उत्तराखंड को 19 अक्टूबर को मिलेगा नया राज्यपाल, डॉ. ढाल सिंह बिसेन लेंगे शपथ; पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी अस्पताल में भर्ती

उत्तराखंड/नई दिल्ली। उत्तराखंड में राज्यपाल पद पर बदलाव की तैयारी पूरी हो गई है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं देश के पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी के अस्पताल में भर्ती होने की खबर से राजनीतिक जगत में चिंता का माहौल है। एक ओर उत्तराखंड को नया संवैधानिक प्रमुख मिलने जा रहा है, तो दूसरी ओर भाजपा के वरिष्ठतम नेताओं में शामिल आडवाणी के स्वास्थ्य पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
19 अक्टूबर को डॉ. ढाल सिंह बिसेन लेंगे राज्यपाल पद की शपथ

हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स अवतार सिंह बिष्ट उत्तराखंड | देश-दुनिया की खबरों पर नजर


उत्तराखंड डॉ. ढाल सिंह बिसेन 19 अक्टूबर को सुबह 11 बजे लोक भवन में उत्तराखंड के नौवें राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे। उत्तराखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। केंद्र सरकार ने हाल ही में मध्य प्रदेश के पूर्व सांसद एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड का राज्यपाल नियुक्त किया है। वह वर्तमान राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) का स्थान लेंगे।
लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने 15 सितंबर 2021 को उत्तराखंड के राज्यपाल का पदभार ग्रहण किया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 18 अक्टूबर 2026 तक वह पांच वर्ष, एक माह और तीन दिन का कार्यकाल पूरा कर चुके होंगे। इस तरह उन्होंने उत्तराखंड में सबसे लंबे समय तक राज्यपाल रहने का रिकॉर्ड बनाया है।
डॉ. ढाल सिंह बिसेन के शपथ ग्रहण के साथ प्रदेश में नए राज्यपाल के कार्यकाल की औपचारिक शुरुआत होगी। उनके राजनीतिक अनुभव और प्रशासनिक समझ से प्रदेश के संवैधानिक दायित्वों के निर्वहन को लेकर उम्मीदें रहेंगी। राज्यपाल का पद राज्य के संवैधानिक ढांचे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। नए राज्यपाल के कार्यभार संभालने के साथ ही लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा।
सीने में संक्रमण की शिकायत के बाद लालकृष्ण आडवाणी अस्पताल में भर्ती
नई दिल्ली। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी को सीने में संक्रमण की शिकायत के बाद दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार शाम करीब साढ़े सात बजे उन्हें अस्पताल लाया गया था। फिलहाल वह अस्पताल के पल्मोनरी विभाग में डॉक्टरों की निगरानी में हैं। इस विभाग में फेफड़ों और सांस से जुड़ी बीमारियों का उपचार किया जाता है।
आडवाणी की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। इससे पहले भी इसी वर्ष मई में स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के चलते उन्हें अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कुछ दिन उपचार के बाद वह स्वस्थ होकर घर लौट आए थे। इस बार अस्पताल में भर्ती होने के बाद उनके स्वास्थ्य को लेकर राजनीतिक क्षेत्र और समर्थकों में चिंता बनी हुई है। हालांकि, उनकी वर्तमान स्थिति को लेकर विस्तृत आधिकारिक मेडिकल जानकारी सामने आने का इंतजार है।
एक सप्ताह पहले प्रधानमंत्री मोदी ने की थी मुलाकात
लालकृष्ण आडवाणी के अस्पताल में भर्ती होने से करीब एक सप्ताह पहले, 7 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली स्थित उनके आवास पर उनसे मुलाकात की थी। इस दौरान प्रधानमंत्री ने सरकार के प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आडवाणी से आशीर्वाद लिया था।
मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट साझा कर आडवाणी के सार्वजनिक जीवन और देश के विकास में उनके योगदान को याद किया था। उन्होंने कहा था कि आडवाणी की कई दशकों की सार्वजनिक सेवा ने देश के जीवन पर गहरी छाप छोड़ी है। प्रधानमंत्री ने देश की प्रगति को मजबूत बनाने में उनकी भूमिका का भी उल्लेख किया था।
लालकृष्ण आडवाणी भारतीय राजनीति के प्रमुख नेताओं में रहे हैं। भाजपा के संगठनात्मक विस्तार और राष्ट्रीय राजनीति में पार्टी की भूमिका को मजबूत करने में उनका महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है। वह देश के उप प्रधानमंत्री के पद पर भी रह चुके हैं।
फिलहाल उत्तराखंड में नए राज्यपाल के शपथ ग्रहण की तैयारियां चल रही हैं, जबकि दिल्ली में लालकृष्ण आडवाणी के स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी का इंतजार किया जा रहा है। दोनों घटनाक्रम राजनीतिक जगत में चर्चा का विषय बने हुए हैं।