इस अवसर पर हजारों भक्त मंदिर परिसर में उपस्थित थे और वैदिक मंत्रों के साथ भगवान विष्णु के दर्शन का लाभ उठाया।

चार धाम यात्रा का आरंभ
बद्रीनाथ मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही चार धाम यात्रा का आधिकारिक आरंभ हो गया है। मंदिर को 15 टन रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया, जिससे बदरीपुरी नगरी में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ। भारतीय सेना के बैंड ने भक्ति संगीत की प्रस्तुतियों से वातावरण को और भी भक्तिमय बना दिया।
विशेष पूजा के साथ कपाट खोले गए
बाबा बद्रीनाथ के कपाट विशेष पूजा-अर्चना के साथ खोले गए। मंदिर के मुख्य पुजारी (रावल), धर्माधिकारी और वैदिक विद्वानों ने विधिपूर्वक पूजा संपन्न की। अधिकारियों ने बताया कि सबसे पहले रावल, धर्माधिकारी और वेदपाठी विद्वानों द्वारा विशेष पूजा की गई।
सीएम धामी का विशेष आगमन
इस विशेष अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और टिहरी विधायक किशोर उपाध्याय भी उपस्थित रहे। इन सभी ने बाबा बद्रीनाथ के दर्शन कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।
अन्य मंदिरों के कपाट भी खुले
बद्रीनाथ मंदिर परिसर में स्थित अन्य महत्वपूर्ण मंदिरों जैसे गणेश मंदिर, घंटाकर्ण मंदिर, आदि केदारेश्वर, आदि गुरु शंकराचार्य मंदिर और माता मूर्ति मंदिर के कपाट भी आज श्रद्धालुओं के लिए खोले गए। इन मंदिरों में भी विशेष पूजा-अर्चना की गई।
यात्रा की तैयारी पूरी
स्थानीय प्रशासन ने यात्रा मार्ग की सुरक्षा और सुविधा के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं। अधिकारियों ने बताया कि धाम तक की यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा, यातायात और ठहराव की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
चार धाम यात्रा का आरंभ
हर साल की तरह, दीपावली के बाद चारों धाम बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए थे। अब मई की शुरुआत में मौसम अनुकूल होने पर एक-एक करके मंदिरों के कपाट खोले जा रहे हैं। केदारनाथ मंदिर पिछले शुक्रवार को श्रद्धालुओं के लिए खोला गया था, जबकि गंगोत्री और यमुनोत्री 30 अप्रैल को भक्तों के लिए खोले गए थे।
इसमें से एक चाबी टिहरी राजपरिवार के प्रतिनिधि ने लगाई. वहीं दूसरी और तीसरी चाबी हक हकूकधारी बामणी गांव के भंडारी थोक और मेहता थोक ने लगाई.
संवाददाता,शैल ग्लोबल टाइम्स/ हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स /उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी, अवतार सिंह बिष्ट रुद्रपुर, (उत्तराखंड)
इसके बाद रावल ने सबसे पहले मंदिर में प्रवेश किया और भगवान बदरी विशाल से अनुमति लेकर उनका श्रृंगार किया गया. इस दौरान देश भर से हजारों की संख्या में पहुंचे भक्तों ने भगवान के जयकारे लगाए और दर्शन पूजन किया. जानकारी के मुताबिक टिहरी राज परिवार ने मंदिर के कपाट खोलने के लिए जिस चाबी का इस्तेमाल किया, वह चाबी बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के पास रहती है.
पूजा-अर्चना के उपरांत मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं से भेंट कर यात्रा मार्ग पर उपलब्ध सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं के संबंध में सीधा फीडबैक प्राप्त किया.
मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से बातचीत करते हुए जाना कि यात्रा के दौरान उन्हें किन-किन प्रकार की सुविधाएं मिल रही है और भविष्य में और क्या सुधार अपेक्षित हैं. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए, जिससे उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो.
धार्मिक सेवा मेरे लिए सौभाग्य का विषय- सीएम धामी
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने श्री बदरीनाथ धाम में मास्टरप्लान के तहत चल रहे पुनर्विकास कार्यों की भी जानकारी ली. उन्होंने बताया कि मास्टरप्लान के अंतर्गत श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है. इसमें मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण, पैदल मार्गों का सुधार, जल निकासी व्यवस्था, पार्किंग क्षेत्र, विश्रामगृह और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं शामिल हैं.
मुख्यमंत्री धामी ने धाम में चल रहे भंडारे में भी भाग लिया और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित कर अपनी सहभागिता दर्ज की. उन्होंने कहा कि यह धार्मिक सेवा उनके लिए एक सौभाग्य का विषय है और उनका प्रयास है कि हर श्रद्धालु को देवभूमि में दिव्यता और सुविधा दोनों का अनुभव हो. मुख्यमंत्री ने कहा, “आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व में हमारी डबल इंजन की सरकार देवभूमि उत्तराखंड के धार्मिक स्थलों के पुनरुद्धार और विश्वस्तरीय पहचान देने का निरंतर कार्य कर रही है. श्री केदारनाथ, बदरीनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री धामों का पुनर्निर्माण और आधुनिकीकरण इसी दिशा में एक सशक्त कदम है.”
सीएम धामी ने सभी विभागों को दिया निर्देश
उन्होंने यह विश्वास भी जताया कि भगवान बदरी विशाल के आशीर्वाद और केंद्र सरकार के सहयोग से चारधाम यात्रा 2025 इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या और व्यवस्थाओं की दृष्टि से नए कीर्तिमान स्थापित करेगी. मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि यात्रा काल के दौरान समन्वय बनाकर कार्य करें ताकि प्रदेश की प्रतिष्ठा को और अधिक बल मिले.
ध्यान देने योग्य है कि चारधाम यात्रा हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं को उत्तराखंड की ओर आकर्षित करती है और यह राज्य की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आर्थिक धुरी मानी जाती है. राज्य सरकार की ओर से यात्रा को सुविधाजनक और सुरक्षित बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं.

