मिर्जापुर में ‘जिम जिहाद’ का खुलासा, 10 जिम संचालकों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई,उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में कथित ‘जिम जिहाद’ का मामला सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने 10 जिम संचालकों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें हिरासत में लिया है। आरोप है कि ये लोग अपने जिम सेंटरों में महिलाओं को निशाना बनाकर धर्मांतरण और ब्लैकमेलिंग जैसे गैरकानूनी कामों में शामिल थे।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड
पुलिस जांच के अनुसार, जिम में फिटनेस के लिए आने वाली महिलाओं, खासकर हिंदू युवतियों, को पहले दोस्ती और ट्रेनिंग के बहाने अपने प्रभाव में लिया जाता था। इसके बाद कथित तौर पर उनका ब्रेनवॉश कर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया जाता था। कुछ मामलों में महिलाओं को ब्लैकमेल कर अवैध गतिविधियों और सेक्स रैकेट में धकेलने के आरोप भी सामने आए हैं।
मामले का खुलासा तब हुआ जब कुछ पीड़ित महिलाओं ने हिम्मत दिखाते हुए पुलिस से शिकायत की। जांच में सामने आया कि 50 से अधिक महिलाएं इस गिरोह का शिकार हो चुकी हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी महिलाओं की आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो बनाकर उन्हें धमकाते थे और पैसों की उगाही भी करते थे।
मिर्जापुर के ASP (सिटी) नितेश सिंह ने बताया कि मामले में मुख्य आरोपी इमरान खान समेत 10 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। यह केस पहले भारतीय न्याय संहिता (BNS), उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम और आईटी एक्ट के तहत दर्ज किया गया था, लेकिन जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद अब गैंगस्टर एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गई हैं।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि आरोपियों की अवैध संपत्तियों की भी जांच की जा रही है और गैंगस्टर एक्ट के तहत उन्हें जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे मामले के सामने आने के बाद जिले में ‘जिम जिहाद’ को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
उत्तराखंड में भी बढ़ी सतर्कता, जिम और फिटनेस सेंटरों पर प्रशासन की नजर
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में सामने आए कथित ‘जिम जिहाद’ मामले के बाद अब उत्तराखंड में भी सुरक्षा एजेंसियां और प्रशासन सतर्क हो गया है। राज्य के कई शहरों में तेजी से बढ़ रहे जिम और फिटनेस सेंटरों की गतिविधियों पर नजर रखने की मांग उठने लगी है। सामाजिक संगठनों का कहना है कि फिटनेस सेंटरों की आड़ में यदि किसी प्रकार का धर्मांतरण, ब्लैकमेलिंग या महिलाओं का शोषण किया जाता है तो उस पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
देहरादून, हरिद्वार, हल्द्वानी और रुद्रपुर जैसे शहरों में बड़ी संख्या में युवा जिम का रुख कर रहे हैं। ऐसे में महिलाओं की सुरक्षा और सेंटरों की पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। जानकारों का मानना है कि प्रशासन को सभी जिम संचालकों का सत्यापन, सीसीटीवी निगरानी और महिला सुरक्षा मानकों को अनिवार्य रूप से लागू करना चाहिए।
हालांकि उत्तराखंड में अब तक इस तरह का कोई बड़ा मामला आधिकारिक रूप से सामने नहीं आया है, लेकिन मिर्जापुर प्रकरण के बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि फिटनेस सेंटर स्वास्थ्य और आत्मविश्वास बढ़ाने का माध्यम हैं, इसलिए वहां किसी भी प्रकार की गैरकानूनी गतिविधि पर कड़ी निगरानी जरूरी है।
