जस्टिस पंकज पुरोहित की कोर्ट ने 15 दिन का समय दिया है और पूछा है कि 42 बट्टे 1996 केस का क्या स्टेट्स है. कोर्ट ने तत्कालीन डीएम अनंत कुमार से जुड़े केस का ब्यौरा दाखिल करने के निर्देश दिए हैं. हालांकि जब पूर्व में कोर्ट ने पूछा तो यूपी सरकार ने कहा था कि ये केस उनके यहां नहीं है, जिसके बाद कोर्ट ने सीबीआई से जवाब तलब हुआ है.
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)
रमन साह ने दाखिल की याचिका
आपको बता दें की अब तक बंद पड़े केस को खुलवाने के लिए आंदोलनकारी अधिवक्ता मंच के अध्यक्ष रमन साह ने याचिका दाखिल की और कहा कि राज्य आंदोलन के दौरान बर्बरता हुई. लेकिन कई आरोपी आज भी घूम रहे हैं और इनसे जुड़ी फाइलें गायब हो गयी हैं. सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट से लेकर मुजफ्फरनगर, देहरादून में केस होने की बात कही. लेकिन केस स्टेट्स नहीं पता चल सका.
गोलीकांड में 22 की हुई थी मौत, 7 से हुआ था रेप
आपको बता दें की अलग राज्य की मांग को लेकर आंदोलन के दौरान रामपुर तिराहा, मसूरी, खटीमा में गोलीकांड हुआ था. इस दौरान कई शहादतें हुई. लेकिन सीबीआई ने 22 की गोली से मौत, 17 से छेड़छाड़ और 7 से रेप की घटना मानी. हालांकि सीबीआई कोर्ट ने 304 के तहत दर्ज चार्जशीट का संज्ञान लिए और मुकदमे को 302 में तब्दील कर दिया. कोर्ट ने अनंत कुमार सिंह केस की डिटेल्ड मांगी. यूपी सरकार पहले ही कह चुकी है कि उनके स्टेट में यह केस नही चल रहा है.
