2026 : भारत सरकार के नए इनकम टैक्स एक्ट 2025 और इनकम टैक्स रूल्स 2026 के तहत स्थायी खाता संख्या यानी PAN Card के नियमों में ऐतिहासिक बदलाव कर दिए गए हैं। ये नए नियम आज यानी 1 जून 2026 से पूरे देश में कड़ाई के साथ लागू हो गए हैं।

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आयकर विभाग ने टैक्स चोरी को रोकने और देश के वित्तीय ढांचे को मजबूत करने के लिए इस पूरी व्यवस्था को अपग्रेड किया है। अब नया पैन कार्ड बनवाना हो, पुराने में सुधार करना हो या फिर बैंक से जुड़ा कोई बड़ा लेन-देन, आपके लिए पुराने तरीके पूरी तरह बदल चुके हैं।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड

आइए जानते हैं क्या हैं आज से लागू हुए ये 5 बड़े बदलाव:

1. अब पैन के लिए चाहिए होगा बर्थ सर्टिफिकेट

अब तक आप सिर्फ अपने आधार नंबर के जरिए कुछ ही मिनटों में तुरंत ई-पैन (Instant e-PAN) हासिल कर लेते थे लेकिन आज से यह व्यवस्था खत्म हो गई है। अब केवल आधार कार्ड को जन्मतिथि (Date of Birth) के पक्के सबूत के तौर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। नया पैन कार्ड बनवाने या पुराने में सुधार के लिए अब आधार के साथ-साथ बर्थ सर्टिफिकेट (जन्म प्रमाण पत्र), 10वीं की मार्कशीट, पासपोर्ट या वोटर आईडी कार्ड में से कोई एक दस्तावेज अलग से देना अनिवार्य होगा।

2. पुराने फॉर्म 49A और 49AA हो गए बंद

अगर आप नए पैन कार्ड के लिए आवेदन करने जा रहे हैं तो पुराने फॉर्म का इस्तेमाल बिल्कुल न करें। विभाग ने पुराने फॉर्म 49A और 49AA को इतिहास बना दिया है। उनकी जगह अब 4 नए फॉर्म लॉन्च किए गए हैं:

Form 93: भारतीय नागरिकों के लिए।

Form 94: भारतीय कंपनियों और संस्थाओं के लिए।

Form 95: विदेशी नागरिकों के लिए।

Form 96: विदेशी कंपनियों और कॉर्पोरेट्स के लिए।

3. नाम में एक अक्षर की गलती से फॉर्म तुरंत होगा रिजेक्ट

पैन कार्ड के वेरिफिकेशन सिस्टम को अब पूरी तरह से ऑटोमैटिक और डिजिटल कर दिया गया है। पहले नाम की स्पेलिंग में छोटी-मोटी मानवीय भूल को नजरअंदाज कर दिया जाता था लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। आपके आवेदन में लिखा गया नाम, जेंडर और जन्मतिथि आपके आधार डेटाबेस से हूबहू (अक्षर-दर-अक्षर) मैच होनी चाहिए। यदि एक स्पेस या एक सिंगल लेटर का भी अंतर पाया गया तो कंप्यूटर आपका फॉर्म तुरंत रिजेक्ट कर देगा।

4. प्रॉपर्टी और गाड़ी खरीदने वालों के लिए बड़ी राहत

नए नियमों में मध्यम वर्ग के खरीदारों को कुछ मामलों में बड़ी राहत भी दी गई है। सबसे पहले आती है जमीन या मकान की खरीद-बिक्री में पैन कार्ड अनिवार्य करने की सीमा को ₹10 लाख से बढ़ाकर सीधे ₹20 लाख कर दिया गया है। दूसरा, अब ₹5 लाख से अधिक कीमत वाले वाहनों की खरीद पर ही पैन कार्ड देना होगा जिसमें अब दो-पहिया वाहन भी शामिल हैं। हालांकि ट्रैक्टर को इस दायरे से पूरी तरह बाहर रखा गया है। वहीं अगर कैश पेमेंट लिमिट की बात करें तो होटल, बैंक्वेट हॉल या इवेंट मैनेजर को नकद भुगतान (Cash Payment) करने की सीमा को ₹50,000 से बढ़ाकर अब ₹1 लाख कर दिया गया है।

5. कैश जमा करने के बदले नियम

जिन लोगों के पास पैन कार्ड नहीं होता था वे वित्तीय लेन-देन के लिए अब तक फॉर्म 60 (Form 60) भरते थे। आज से इसकी जगह नया Form 97 लागू कर दिया गया है। इसके अलावा दैनिक आधार पर बैंकों में ₹50,000 से अधिक जमा करने की पैन अनिवार्यता में बदलाव करते हुए अब सालाना ₹10 लाख से अधिक के कुल (Cumulative) कैश डिपॉजिट या विड्रॉल पर आयकर विभाग की कड़ी निगरानी रहेगी।


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