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रुद्रपुर। उत्तराखंड में हाईकोर्ट के स्थायी स्थान को लेकर चल रही बहस के बीच उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद ने एक नई और दूरदर्शी परिकल्पना सामने रखी है। परिषद का कहना है कि यदि भविष्य की आवश्यकताओं, न्यायिक व्यवस्था के विस्तार, आधुनिक आधारभूत सुविधाओं और राज्य के संतुलित विकास को ध्यान में रखा जाए तो हाईकोर्ट के लिए सबसे उपयुक्त स्थान पंतनगर अथवा उसके निकट प्रयाग फार्म क्षेत्र हो सकता है।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
परिषद के राज्य आंदोलनकारीयो का मत है कि नैनीताल अपनी प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक पहचान के कारण विशेष महत्व रखता है, जबकि देहरादून राज्य की राजधानी होने के कारण प्रशासनिक दृष्टि से मजबूत विकल्प माना जाता है। इसके बावजूद आने वाले कई दशकों की जरूरतों को देखते हुए एक ऐसे विशाल न्यायिक परिसर की आवश्यकता है, जहां विस्तार की असीम संभावनाएं उपलब्ध हों और आधुनिक सुविधाओं के साथ विश्वस्तरीय न्यायिक संस्थान विकसित किया जा सके।
परिषद ने सुझाव दिया है कि पंतनगर अथवा प्रयाग फार्म क्षेत्र में लगभग 500 एकड़ भूमि पर एक भव्य हाईकोर्ट परिसर विकसित किया जाए। इस परिसर में केवल न्यायालय भवन ही नहीं, बल्कि न्यायाधीशों के लिए अत्याधुनिक आवासीय कॉलोनी, अधिवक्ताओं के लिए सुव्यवस्थित चैंबर, विशाल पुस्तकालय, डिजिटल रिकॉर्ड सेंटर, आधुनिक कॉन्फ्रेंस हॉल, शोध संस्थान, प्रशिक्षण केंद्र तथा कर्मचारियों के लिए आवासीय व्यवस्था भी विकसित की जाए।
प्रस्ताव में कहा गया है कि परिसर के भीतर अंतरराष्ट्रीय स्तर का जिम, खेल मैदान, योग एवं ध्यान केंद्र, सांस्कृतिक सभागार, बच्चों के लिए पार्क, हरित उद्यान और पर्यावरण संरक्षण को समर्पित विशेष क्षेत्र भी बनाए जाएं। न्यायालय परिसर ऐसा हो, जहां आने वाला प्रत्येक व्यक्ति उत्तराखंड की संस्कृति, प्रकृति और आधुनिक विकास का अद्भुत संगम अनुभव कर सके।
परिषद का मानना है कि राष्ट्रपति भवन की तर्ज पर विशाल पुष्प वाटिकाएं, आकर्षक लैंडस्केपिंग, जल संरक्षण प्रणाली, सौर ऊर्जा आधारित विद्युत व्यवस्था और अत्याधुनिक सुरक्षा तंत्र इस परिसर की विशेष पहचान बन सकते हैं। न्यायालय परिसर आम नागरिकों के लिए भी प्रेरणास्थल बने, जहां निर्धारित समय में लोग सुंदर उद्यानों और सार्वजनिक क्षेत्रों का भ्रमण कर सकें। इससे यह परिसर केवल न्याय का केंद्र ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड की आधुनिक पहचान का प्रतीक भी बनेगा।
उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद का कहना है कि पंतनगर भौगोलिक दृष्टि से राज्य के मैदानी और पर्वतीय क्षेत्रों के बीच एक महत्वपूर्ण संपर्क बिंदु है। यहां सड़क, रेल और हवाई सेवाएं लगातार विकसित हो रही हैं। पंतनगर हवाई अड्डे से राज्य के विभिन्न जिलों के लिए हवाई सेवाओं के विस्तार की संभावनाएं हैं, जबकि रेल और राष्ट्रीय राजमार्ग के माध्यम से भी यहां पहुंचना अपेक्षाकृत सरल है। भविष्य में हेलीकॉप्टर सेवाओं का और अधिक विस्तार होने पर दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों से भी न्यायालय तक पहुंच सुगम हो सकेगी।
परिषद ने यह भी कहा कि यदि हाईकोर्ट का निर्माण पर्याप्त भूमि पर एक ही चरण में किया जाता है, तो भविष्य में जजों की संख्या बढ़ने, नई बेंच बनने या न्यायिक सेवाओं के विस्तार के लिए भूमि की कमी जैसी समस्या उत्पन्न नहीं होगी। आने वाले पचास से सौ वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अभी से दीर्घकालिक योजना बनाना राज्यहित में होगा।
आंदोलनकारियों का कहना है कि उत्तराखंड राज्य का गठन दूरदर्शी विकास की सोच के साथ हुआ था। इसलिए न्यायपालिका जैसी सर्वोच्च संवैधानिक संस्था के लिए भी ऐसी योजना बनाई जानी चाहिए जो आने वाली पीढ़ियों के लिए आदर्श उदाहरण बने। उनका मानना है कि एक आधुनिक, हरित, तकनीक आधारित और विशाल हाईकोर्ट परिसर उत्तराखंड को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिला सकता है।
परिषद ने राज्य सरकार, उत्तराखंड हाईकोर्ट, भारत सरकार तथा सभी जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया है कि हाईकोर्ट के भविष्य को लेकर व्यापक विमर्श किया जाए और केवल वर्तमान परिस्थितियों के आधार पर निर्णय लेने के बजाय अगले कई दशकों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर स्थायी समाधान खोजा जाए।
परिषद के अनुसार पंतनगर में विकसित होने वाला ऐसा न्यायिक परिसर केवल एक अदालत का भवन नहीं होगा, बल्कि न्याय, पर्यावरण, आधुनिक वास्तुकला और उत्तराखंड की सांस्कृतिक गरिमा का प्रतीक बनेगा। यह परिसर देश-विदेश से आने वाले लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकता है तथा उत्तराखंड की प्रतिष्ठा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद ने स्पष्ट किया कि यह प्रस्ताव राज्य के समग्र विकास, न्याय तक आसान पहुंच और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर रखा गया एक रचनात्मक सुझाव है। परिषद ने सभी सामाजिक संगठनों, अधिवक्ताओं, जनप्रतिनिधियों और प्रदेशवासियों से इस विषय पर सकारात्मक संवाद करने तथा उत्तराखंड के दीर्घकालिक हित में व्यापक सहमति बनाने की अपील की है।
उधम सिंह नगर की जनता की आवाज: हाईकोर्ट हो पंतनगर में।
रुद्रपुर। उधम सिंह नगर की जनता ने मांग उठाई है कि उत्तराखंड हाईकोर्ट का स्थायी परिसर पंतनगर में बनाया जाए। विशाल भूमि, हवाई, रेल और सड़क संपर्क, भविष्य के विस्तार की पर्याप्त संभावनाओं तथा आधुनिक सुविधाओं के साथ पंतनगर न्यायपालिका का आदर्श केंद्र बन सकता है। इससे पूरे प्रदेश को सुलभ, तेज और आधुनिक न्याय व्यवस्था का लाभ मिलेगा।
