों में अपने गांव के बुजुर्ग, अपने माता-पिता और पहाड़ की उन पुरानी पीढ़ियों की झलक दिखाई दे रही है, जिन्होंने तमाम अभावों के बावजूद अपने स्वाभिमान और पारिवारिक मूल्यों से कभी समझौता नहीं किया। स्थानीय भाषा की मिठास, पहाड़ी परिवेश और हल्के हास्य के साथ भावनात्मक प्रसंगों की चर्चा भी दर्शकों के बीच फिल्म को लेकर जिज्ञासा बढ़ा रही है।
रुद्रपुर के चावला थिएटर में भी फिल्म ‘पायर’ प्रदर्शित हो रही है। इसी क्रम में रविवार शाम 6 बजे पर्वतीय समाज से जुड़े कई लोग फिल्म देखने के लिए पहुंचेंगे। पर्वतीय समाज समिति के अध्यक्ष गिरीश चंद्र जोशी तथा समाजसेवी एवं उद्यमी महेश कांडपाल की पहल से फिल्म देखने को लेकर समाज के लोगों में उत्साह दिखाई दे रहा है।
हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स के संपादक एवं उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी अवतार सिंह बिष्ट ने भी बताया कि वह रविवार शाम 6 बजे अपनी अर्धांगिनी के साथ चावला थिएटर में फिल्म देखने पहुंचेंगे।
अवतार सिंह बिष्ट का कहना है कि उत्तराखंड की संस्कृति, मातृभाषा और पहाड़ के वास्तविक जीवन को बड़े पर्दे पर प्रस्तुत करने वाली फिल्मों को दर्शकों का प्रोत्साहन मिलना जरूरी है। दूसरे राज्यों में लोग अपनी क्षेत्रीय भाषा और संस्कृति पर आधारित फिल्मों को देखने के लिए परिवार सहित सिनेमाघरों में पहुंचते हैं। उत्तराखंड के लोगों को भी अपनी सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी फिल्मों के प्रति इसी तरह रुचि दिखानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की लोक संस्कृति, पारंपरिक जीवनशैली, गांवों से पलायन, बुजुर्गों का अकेलापन, पहाड़ की महिलाओं का संघर्ष और नई पीढ़ी का अपनी जड़ों से दूर होना ऐसे विषय हैं, जिन्हें सिनेमा के माध्यम से सामने लाने की आवश्यकता है। ‘पायर’ जैसी फिल्मों के प्रति दर्शकों की रुचि भविष्य में उत्तराखंड की भाषा, संस्कृति और सामाजिक जीवन पर आधारित अन्य फिल्मों के निर्माण को भी प्रोत्साहित कर सकती है।
पर्वतीय समाज के लोगों से अपील की जा रही है कि वे स्वयं फिल्म देखने के लिए सिनेमाघर पहुंचें और अपने परिवार, रिश्तेदारों, मित्रों तथा नई पीढ़ी को भी ऐसी फिल्मों से जुड़ने के लिए प्रेरित करें।
फिलहाल फिल्म देख चुके दर्शकों की प्रतिक्रियाएं सोशल मीडिया पर लोगों की उत्सुकता बढ़ा रही हैं। अब रुद्रपुर में रविवार शाम का शो भी पर्वतीय समाज के लोगों के लिए अपनी संस्कृति और पहाड़ की कहानी से जुड़ने का एक अवसर बनने जा रहा है।
हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स | उत्तराखंड, देश-दुनिया की खबरों पर नजर।