पॉलीहाउस योजना में कथित घोटाले की जांच शुरू, शिवसेना नेता की शिकायत पर शासन ने मांगी विभागीय रिपोर्ट

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देहरादून/रानीखेत। नाबार्ड पोषित पॉलीहाउस योजना में कथित अनियमितताओं और करोड़ों रुपये के घोटाले के आरोपों को लेकर उत्तराखंड शासन ने गंभीरता दिखाते हुए उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग से तत्काल विभागीय आख्या तलब की है।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड।


प्राप्त जानकारी के अनुसार शिवसेना के कुमाऊं मंडल प्रमुख पूरन चन्द्र भट्ट द्वारा दिनांक 21 अप्रैल 2026 को शासन को विस्तृत शिकायत भेजी गई थी। शिकायत में नाबार्ड पोषित पॉलीहाउस योजना में वित्तीय अनियमितताओं और किसानों के हितों की अनदेखी के आरोप लगाए गए थे। शासन द्वारा शिकायत के समर्थन में शपथपत्र एवं साक्ष्य मांगे जाने के बाद शिकायतकर्ता ने 30 मई 2026 को आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए।
इसके बाद कृषि एवं कृषक कल्याण अनुभाग-4 के संयुक्त सचिव अर्पण कुमार राजू ने 1 जून 2026 को उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के निदेशक को पत्र जारी कर शिकायत में लगाए गए आरोपों पर स्पष्ट विभागीय आख्या तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
शिकायतकर्ता पूरन चन्द्र भट्ट का कहना है कि उन्होंने किसानों के साथ मिलकर 2 अप्रैल 2026 को उद्यान विभाग मुख्यालय का घेराव भी किया था। उनका आरोप है कि विभाग का निदेशालय चौबटिया में होने के बावजूद वहां विभाग के वरिष्ठ अधिकारी नियमित रूप से नहीं बैठते हैं। इस संबंध में उनके पास वीडियो साक्ष्य भी मौजूद होने का दावा किया गया है।
शिवसेना ने इसे किसानों के अधिकारों की लड़ाई बताते हुए कहा है कि यदि योजना में किसी प्रकार की गड़बड़ी पाई जाती है तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं शासन द्वारा विभाग से रिपोर्ट मांगे जाने के बाद मामले की जांच को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
अब सभी की निगाहें उद्यान विभाग की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिसके आधार पर शासन आगे की कार्रवाई तय करेगा।


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