गैंगरेप के तीन आरोपी पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार, एक के पैर में लगी गोली

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पहाड़ की बेटी के साथ गैंगरेप,तीन नरपिशाचों ने मिलकर एक 19 साल की मासूम लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार।
रुद्रपुर। उधम सिंह नगर पुलिस ने गैंगरेप प्रकरण में फरार चल रहे तीन आरोपियों को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ के दौरान पुलिस पर जानलेवा फायरिंग करने वाले आरोपी गुरबाज उर्फ मानु के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड


पुलिस के अनुसार, रुद्रपुर क्षेत्र में दर्ज गैंगरेप मामले के आरोपियों की तलाश के दौरान बगवाड़ा चौकी क्षेत्र में पुलिस और बदमाशों का आमना-सामना हुआ। इस दौरान आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गुरबाज उर्फ मानु घायल हो गया, जबकि उसके दो अन्य साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से अवैध तमंचे और जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। घटना के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति स्वयं जिला अस्पताल पहुंचे और घायल आरोपी से मामले में गहन पूछताछ की।
पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई

उधम सिंह नगर पुलिस ने गैंगरेप जैसे जघन्य अपराध के आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी और पुलिस मुठभेड़ के माध्यम से कानून के प्रति अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता का प्रभावी परिचय दिया है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के “अपराध मुक्त देवभूमि” के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए एसएसपी अजय गणपति के नेतृत्व में की गई यह कार्रवाई उत्तराखंड राज्य की मूल भावना—न्याय, सुरक्षा और जनविश्वास—के अनुरूप दिखाई देती है। अपराधियों द्वारा पुलिस पर जानलेवा फायरिंग के बावजूद पुलिस ने साहस, संयम और पेशेवर दक्षता का परिचय देते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई स्पष्ट संदेश देती है कि महिलाओं की अस्मिता से खिलवाड़ करने वालों और कानून को चुनौती देने वालों के लिए उत्तराखंड में कोई स्थान नहीं है। उधम सिंह नगर पुलिस की यह तत्परता आमजन में सुरक्षा की भावना को मजबूत करने के साथ-साथ अपराधियों के मन में कानून का भय भी स्थापित करती है। ऐसी प्रभावी कार्रवाई निश्चित रूप से देवभूमि की गरिमा और जनता के विश्वास को और सुदृढ़ करेगी।

गैंगरेप केस-चलते हाईवे पर भी नहीं मिल सका युवती को कोई मददगार

रुद्रपुर। शनिवार रात हुई सामूहिक दुष्कर्म की वारदात ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि तीन युवक एक 19 वर्षीय युवती को जबरन बाइक पर बैठाकर भूरारानी रोड से गदरपुर की ओर ले गए। हैरानी की बात यह रही कि आरोपी युवती को मुख्य सड़क और हाईवे से कई किलो मीटर तक अपने साथ ले जाते रहे, लेकिन कोई भी उसकी मदद के लिए आगे नहीं आया

इसके बाद आरोपी युवती को हाईवे के पास ही जंगल में ले गए, जहां उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म करने के बाद रविवार सुबह ओमेक्स रेलवे अंडरपास के पास झाड़ियों में फेंककर फरार हो गए। पुलिस के अनुसार, मूल रूप से उत्तराखण्ड के ही गढ़वाल निवासी युवती रुद्रपुर में किराये पर रहकर सिडकुल की एक कंपनी में नौकरी करती है। शनिवार रात वह अपनी सहेली और दो युवकों के साथ भूरारानी रोड क्षेत्र में गई थी। इसी दौरान बाइक सवार तीन युवकों ने उन्हें रोक लिया। आरोप है कि तीनों ने जबरन दोनों युवकों और दोनों युवतियों को अपनी बाइक पर बैठा लिया। रास्ते में एक युवक और एक युवती चलती बाइक से कूदकर किसी तरह जान बचाने में सफल रहे, जबकि दूसरी युवती को आरोपी अपने साथ ले गए।

पीड़िता का आरोप है कि आरोपियों ने उसे गदरपुर क्षेत्र के जंगल में ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म किया। वारदात के बाद रविवार सुबह उसे बदहवास हालत में ओमेक्स रेलवे अंडरपास के पास झाड़ियों में छोड़कर फरार हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस ने युवती को बरामद कर मेडिकल परीक्षण कराया और उसके बयान दर्ज किए। घटना की गंभीरता को देखते हुए रविवार को फॉरेंसिक टीम और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। टीम ने वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और आवश्यक नमूने एकत्र किए।

वहीं पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और घटना के समय क्षेत्र में सक्रिय मोबाइल नंबरों का भी तकनीकी विश्लेषण कराया जा रहा है। पुलिस पीड़िता और संदिग्धों की मोबाइल लोकेशन के साथ-साथ उस समय घटनास्थल के आसपास सक्रिय अन्य मोबाइल नंबरों का डेटा भी खंगाल रही है। जांच अधिकारियों का मानना है कि मोबाइल लोकेशन और तकनीकी साक्ष्य आरोपियों तक पहुंचने में अहम कड़ी साबित हो सकते हैं। सीओ रुद्रपुर विश्वजीत सैनी ने बताया कि तीन आरोपियों के खिलाफ अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया जा रहा है।


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