उत्तराखंड में मौसम के दो रंग जारी हैं। मौसम विभाग के अनुसार 9 जून से राज्य के कई पर्वतीय जिलों में हल्की बारिश और बिजली गिरने और चमकने की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं।

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केदार घाटी में मानसून की दस्तक के साथ लगातार बारिश हो रही है। खराब मौसम के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन के लिए केदारनाथ धाम पहुंच रहे हैं। मैदानी इलाकों में जैसे देहरादून, हरिद्वार और उधमसिंह नगर जिलों में मौसम शुष्क बना रहेगा। यहां भीषण गर्मी का कहर जारी है। इस बीच केदारघाटी में पत्थर गिरने से एक महिला की मौत हो गई।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड

9 जून को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, नैनीताल और चंपावत जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश और गर्जन के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। जबकि बाकी जिलों में मौसम सामान्य रहने की संभावना है। 10 जून को प्रदेश के अधिकांश पर्वतीय जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। हालांकि हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।

11 से 13 जून तक प्रदेशभर में बारिश के आसार

11 और 12 जून को मौसम का प्रभाव और बढ़ सकता है। पर्वतीय जिलों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। मैदानी क्षेत्रों में भी कहीं-कहीं बारिश और गरज-चमक देखने को मिल सकती है। देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, पिथौरागढ़ और चंपावत जिलों में आकाशीय बिजली, ओलावृष्टि और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है। 13 जून को भी मौसम का यही मिजाज बना रह सकता है। राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और मैदानी इलाकों में हल्की बारिश के आसार हैं।

14 जून को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, चट्टान गिरने और सड़कें बाधित होने की आशंका जताई गई है। विभाग के अनुसार अगले दो से तीन दिनों में तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद फिर तापमान में 2 से 4 डिग्री की गिरावट आने की संभावना है।

केदारघाटी में बारिश के मद्देनजर सुरक्षा के व्यापक इंतेजाम

दूसरी तरफ केदारघाटी में यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। यात्रा मार्ग और केदारनाथ धाम में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन हेलीकॉप्टर सेवाओं पर भी लगातार नजर बनाए हुए है। रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि हेलीकॉप्टर सेवा संचालकों को मौसम संबंधी अलर्ट और दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि मौसम खराब होने पर हेलीकॉप्टर सेवाएं तुरंत रोक दी जाएं और किसी भी तरह का जोखिम न लिया जाए। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से भी मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

केदार पैदल मार्ग पर पत्थर लगने से युवती की मौत

रुद्रप्रयाग विश्व प्रसिद्ध श्री केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग पर सोमवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। पैदल मार्ग के चीरबासा क्षेत्र में अचानक पहाड़ी से पत्थर गिरने की चपेट में आने से एक युवती की मौत हो गई, जबकि दो अन्य श्रद्धालु घायल हो गए। घटना के बाद यात्रा मार्ग पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड के सितारगंज के सुरेंद्रनगर वार्ड-13, शक्ति फार्म निवासी मीनाक्षी रौतेला (पुत्री शिवराज सिंह रौतेला) केदारनाथ धाम की यात्रा पर थीं। इसी दौरान चीरबासा के पास अचानक पहाड़ी से पत्थर गिरने लगे। पत्थरों की चपेट में आने से मीनाक्षी गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचे तथा घायल श्रद्धालुओं को तत्काल उपचार के लिए भेजा गया। मीनाक्षी को बचाने के प्रयास किए गए, लेकिन उन्होंने दम तोड़ दिया। हादसे में घायल दो अन्य श्रद्धालुओं को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार उन पर निगरानी रखी जा रही है।


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