राष्ट्रीय गौरक्षा वाहिनी गौसेवा संघ ने रविन्द्र गुप्ता को उत्तराखंड का प्रदेश प्रभारी किया नियुक्त! गौसेवा, समाज सेवा और सामाजिक समरसता को मिलेगा नया विस्तार

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हल्द्वानी/देहरादून। राष्ट्रीय गौरक्षा वाहिनी गौसेवा संघ ने अपने संगठनात्मक विस्तार अभियान को गति देते हुए उत्तराखंड में संगठन को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। संगठन के राष्ट्रीय संरक्षक आदरणीय डॉ. इन्द्रेश कुमार, राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री संजीव सिंह सेंगर, स्वतंत्र प्रभारी श्रीमंत विक्रमादित्य सिंह जूदेव, राष्ट्रीय सलाहकार डॉ. सुभाष शर्मा तथा राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सहमति से सामाजिक कार्यकर्ता एवं गौसेवा के क्षेत्र में सक्रिय रविन्द्र गुप्ता (रवि) को उत्तराखंड प्रदेश का प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया गया है।
इस संबंध में संगठन द्वारा जारी मनोनयन पत्र के अनुसार रविन्द्र गुप्ता को संगठन हित, समाज सेवा, गौसेवा तथा गौरक्षा के कार्यों को गति प्रदान करने के उद्देश्य से एक वर्ष की अवधि के लिए यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। संगठन ने विश्वास व्यक्त किया है कि उनके नेतृत्व में उत्तराखंड में संगठन को नई ऊर्जा मिलेगी और गौसेवा से जुड़े कार्यों का व्यापक विस्तार होगा।
संगठन विस्तार अभियान को मिलेगी मजबूती
राष्ट्रीय गौरक्षा वाहिनी गौसेवा संघ देशभर में गौसंरक्षण, गौसेवा, पर्यावरण संरक्षण, समाज सेवा और राष्ट्रीय एकता के लिए कार्य कर रहा है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री संजीव सिंह सेंगर ने कहा कि उत्तराखंड धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से देश का महत्वपूर्ण प्रदेश है। यहां गौसेवा की समृद्ध परंपरा रही है। ऐसे में संगठन का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक जिले, तहसील और ग्राम स्तर तक अपनी पहुंच बढ़ाकर गौसंरक्षण के लिए जनजागरण अभियान को और अधिक प्रभावी बनाना है।
उन्होंने कहा कि संगठन केवल गौवंश की रक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के सभी वर्गों को जोड़कर राष्ट्रहित के कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए भी प्रतिबद्ध है। इसी सोच के अनुरूप उत्तराखंड में संगठन के विस्तार और जनसंपर्क अभियान को मजबूत करने के लिए रविन्द्र गुप्ता को प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
राष्ट्रीय संरक्षक डॉ. इन्द्रेश कुमार की प्रेरणा
राष्ट्रीय गौरक्षा वाहिनी गौसेवा संघ के राष्ट्रीय संरक्षक डॉ. इन्द्रेश कुमार लंबे समय से सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक जागरण के लिए कार्य करते रहे हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य तथा 1970 से पूर्णकालिक प्रचारक रहे डॉ. इन्द्रेश कुमार ने समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने का कार्य किया है।
संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि डॉ. इन्द्रेश कुमार की प्रेरणा से संगठन ने सदैव सर्वसमाज को साथ लेकर चलने की नीति अपनाई है। उन्होंने अनेक मंचों पर यह संदेश दिया है कि राष्ट्र निर्माण में समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता आवश्यक है। यही कारण है कि संगठन सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
अल्पसंख्यक समाज को भी जोड़ने का प्रयास
राष्ट्रीय गौरक्षा वाहिनी गौसेवा संघ की विशेषताओं में से एक इसकी समावेशी कार्यशैली भी है। संगठन द्वारा अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ का गठन किया गया है, जिसके माध्यम से मुस्लिम समाज सहित विभिन्न समुदायों के लोगों को समाज सेवा और राष्ट्रहित के कार्यों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
संगठन का मानना है कि गौसेवा और पशु संरक्षण का विषय किसी एक वर्ग या समुदाय तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों से जुड़ा विषय है। इसी सोच के साथ संगठन विभिन्न समुदायों के बीच संवाद और सहयोग की भावना विकसित करने का कार्य कर रहा है।
गौ तस्करी के खिलाफ सख्त रुख
राष्ट्रीय गौरक्षा वाहिनी गौसेवा संघ ने गौ तस्करी और गौवंश के प्रति होने वाले अत्याचारों के विरुद्ध सख्त रुख अपनाने की बात कही है। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि गौ तस्करी एक गंभीर सामाजिक और कानूनी विषय है, जिसके खिलाफ समाज और प्रशासन को मिलकर कार्य करना चाहिए।
संगठन का स्पष्ट मत है कि यदि कोई व्यक्ति गौ तस्करी या गौवंश के प्रति क्रूरता में शामिल पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की जाएगी। इस विषय में किसी भी व्यक्ति के साथ धर्म, जाति या समुदाय के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा। संगठन कानून के दायरे में रहकर जागरूकता और सहयोग के माध्यम से गौसंरक्षण के कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
रविन्द्र गुप्ता ने जताया आभार
उत्तराखंड प्रदेश प्रभारी नियुक्त किए जाने पर रविन्द्र गुप्ता (रवि) ने संगठन के शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह नियुक्ति उनके लिए सम्मान के साथ-साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। संगठन के राष्ट्रीय नेतृत्व ने जिस विश्वास के साथ उन्हें यह दायित्व सौंपा है, वे उस विश्वास पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे।
उन्होंने कहा कि गौसेवा भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है और समाज सेवा मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। संगठन के माध्यम से दोनों क्षेत्रों में प्रभावी कार्य करने का अवसर मिलना उनके लिए गर्व का विषय है।
उत्तराखंड में बनेगी मजबूत टीम
रविन्द्र गुप्ता ने कहा कि उनकी प्राथमिकता उत्तराखंड में संगठन का मजबूत ढांचा तैयार करना होगा। इसके लिए जिला, तहसील और ब्लॉक स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं की टीम बनाई जाएगी। संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों और स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय स्थापित कर संगठनात्मक गतिविधियों को गति दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, गौभक्तों तथा विभिन्न वर्गों के जागरूक नागरिकों को संगठन से जोड़ने के लिए अभियान चलाया जाएगा। समाज के सहयोग से उत्तराखंड में गौसेवा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा।
गौशालाओं के विकास पर रहेगा विशेष ध्यान
प्रदेश प्रभारी ने कहा कि उत्तराखंड में गौशालाओं की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए संगठन प्रयास करेगा। निराश्रित गौवंश की देखभाल, चारे और पानी की व्यवस्था, पशु चिकित्सा शिविरों का आयोजन तथा गौशालाओं के विकास के लिए सामाजिक सहयोग जुटाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि गौवंश केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं है बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक खेती और पर्यावरण संरक्षण से भी जुड़ा हुआ है। इसलिए गौसंरक्षण के प्रयासों को व्यापक सामाजिक अभियान का स्वरूप दिया जाएगा।
समाज सेवा के कार्यक्रमों को भी मिलेगी गति
रविन्द्र गुप्ता ने कहा कि संगठन केवल गौसेवा तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि समाज सेवा के विभिन्न क्षेत्रों में भी सक्रिय भूमिका निभाएगा। रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य जांच शिविर, गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों की सहायता, आपदा राहत कार्य, शिक्षा जागरूकता अभियान तथा पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड प्राकृतिक आपदाओं की दृष्टि से संवेदनशील प्रदेश है। ऐसे समय में सामाजिक संगठनों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। संगठन आपदा के समय राहत और सहायता कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी निभाने का प्रयास करेगा।
सर्वसमाज को साथ लेकर चलने की प्रतिबद्धता
नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी ने कहा कि संगठन का उद्देश्य समाज को जोड़ना है, तोड़ना नहीं। इसलिए सभी धर्मों, जातियों और समुदायों के लोगों को साथ लेकर कार्य किया जाएगा। जो भी व्यक्ति राष्ट्रहित, समाजहित और गौसेवा के कार्यों में सहयोग करना चाहता है, संगठन उसका स्वागत करेगा।
उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता ही भारत की सबसे बड़ी शक्ति है। इसी भावना के साथ संगठन उत्तराखंड में जनजागरण और सेवा कार्यों को आगे बढ़ाएगा।
प्रशासनिक अधिकारियों को भेजी गई प्रतिलिपि
संगठन द्वारा जारी मनोनयन पत्र की प्रतिलिपि संबंधित जिलों के जिला मजिस्ट्रेट, मुख्य विकास अधिकारी, पुलिस अधीक्षक और पशुधन अधिकारियों को भी आवश्यक सूचना एवं कार्यवाही हेतु प्रेषित किए जाने की जानकारी दी गई है। संगठन ने अपने नवमनोनीत पदाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे स्थानीय प्रशासन और विभागीय अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर समाज हित के कार्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाएं।
संगठन का राष्ट्रीय विस्तार जारी
राष्ट्रीय गौरक्षा वाहिनी गौसेवा संघ वर्तमान में देश के विभिन्न राज्यों में संगठनात्मक विस्तार अभियान चला रहा है। संगठन का उद्देश्य प्रत्येक राज्य में सक्रिय इकाइयों का गठन कर गौसेवा, समाज सेवा और जनजागरण कार्यक्रमों को प्रभावी बनाना है।
संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि वर्तमान समय में समाज को सकारात्मक दिशा देने, युवाओं को सेवा कार्यों से जोड़ने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य के साथ संगठन विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रहा है।
भविष्य की योजनाएं
उत्तराखंड में संगठन द्वारा आने वाले समय में सदस्यता अभियान, गौसेवा जागरूकता कार्यक्रम, वृक्षारोपण अभियान, चिकित्सा शिविर, रक्तदान शिविर, युवा सम्मेलन और सामाजिक समरसता कार्यक्रम आयोजित किए जाने की योजना है। संगठन का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक लोगों को सेवा कार्यों से जोड़ा जाए और समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाया जाए।
रविन्द्र गुप्ता ने कहा कि वे संगठन के राष्ट्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन में उत्तराखंड में एक मजबूत, सक्रिय और जनहितैषी संगठन का निर्माण करेंगे। उन्होंने प्रदेशवासियों से भी आह्वान किया कि वे गौसेवा, समाज सेवा और राष्ट्र सेवा के इस अभियान में सहभागी बनें तथा समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों की सहायता के लिए आगे आएं।
उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही एक सशक्त, समरस और जागरूक समाज का निर्माण संभव है। गौसेवा, समाज सेवा और राष्ट्रीय एकता के उद्देश्यों को लेकर संगठन आगे भी निरंतर कार्य करता रहेगा।


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