Toyota Kirloskar Motor और Trust Toyota पर गंभीर सवाल — क्या ग्राहकों को दी जा रही हैं रिपेंटेड गाड़ियां?“Zero Defect” का दावा या उपभोक्ताओं के साथ धोखा? Toyota Kirloskar Motor की गुणवत्ता पर उठे बड़े सवाल?नई गाड़ी के नाम पर कथित रिपेयर वाहन! Trust Toyota के खिलाफ उपभोक्ताओं में बढ़ा आक्रोश

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नई गाड़ी के नाम पर कथित रिपेयर वाहन! Trust Toyota के खिलाफ उपभोक्ताओं में बढ़ा आक्रोश


रुद्रपुर | विशेष रिपोर्ट |अवतार सिंह बिष्ट हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स
देश और दुनिया में “Zero Defect” और विश्वस्तरीय गुणवत्ता का दावा करने वाली Toyota Kirloskar Motor तथा उसके अधिकृत डीलर Trust Toyota पर नई गाड़ी के नाम पर कथित रूप से रिपेंटेड एवं दोषपूर्ण वाहन देने का गंभीर आरोप लगा है।
रुद्रपुर निवासी एक ग्राहक ने आरोप लगाया है कि उनसे नई Toyota Innova Crysta ZX Attitude Black के नाम पर पूरी कीमत वसूलने के बावजूद उन्हें रिपेंटेड और दोषपूर्ण वाहन सौंप दिया गया।

Toyota Kirloskar Motor और Trust Toyota पर गंभीर सवाल — क्या ग्राहकों को दी जा रही हैं रिपेंटेड गाड़ियां?“Zero Defect” का दावा या उपभोक्ताओं के साथ धोखा? Toyota Kirloskar Motor की गुणवत्ता पर उठे बड़े सवाल?नई गाड़ी के नाम पर कथित रिपेयर वाहन! Trust Toyota के खिलाफ उपभोक्ताओं में बढ़ा आक्रोश

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड
https://hindustanglobaltimes.com/uttarakhand/serious-questions-on-toyota-kirloskar-motor-and-trust-toyota-are-repainted-vehicles-being-given-to-customers-with-the-claim-of-zero-defect-or-cheating-on-consumers-concerns-raised/

कहीं आप भी न हो जाएं ठगी का शिकार!
रुद्रपुर में सामने आए कथित वाहन विवाद ने एक बार फिर बड़े ऑटोमोबाइल ब्रांड्स और उनके डीलर नेटवर्क की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। Toyota Kirloskar Motor और उसके अधिकृत डीलर Trust Toyota पर लगे आरोप केवल एक ग्राहक की परेशानी नहीं, बल्कि उन हजारों उपभोक्ताओं के लिए चेतावनी हैं जो कंपनियों के नाम और “Zero Defect” जैसे दावों पर आंख बंद कर भरोसा कर लेते हैं।
यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि सुनियोजित भ्रष्टाचार और उपभोक्ता विश्वास के साथ खिलवाड़ माना जाएगा। नई गाड़ी के नाम पर रिपेंटेड या दोषपूर्ण वाहन देना, अतिरिक्त धन वसूली करना और बाद में रिपेयर कर वाहन लौटाने की कोशिश करना बेहद गंभीर मामला है।
ग्राहकों को चाहिए कि वाहन डिलीवरी हमेशा दिन के उजाले में लें, पूरी बॉडी और पेंट की जांच करें, PDI (Pre-Delivery Inspection) रिपोर्ट मांगें और हर भुगतान का रिकॉर्ड सुरक्षित रखें।
सिर्फ बड़े ब्रांड का नाम देखकर भरोसा करना अब पर्याप्त नहीं है। सतर्क रहें, क्योंकि आपकी मेहनत की कमाई पर भी कोई खेल कर सकता है और आप भी ठगी का शिकार हो सकते हैं।


पीड़ित ग्राहक के अनुसार उन्होंने 15 मार्च 2026 को Trust Toyota में Toyota Innova Crysta ZX Attitude Black बुक की थी। बुकिंग के समय वाहन का बेसिक मूल्य ₹25,53,000 बताया गया था, लेकिन डिलीवरी के समय उनसे ₹30,501 अतिरिक्त वसूले गए और वाहन की बेसिक कीमत बढ़ाकर ₹25,83,501 कर दी गई।
ग्राहक का कहना है कि Toyota ब्रांड की गुणवत्ता और “Zero Defect” दावों पर भरोसा करते हुए उन्होंने लगभग ₹31 लाख से अधिक की राशि का भुगतान कर दिया। ग्राहक ने दावा किया है कि उनके पास बुकिंग स्लिप, इनवॉइस, पेमेंट रिकॉर्ड और अन्य सभी आवश्यक दस्तावेज मौजूद हैं, जिन्हें आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अधिकारियों और मीडिया के समक्ष प्रस्तुत किया जा सकता है।
डिलीवरी के कुछ घंटों बाद सामने आए कथित दोष
ग्राहक के अनुसार 27 अप्रैल 2026 को उन्हें रात लगभग 9 बजे वाहन की डिलीवरी दी गई। उनका आरोप है कि उन्होंने दिन में डिलीवरी देने का अनुरोध किया था ताकि मंदिर में नई गाड़ी की पूजा की जा सके, लेकिन वाहन देर रात सौंपा गया।
अंधेरा होने के कारण वाहन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दी। उसी दिन वाहन को Paint Protection Film (PPF) कोटिंग के लिए भेजा गया, जहां निरीक्षण के दौरान कथित रूप से बड़ा खुलासा हुआ।
PPF विशेषज्ञ ने ग्राहक को बताया कि वाहन का बोनट पहले से रिपेंटेड प्रतीत हो रहा है तथा उसकी फिनिशिंग असमान और खराब है, जिसके कारण उस पर PPF कोटिंग करना संभव नहीं है।
इसके बाद ग्राहक ने स्वयं वाहन का निरीक्षण किया, जिसमें बोनट पर कई कथित खामियां दिखाई देने का दावा किया गया।
“नई गाड़ी” पर रिपेयर का आरोप
ग्राहक की शिकायत के बाद Trust Toyota के अधिकारियों द्वारा वाहन का निरीक्षण किया गया। ग्राहक का आरोप है कि निरीक्षण के दौरान दोष स्वीकार भी किया गया।
इसके बाद 29 अप्रैल 2026 को वाहन को वापस वर्कशॉप में ले जाया गया, जहां वह अब तक खड़ा बताया जा रहा है।
पीड़ित ग्राहक ने आरोप लगाया कि:
उन्हें 20 से अधिक बार वर्कशॉप के चक्कर लगाने पड़े
25 दिनों से अधिक समय बीतने के बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं दिया गया
कंपनी अब कथित रूप से दोषपूर्ण हिस्से को रिपेयर या रिपेंट कर वापस देने की बात कर रही है
नई गाड़ी की पूरी कीमत लेने के बाद ग्राहक को रिपेयर वाहन देने का प्रयास किया जा रहा है
ग्राहक ने सवाल उठाया कि यदि नई गाड़ी में डिलीवरी के बाद बॉडी पार्ट बदले या रिपेंट किए जा रहे हैं, तो उसे “नई गाड़ी” कैसे माना जा सकता है।
EMI शुरू, गाड़ी अब भी वर्कशॉप में
मामले का सबसे चिंताजनक पहलू यह बताया जा रहा है कि ग्राहक उसी वाहन की बैंक किस्त चुका रहा है, जो वर्तमान में वर्कशॉप में खड़ी है।
ग्राहक का कहना है कि नई गाड़ी उपयोग में न होने के कारण उन्हें अपने दैनिक कार्यों के लिए प्रतिदिन लगभग ₹5,500 खर्च कर किराये की गाड़ी लेनी पड़ रही है।
पीड़ित ग्राहक ने मामले में उचित कार्रवाई, वाहन प्रतिस्थापन तथा आर्थिक नुकसान की भरपाई की मांग की है। वहीं इस पूरे प्रकरण को लेकर क्षेत्र में उपभोक्ता अधिकारों और वाहन डिलीवरी प्रक्रिया पर भी सवाल उठने लगे हैं।

उपभोक्ता अधिकारों की लड़ाई अब सड़क से मीडिया तक
रुद्रपुर में कथित रूप से दोषपूर्ण और रिपेंटेड वाहन दिए जाने के मामले ने अब बड़ा जनआंदोलन का रूप लेना शुरू कर दिया है। पीड़ित उपभोक्ता ने साफ कहा है कि यह लड़ाई केवल उसकी व्यक्तिगत नहीं, बल्कि देशभर के उन ग्राहकों की आवाज है जो बड़ी कंपनियों और चमकदार शोरूमों के भरोसे अपनी जीवनभर की कमाई दांव पर लगा देते हैं।
Toyota Kirloskar Motor और Trust Toyota पर लगे गंभीर आरोपों को लेकर अब व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने की तैयारी की जा रही है। पीड़ित उपभोक्ता के समर्थन में मीडिया समूह “हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स” जल्द ही वार्ता की टेबल पर बैठेगा और उपभोक्ता के पक्ष में नई गाड़ी देने की मांग उठाएगा।
यदि समय रहते न्याय नहीं मिला तो उत्तराखंड के रुद्रपुर, देहरादून, हरिद्वार और नैनीताल समेत उत्तर प्रदेश और दिल्ली के 20 से अधिक महानगरों में, जहां-जहां संबंधित कंपनी के शोरूम संचालित हैं, वहां प्रेस वार्ताओं और जनजागरूकता अभियानों का आयोजन किया जाएगा।
अभियान का उद्देश्य केवल विरोध नहीं, बल्कि आम लोगों को जागरूक करना है कि नई गाड़ी खरीदते समय केवल ब्रांड के नाम पर भरोसा न करें। हर दस्तावेज जांचें, डिलीवरी के समय वाहन की पूरी जांच कराएं और किसी भी गड़बड़ी पर तुरंत आवाज उठाएं।
उपभोक्ता पक्ष का कहना है कि यदि करोड़ों के कारोबार करने वाली कंपनियां ग्राहकों के विश्वास के साथ खिलवाड़ करेंगी, तो अब जनता भी चुप नहीं बैठेगी। यह लड़ाई उपभोक्ता सम्मान, पारदर्शिता और जवाबदेही की लड़ाई बन चुकी है।


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