एडिबल ऑयल बिजनेस ने पकड़ी रफ्तार

कंपनी ने यह ग्रोथ मुख्य रूप से अपने एडिबल ऑयल बिजनेस के चलते हासिल किया, जिसमें पिछले साल के मुकाबले 26 परसेंट तक का उछाल आया है. अकेले इस सेगमेंट का रेवेन्यू 13,415 करोड़ रुपये, जो टोटल रेवेन्यू का 78.6 परसेंट है और कंपनी की कुल बिक्री में भी इस सेगमेंट की हिस्सेदारी 61 परसेंट है.
फूड और FMCG बिजनेस में भी आई तेजी
अडानी ग्रुप के फूड और FMCG बिजनेस का रेवेन्यू 4 परसेंट की उछाल के साथ 1,414 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. हालांकि, रेवेन्यू में इस सेगमेंट का योगदान सिर्फ 8 परसेंट ही है, लेकिन कुल बिक्री में इसका योगदान 16 परसेंट रहा. कंपनी ने इस तिमाही में इस सेगमेंट के कुछ प्रोडक्ट्स की कीमतें बढ़ाई, जिससे ग्रोथ को सपोर्ट मिला. कंपनी का इंडस्ट्री एसेंशियल्स बिजनेस भी 12 परसेंट तक बढ़ा है, जिसका टोटल रेवेन्यू में भी 12 परसेंट का ही कंट्रीब्यूशन रहा. इस सेगमेंट में कंपनी डी-ऑयल्ड केक और कैस्टर ऑयल जैसे प्रोडक्ट्स बनाती है.
इस रणनीति को अपना रही कंपनी
विल्मर लिमिटेड अपने एडिबल ऑयल बिजनेस से मिलने वाले कैश फ्लो का इस्तेमाल अपने फूड और FMCG बिजनेस का दायरा बढ़ाने में कर रही है. यह रणनीति काफी हद तक आईटीसी के समान है, जो अपने सिगरेट बिजनेस से होने वाले मुनाफे का इस्तेमाल अपने FMCG के कारोबार को आगे बढ़ाने में कर रही है. अकेले खाद्य तेल सेगमेंट से कंपनी को सालाना 1,200 से 1,500 करोड़ रुपये का कैश फ्लो मिलता है, जिससे कई नई दूसरी कैटेगरीज में निवेश को बढ़ावा मिल रहा है.

