इन्हें जेन ज़ी (Gen Z) कहा जा रहा है। हालांकि दिल्ली पुलिस जिस तरह से यहां तमाम गतिविधियों को अंजाम दे रही है उसे लेकर भी विवाद है। सीजेपी का आरोप है कि संसद मार्च को कुचलने के लिए पुलिस ने पूरी तैयारी कर रखी है। मौके पर सीसीटीवी बंद कर दिए गए हैं। पत्थरों से भरे ट्रक वहां खड़े किए गए हैं। सीजेपी का सवाल है कि यह सब क्यों हो रहा है।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
संसद मार्च शुरू, लाठी चार्ज
सीजेपी का संसद मार्च शुरू हो चुका है। पुलिस ने भीड़ पर लाठी चार्ज किया है। सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि सरकार ने हम लोगों से देर से बातचीत शुरू की। हम अपने मार्च को कैसे रोक सकते हैं। दिल्ली पुलिस के अधिकारी अभी भी सीजेपी नेताओं से बात कर रहे हैं। दिल्ली पुलिस चाहती है कि कुछ कदम जाकर मार्च को रोक दिया जाए। फिलहाल सीजेपी नेता पुलिस की मांग मानने को तैयार नहीं हैं। दिल्ली पुलिस का कहना है कि मौके पर 8000 प्रदर्शनकारी हैं। जबकि पुलिस के 5000 जवान इन्हें रोकने को तैयार है। वॉटर कैनन और आंसू गैस के गोले का पूरा इंतज़ाम है।
पुलिस का दावा- हिंसा की कोई घटना नहीं हुईपुलिस ने सोमवार को कहा कि विरोध स्थल पर हिंसा की कोई छिटपुट घटना नहीं हुई है और स्थिति को पेशेवर तरीके से संभाला जा रहा है। “मीडिया के कुछ हिस्सों में जंतर-मंतर पर दिल्ली पुलिस द्वारा हिंसा या लोगों को हिरासत में लेने की छिटपुट घटनाओं का ज़िक्र किया गया है। यह सूचित किया जाता है कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई है और विरोध प्रदर्शन को पेशेवर तरीके से संभाला जा रहा है। सभी से अनुरोध है कि वे किसी भी अफ़वाह या गलतफहमी पर विश्वास न करें और शांति व कानून-व्यवस्था बनाए रखने में दिल्ली पुलिस का सहयोग करें।”
AAP के कई नेता जंतर मंतर पर
आम आदमी पार्टी की नेता और पूर्व सीएम आतिशी, संजय सिंह और मनीष सिसोदिया सोमवार को CJP के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। सिसोदिया ने रविवार को सभी से सक्रिय रूप से शामिल होने की अपील की थी और कहा था कि देश के युवा NEET पेपर लीक के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करने के लिए एकजुट हुए हैं।
सीजेपी प्रवक्ता ने कहा- पुलिस से तालमेल किया जा रहा है
विरोध मार्च से पहले, डिप्टी कमिश्नर ऑफ़ पुलिस (नई दिल्ली) सचिन शर्मा ने CJP के सदस्यों और प्रवक्ताओं से बात की। CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने सोमवार को कहा कि विरोध मार्च से पहले पुलिस के साथ तालमेल बिठाने का काम चल रहा है। रांका ने पहले कहा था कि विरोध प्रदर्शन सुबह 9 बजे होना था। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से “अपनी जगह पर बने रहने और शांति बनाए रखने” की अपील की और कहा कि मार्च के बारे में जानकारी जल्द ही दी जाएगी। उन्होंने कहा, “आप सभी से मेरी गुज़ारिश है कि अपनी जगह पर बने रहें और शांति बनाए रखें। हमारी क्षमता पहले ही पूरी हो चुकी है।”
चंद्रशेखर और प्रकाश राज जंतर मंतर पहुंचेआज़ाद समाज पार्टी के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आज़ाद CJP के विरोध मार्च से पहले जंतर-मंतर पहुँचे। अभिनेता प्रकाश राज भी विरोध प्रदर्शन वाली जगह पर मौजूद हैं। लोकसभा सांसद और आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख चंद्रशेखर आज़ाद ने सोमवार को कहा कि वह युवाओं की “आवाज़” बनने के लिए जंतर-मंतर पर आए हैं। आज़ाद ने मीडिया से कहा, “एक भारतीय युवा होने के नाते, मैं युवाओं का दर्द समझता हूँ। मैं उनकी आवाज़ बनने और उनके साथ खड़े होने के लिए यहाँ आया हूँ। उनके साथ अन्याय हो रहा है। सरकार ऐसा होने दे रही है…” उन्होंने आगे कहा कि सरकार अपना ‘धर्म’ निभा रही है और पुलिस अपना।
जंतर मंतर सील, पुलिस अधिकारी सीजेपी नेताओं से मिले
दिल्ली पुलिस ने जंतर मंतर को पूरी तरह सील कर दिया है। अब किसी को भी संसद की तरफ जाने की इजाज़त नहीं है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सोमवार को कहा कि विरोध मार्च योजना के अनुसार ही होगा और वे सभी प्रवक्ताओं और सदस्यों से बातचीत कर रहे हैं।
एक चर्चा के दौरान, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने संगठन के सदस्यों को बताया कि भीड़ बहुत बड़ी है और इससे कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा हो सकती है। इस पर CJP के प्रवक्ताओं ने कहा कि वे एक “अहिंसक” मार्च का नेतृत्व कर रहे हैं। बैठक इस बात पर खत्म हुई कि प्रवक्ता पुलिस अधिकारियों को बताएंगे कि वे आगे की योजनाओं पर CJP संयोजक अभिजीत दिपके के साथ चर्चा करेंगे।
सरकार ने सीजेपी से संपर्क साधा
सीजेपी प्रवक्ता ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से सीजेपी का संसद मार्च रोकने के लिए संपर्क किया गया है। सीजेपी ने यह साफ नहीं किया है कि सरकार के संपर्क करने पर उनका रुख क्या है। दिल्ली पुलिस ने ऐसे किसी घटनाक्रम से अनभिज्ञता जताई है। दिल्ली पुलिस के पांच हज़ार जवान संसद मार्च रोकने को तैयार हैं। पानी की बौछार करने वाला वाहन मौके पर है।
सिर्फ 3 नारे लगाने को कहा गया
CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने सोमवार सुबह विरोध मार्च से पहले प्रदर्शनकारियों से बात की। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से सिर्फ़ तीन नारे लगाने का आग्रह किया: ‘भारत माता की जय’, ‘धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफ़ा दो’ और ‘इंकलाब ज़िंदाबाद’। ऐसा पिछले अनुभवों के आधार पर किया गया। जेएनयू में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने गलत नारे लगाने की कोशिश की थी। कुछ बदनाम टीवी ऐंकरों ने जेएनयू छात्रों के आंदोलन को पाकिस्तान समर्थक बताकर उन्हें और उनके छात्र नेताओं को बदनाम किया। ऐसे टीवी ऐंकर आज भी अपनी उस हरकत पर शर्मिंदा नहीं हैं।
सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा जबरन अस्पताल ले जाए जाने के बाद जंतर-मंतर पर भीड़ लगातार बढ़ती गई। CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास ने दावा किया कि 20,000 से अधिक लोग जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में एकत्र हुए। CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने समर्थकों से रात भर जंतर-मंतर पर ही रहने की अपील की ताकि संसद मार्च को शांतिपूर्ण ढंग से पूरा किया जा सके।
अभिजीत दिपके के आरोप
प्रदर्शन स्थल के आसपास पत्थरों से लदे ट्रक के खड़े होने को लेकर सोशल मीडिया और प्रदर्शनकारियों के बीच गंभीर चिंताएं जताई गईं।
- आरोप: CJP संस्थापक अभिजीत दीपके और आयोजकों ने अंदेशा जताया कि प्रदर्शन स्थल के पास पत्थरों से भरे ट्रक का मौजूद होना किसी असामाजिक तत्व या साजिश का हिस्सा हो सकता है, जिससे शांतिपूर्ण प्रदर्शन को बदनाम करने या उकसाने का प्रयास किया जाए।
- प्रशासनिक रुख: दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी प्रकार की हिंसा को रोकना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पुलिस अधिकारियों ने स्थिति पर कड़ी नजर बनाए रखी है और असामाजिक तत्वों की घुसपैठ को रोकने के लिए एहतियाती कदम उठाए हैं। पुलिस द्वारा शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है।
दिल्ली पुलिस की सख्त सुरक्षा और धारा 163दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, केवल जंतर-मंतर के निश्चित क्षेत्र में ही शांतिपूर्ण सभा की अनुमति है। संसद भवन की ओर किसी भी प्रकार के जुलूस या मार्च की अनुमति नहीं दी गई है। पुलिस ने रायट गन्स (दंगा रोधी उपकरणों) और बैरिकेडिंग के साथ भारी बल तैनात किया है।
- सौरव दास का आरोपः सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता और पत्रकार सौरव दास ने एक्स पर जानकारी दी है कि दिल्ली पुलिस न सिर्फ़ बैरिकेड हटा रही है, बल्कि मेटल डिटेक्टर भी हटा रही है और CCTV कैमरे भी बंद कर दिए हैं! जवानों को भी वापस बुलाया जा रहा है! आख़िर क्या योजना बनाई जा रही है?
अनशन खत्म करने के लिए सोनम वांगचुक की तीन शर्तें
अस्पताल के बिस्तर से लिखे एक और नोट में, सोनम वांगचुक ने उन तीन स्थितियों के बारे में बताया है जिनमें वे अपनी लंबी भूख हड़ताल खत्म करने को तैयार हैं। एक्टिविस्ट का कहना है कि अगर केंद्र सरकार शिक्षा व्यवस्था में हालिया नाकामियों, खासकर कथित तौर पर परीक्षा के पेपर लीक होने के मामले में “ज़िम्मेदारी लेती है”, तो वे अपना अनशन खत्म कर देंगे। अगर ऐसा नहीं होता है, तो उनका कहना है कि उन्हें और ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के नेताओं को संसद तक जाने की इजाज़त मिलनी चाहिए, ताकि वे अपनी मांगें सीधे सांसदों और अलग-अलग पार्टियों के नेताओं के सामने रख सकें।
- उन्होंने अपने समर्थकों को भेजे संदेश में कहा, “अगर मैं और CJP के नेता संसद के दरवाज़े तक पहुँचते हैं और वहाँ माननीय सांसद और अलग-अलग पार्टियों के नेता हमें भरोसा दिलाते हैं कि वे अब संसद में यह मुद्दा उठाएंगे…”
- तीसरी स्थिति के बारे में बताते हुए, जिसमें वे अपना अनशन तोड़ने पर विचार करेंगे, वांगचुक ने लिखा, “अगर मेरी सेहत या कोई और वजह इसकी इजाज़त नहीं देती है, तो माननीय सांसद और अलग-अलग पार्टियों के नेता इस अस्पताल में आकर ऊपर बताया गया भरोसा दिलाएं।”
- यह नोट सोमवार, 20 जुलाई को 59 वर्षीय वांगचुक के X हैंडल पर पोस्ट किया गया था; इसी दिन CJP का संसद तक मार्च करने का प्लान था। उन्होंने कहा कि अगर इन तीन मांगों में से कोई भी पूरी हो जाती है, तो वे उसी दिन अपना अनिश्चितकालीन अनशन खत्म कर देंगे।
जंतर-मंतर से संसद भवन तक की दूरी 1.5 किलोमीटर है लेकिन यह मार्च पूरे दिन चल सकता है। पिछली बार महिला पहलवानों ने संसद मार्च करना चाहा था। दिल्ली पुलिस ने उन्हें जमकर पीटा। उसकी वायरल तस्वीरों से पूरी दुनिया हैरान रह गई थी। इस बार भी दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली जिले में बीएनएसएस (BNSS) की धारा 163 लागू कर प्रदर्शन मार्च पर रोक लगाई है। इस आंदोलन को कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी, टीएमसी, शिवसेना यूबीटी का समर्थन प्राप्त है। आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद, टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा, अभिनेता प्रकाश राज, शबाना आजमी व स्वरा भास्कर, अरविन्द केजरीवाल, पवन खेड़ा समेत कई हस्तियों ने जंतर-मंतर पहुंचकर आंदोलन का समर्थन किया। अनशन पर बैठे एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद सफदरजंग अस्पताल में शिफ्ट किया गया, जिसके बाद CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया।
