

क्या ट्रंप से ईरान के लीडर ने संपर्क किया है, क्या अमेरिका-इजरायल पर ईरान की जवाबी कार्रवाई कमजोर पड़ गई है, क्या ईरान की अंडरग्राउंड मिसाइल सिटी, वाकई मिट्टी में मिल गई है? इन चार सवालों का जवाब मिलेगा आपको इस रिपोर्ट में.

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप लगातार दावा कर रहे हैं कि अमेरिकी एयरफोर्स ने ईरान का अंडरग्राउंड मिसाइल स्टॉक को वहीं कबाड़ में बदल दिया है. बीते 48 घंटों में इजरायल और अमेरिका की फौजों ने ईरान पर चार मिनट में चार धुआंधार अटैक किए. इन हमलों के बाद आखिर ऐसी कौन सी खुशखबरी आई कि ईरान में तबाही मचने की खबर सुनकर ट्रंप मारे खुशी के झूमने लगे.
ट्रंप की खुशी की वजह क्या है?
मिडिल ईस्ट में तबाही मचाकर और पूरी दुनिया को युद्ध के मुहाने पर खड़ा करने के बाद ट्रंप बीते 24 घंटों से कुछ ज्यादा ही चहक रहे हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि भारी सैन्य नुकसान झेलने के बाद ईरान अब बातचीत करना चाहता है, क्योंकि अमेरिका और इजरायल की सेनाएं तेहरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं को निशाना बनाकर ईरान को कमजोर कर रही हैं.

(AI तस्वीर)
ईरान के ‘पाताल लोक’ में बने मिसाइल शहर ध्वस्त?
ईरान पर ताजा अमेरिका-इजरायल की हमलों को लेकर अमेरिकी मीडिया के हवाले से दावा किया गया कि ईरान ने कई दशकों से अपना विशाल मिसाइल भंडार सुरक्षित रखने के लिए अंडरग्राउंड शहर बसाए हैं. इन बड़े-बड़े बंकरों और सुरंगों में हजारों बैलिस्टिक मिसाइल, लॉन्चर समेत कई तरह के हथियार छिपाए जाते थे, वहां ईरान को भारी नुकसान पहुंचा है.
दूसरी ओर ईरान का दावा था कि उसकी सीक्रेट टनल हवाई हमलों से पूरी तरह सुरक्षित हैं, दुश्मन इन्हें आसानी से तबाह नहीं कर पाएगा. लेकिन अमेरिकी फौज का कहना है कि युद्ध में अमेरिका-इजरायल ने ईरान के एक ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया है.
- अमेरिकी मीडिया के हवाले से दावा किया गया है कि जैसे ही ईरानी मिसाइल लॉन्चर फायर करने के लिए सुरंग से बाहर आता है, उसे फौरन वहीं ढेर कर दिया जाता है.
- यूएस बॉम्बर्स से गिराए जा रहे बंकर-बस्टर बमों ने टनल के मिसाइल भंडार को वहीं तहस नहस करके दफन कर दिया है. ताजा कामयाबी से ईरान की मिसाइल लॉन्च करने की ताकत में करीब 85 फीसदी की कमी आई है.
ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी फौजों ने ईरान की कई फैसिलिटी साइट्स समाप्त कर दी है, मिसाइल फैक्ट्री को वहीं नष्ट कर दिया है. ईरान ने युद्ध शुरू होने के बाद सैकड़ों मिसाइलें और हजारों ड्रोन लगातार फायर किए, लेकिन अब उसका स्टॉक और लॉन्चिंग कैपेसिटी तेजी से कम हो रही है, जिससे वो अमेरिका इजरायल पर अब पहले जैसी जवाबी कार्रवाई नहीं कर पा रहा है.
ईरान की कम होती इसी ताकत को देखते हुए ट्रंप ने दावा किया है जल्द ही युद्ध समाप्त हो जाएगा साथ ही लगातार हमलों के बीच ट्रंप ने दावा किया है कि ईरानी नेता लगातार समझौते के लिए फोन कर रहे हैं, ईरानी नेताओं के फोन पर ट्रंप ने उनको जवाब देते हुए कहा कि ईरान ने बातचीत में बहुत देर कर दी है, इसके साथ ही ट्रंप ने हमलों को लेकर ईरान पर जवाबी कार्रवाई पर खुद की तारीफ करते हुए कहा कि ईरान से चली मिसाइल को 4 मिनट में तबाह कर देते हैं. इसके साथ ही ट्रंप ने जंग में अपनी सेना को 10 में से 15 की शानदार रेटिंग भी दे दी.
सीरिया-सूडान जैसा होगा ईरान का हाल?
ट्रंप ने साफ कर दिया है ईरान पर हमलों का मकसद है, उसकी बैलिस्टिक मिसाइल और न्यूक्लियर फैसिलिटी को पूरी तरह से बर्बाद करना और उसे खतरनाक हथियार बनाने से रोकना. ट्रंप ने ईरान पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा, ‘ईरान के हाथों में न्यूक्लियर हथियार पड़ना बहुत बुरी बात होगा.
ट्रंप ने साफ कहा कि ईरान की मिलिट्री ताकत बहुत कमजोर पड़ चुकी है. इसके साथ ही अमेरिका-इजरायल ने ये भी साफ कर दिया है कि जो भी खामेनेई का उत्तराधिकारी बनेगा उसका भी खात्मा कर दिया जाएगा.
हालांकि ऐसी तमाम बयानबाजी और धमकियों के बावजूद ईरान को लेकर अमेरिका-इजरायल का प्लान पूरी तरह सामने नहीं आया है. हालांकि ऐसा लग रहा है कि अगर ईरान नहीं रुका तो लंबे युद्ध में उसकी हालत सीरिया-सूडान जैसे हो सकती है, क्योंकि डोनाल्ड ट्रंप के तेवर देखते हुए लग रहा है कि वो ईरान की बर्बादी तक रुकने के मूड में नहीं हैं.




