राज्यसभा की 26 सीटों पर हुए चुनाव के बाद सत्ताधारी एनडीए की ताकत उच्च सदन में और बढ़ गई है. चुनाव में कुल 19 सीटें एनडीए ने जीती हैं और इसके साथ ही उसका आंकड़ा 150 तक पहुंच गया है और अब वह दो तिहाई बहुत से महज 13 सीटें ही दूर है.

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इस तरह पहली बार एनडीए धीरे-धीरे दो तिहाई बहुमत की तरफ राज्यसभा में बढ़ रहा है. 150 सीटों का आंकड़ा भी उसने पहली बार ही हासिल किया है. हाल में हुए चुनावों में 19 सीटें एनडीए को मिली हैं तो वहीं कांग्रेस की लीडरशिप वाले INDIA अलायंस के खाते में 6 सीटें गई हैं. एक सीट मिजोरम की पार्टी जोरम पीपल्स मूवमेंट को मिली है.

संसद के उच्च सदन में कुल 245 सीटें हैं और दो तिहाई बहुमत का आंकड़ा 163 है. इस तरह भाजपा की लीडरशिप वाला एनडीए सिर्फ 13 सीटें ही दूर है. इन चुनावों से पहले एनडीए के पास 148 सांसद ही थे, लेकिन नतीजा आने के बाद आंकड़े में दो का इजाफा हो गया. एक सीट तो भाजपा समर्थित परिमल नाथवानी ने झारखंड में जीत ली. सूबे के विधायकों में क्रॉस वोटिंग हो गई, जिसके चलते नाथवानी को जीत मिल गई. इस नतीजे के बाद विपक्षी INDIA अलायंस में विवाद भी तेज हो गया है. कांग्रेस का कहना है कि उसके कैंडिडेट प्रणव झा को आरजेडी और सीपीआई-एमएल के 6 विधायकों का वोट नहीं मिल सका। इसी के चलते उसकी हार हुई.

वहीं आरजेडी और सीपीआई-एमएल का कहना है कि कांग्रेस खुद के अंदर झांक कर देखे. झारखंड में INDIA अलायंस दोनों राज्यसभा सीटों पर जीत तय मान कर चल रहा था, लेकिन नतीजों ने रणनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं. इसके अलावा अति आत्मविश्वास को लेकर भी बात की जा रही है. इस चुनाव ने एक और बदलाव यह किया है कि पहली बार मिजोरम की क्षेत्रीय पार्टी को राज्यसभा में मौका मिला है.

जोरम पीपल्स मूवमेंट के कैंडिडेट के. लाल्टलुआंगकिमा को उच्च सदन में भेजा गया है। 11 जून को ही 24 सीटों का परिणाम आ गया था. यहां चुनाव नहीं हुआ था और सर्वसम्मति से 24 सांसद चुने गए थे. इनमें से 19 पर एनडीए को जीत मिली थी और 5 पर विपक्ष जीता.हमें WhatsApp पर फॉलो करें


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