इसमें तराई केंद्रीय वन प्रभाग की रुद्रपुर, पीपलपड़ाव, बरहैनी व हरिद्वार वन प्रभाग की खानपुर व हरिद्वार रेंज शामिल हैं।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड
इसमें तराई केंद्रीय वन प्रभाग की रुद्रपुर, पीपलपड़ाव, बरहैनी व हरिद्वार वन प्रभाग की खानपुर व हरिद्वार रेंज शामिल हैं।
डीएफओ के साथ वर्चुअली समीक्षा
शनिवार को उत्तराखंड के अपर प्रमुख वन संरक्षक वन्य जीव विवेक पांडे ने हाथी गणना के कार्य को लेकर राज्य के वन प्रभागों के डीएफओ के साथ वर्चुअली समीक्षा बैठक की। कार्बेट टाइगर रिजर्व के सभागार में अपर प्रमुख वन संरक्षक पांडे ने हर वन प्रभाग में अब तक हुए हाथी गणना कार्य की जानकारी ली।
उत्तराखंड में कार्बेट, राजाजी टाइगर रिजर्व समेत हाथी गणना का कार्य 26 मई से 30 मई तक हुआ। कार्बेट टाइगर रिजर्व की छह रेंज में पांच दिनों में शनिवार दिन तक 960 हाथी देखे गए हैं। इसमें कार्बेट के कालागढ़ वन प्रभाग की गणना शामिल नहीं है।
इसके अलावा रामनगर वन प्रभाग में 18 एवं तराई पश्चिमी वन प्रभाग में 50 हाथी देखे गए हैं। हाथियों की गणना की यह रिपोर्ट दिन तक की है। शाम की रिपोर्ट रविवार तक पता चलेगी। वन विभागों के पास हाथियों का जो भी डाटा आया है, उसका अभी विश्लेषण होगा, इसमें हाथी कम भी हो सकते हैं। क्योंकि कई बार हाथी मूवमेंट करने के चक्कर में दो जगह गिने जाते हैं।
अपर प्रमुख वन संरक्षक पांडे ने बताया कि हाथी की गणना का डाटा अब भारतीय वन्य जीव संस्थान देहरादून भेजा जाएगा। विश्लेषण के बाद दो से तीन महीने में राज्य में हाथियों की संख्या सार्वजनिक की जाएगी। बैठक में उपनिदेशक राहुल मिश्रा, कार्बेट के वार्डन बिंदर पाल, एसडीओ अमित ग्वासीकोटी, डीएफओ प्रकाश चंद्र आर्या, डीएफओ ध्रुव सिंह मर्तोलिया, एसडीओ कामिनी आर्या मौजूद रहीं।
राज्य में इस बार हाथियों की अच्छी संख्या बढ़ने की उम्मीद
अपर प्रमुख वन संरक्षक विवेक पांडे ने बताया कि वर्ष 2020 में हुई हाथी गणना में राज्य में 2026 हाथी मिले थे। इसमें से कार्बेट में 1226 हाथी थे। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य में इस बार हाथियों की अच्छी संख्या बढ़कर आएगी। प्रत्यक्ष विधि से यह गणना हुई है।
जहां हाथी नहीं दिखे हैं, उन जगह में हाथी जल स्रोतों की ओर मूव कर जाते हैं। हाथियों की बढ़ती संख्या से मानव वन्य जीव संघर्ष को लेकर पांडे ने कहा कि इसे कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं। कारीडोर बचाने के लिए सरकार भी विकास कार्यों के साथ ऐसे प्रयास कर रही है कि हाथियों का कारीडोर भी बचा रह सके।
