उत्तराखंड में पुलिस को ऑपरेशन प्रहार के तहत कामयाबी मिली है। उत्तराखंड में पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार पिछले महीनों तब शुरू किया था, जब राजपुर रोड पर मॉर्निंग वॉक कर रहे रिटायर्ड ब्रिगेडियर की रोड रेज में जान चली गई थी।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड।
बीती 23 मई से फरार आरोपी बाजपुर के केशवनगर में छिपा हुआ था। एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह के मुताबिक पंजाब पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स से इनपुट मिलने के बाद सोमवार तड़के संयुक्त टीम ने अमृतसर शहर के थाना छेहर्टा के नारायणगढ़ निवासी आरोपी ईशानप्रीत सिंह को चारों तरफ से घेर लिया। उसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया।
तलाशी में घर से चाइना मेड पिस्टल मिली
पुलिस के मुताबिक 23 मई को जब एएनटीएफ और सीमा सुरक्षा बल ने ईशानप्रीत के घर छापेमारी की थी तब वह घर की छत से कूदकर पीछे के रास्ते फरार हो गया था। तलाशी में उसके घर से उसके घर से कुल 12 अवैध पिस्टल मिले, जिसमें तीन बरेटा पिस्टल, तीन जिगाना पिस्टल और छह मेड इन चाइना पिस्टल थीं। इसके अलावा उसके घर से लगभग 900 ग्राम हेरोइन भी बरामद हुई थी।
ऑपरेशन प्रहार में मिली कामयाबी
उत्तराखंड में ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत एसटीएफ को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। सोमवार को एक संयुक्त ऑपरेशन में पंजाब के जिस वांछित अपराधी को गिरफ्तार किया गया है, उसको अंतरराष्ट्रीय सीमा पार पाकिस्तान से ड्रोन के जरिये हथियार और मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले सिंडिकेट का मुख्य हिस्सा बताया जा रहा है।
पुलिस के मुताबिक, अमृतसर शहर के थाना छेहर्टा के नारायणगढ़ निवासी ईशानप्रीत सिंह के ऊधमसिंह नगर जिले में छिपे होने का इनुपट पंजाब की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स से मिला था। बताया जा रहा है कि आरोपी के यहां से जो बरेटा, जिगाना और मेड इन चाइना पिस्टल और हेरोइन मिली थी, उसे सीमा पार पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए इंटरनेशनल बॉर्डर पहुंचाए गए थे। इसके बाद से ही सुरक्षा एजेंसियां उसकी तलाश में जुटी थीं।
पंजाब पुलिस कर रही जांच
उत्तराखंड एसटीएफ ने बाजपुर के मोहल्ला केशवनगर से गिरफ्तारी के बाद आरोपी ईशानप्रीत से प्राथमिक पूछताछ की, जिसके बाद उसे आगे की कानूनी कार्रवाई और विस्तृत पूछताछ के लिए पंजाब पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पंजाब पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि बाजपुर में उसे पनाह देने में स्थानीय स्तर पर किन लोगों ने मदद की थी।
