हल्द्वानी/गौलापार। गौलापार के मानपुर गांव में निर्माणाधीन पानी के टैंक में जहरीली गैस के कारण दम घुटने से मां और उसके दो बेटों की दर्दनाक मौत ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया। हादसे में 65 वर्षीय सरस्वती देवी, उनके बेटे धर्मेंद्र बिष्ट और खुशाल सिंह की जान चली गई।
जानकारी के अनुसार, धर्मेंद्र और खुशाल टैंक के भीतर काम करने के लिए उतरे थे, लेकिन काफी देर तक बाहर नहीं आए। अनहोनी की आशंका के बीच मां सरस्वती देवी अपने बेटों को बचाने के लिए बिना अपनी जान की परवाह किए टैंक में उतर गईं। जहरीली गैस की चपेट में आने से वह भी अचेत हो गईं। तीनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
सुशीला तिवारी अस्पताल में मौत की पुष्टि होते ही परिजनों का विलाप सुन माहौल गमगीन हो गया। महिलाओं की चीत्कार से हर किसी की आंखें नम हो गईं।
बताया गया कि 12 वर्ष पहले सड़क दुर्घटना में परिवार के मुखिया भीम सिंह की भी मौत हो चुकी थी। धर्मेंद्र प्लंबर का कार्य करते थे, जबकि खुशाल सिडकुल की एक कंपनी में इलेक्ट्रिशियन थे। दोनों अपने पीछे पत्नी और छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं। इस हृदयविदारक हादसे ने परिवार के सामने गहरा आर्थिक और भावनात्मक संकट खड़ा कर दिया है।
हल्द्वानी। नैनीताल जिले के गौलापार क्षेत्र के मानपुर पश्चिम गांव में मंगलवार को एक हृदयविदारक हादसे में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई। बेसमेंट में बनी पानी की टंकी का लेंटर खोलने के दौरान टंकी के भीतर जमा जहरीली गैस के संपर्क में आने से मां और उनके दो बेटों का दम घुट गया।
मृतकों की पहचान 55 वर्षीय सरस्वती देवी, उनके बड़े बेटे 40 वर्षीय धर्मेंद्र बिष्ट तथा छोटे बेटे खुशाल बिष्ट के रूप में हुई है।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
बताया जा रहा है कि पानी की टंकी का ढक्कन खोलने के दौरान एक सदस्य अंदर गया और बेहोश हो गया। उसे बचाने के प्रयास में अन्य दो सदस्य भी टंकी के भीतर या उसके मुहाने तक पहुंचे, जहां जहरीली गैस की चपेट में आने से तीनों अचेत हो गए।
परिजन और ग्रामीण आनन-फानन में तीनों को सुशीला तिवारी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक आशंका है कि लंबे समय से बंद टंकी में जहरीली गैस जमा होने के कारण यह हादसा हुआ।
