उत्तराखंड में मानसूनी बारिश अब लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बनती जा रही है. मौसम विज्ञान केंद्र ने आज, 29 जुलाई 2026 को प्रदेश के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है.

Spread the love

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आज उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और नैनीताल जनपदों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा होने की पूरी संभावना जताई गई है. इसके साथ ही इन पर्वतीय इलाकों में गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने और बारिश के अति तीव्र (बहुत तेज) दौर देखने को मिल सकते हैं. लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते राज्य के नदी-नाले उफान पर हैं और पहाड़ों में भूस्खलन के कारण कई राष्ट्रीय राजमार्ग व ग्रामीण संपर्क मार्ग बाधित हो चुके हैं. मैदानी जिलों जैसे हरिद्वार, पौड़ी, अल्मोड़ा, चम्पावत, उधमसिंह नगर और पिथौरागढ़ में भी कई जगहों पर भारी बारिश और बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है.

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड

पहाड़ों से लेकर मैदानों तक बिगड़ते हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद एक्शन मोड में आ गए हैं. सीएम धामी ने शासन और जिला प्रशासन के तमाम आला अधिकारियों के साथ-साथ आपदा प्रबंधन विभाग को अगले 48 घंटों के लिए 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के सख्त निर्देश दिए हैं. उन्होंने साफ कहा है कि प्रदेश में जहां भी भूस्खलन या मलबे के कारण सड़कें बंद हो रही हैं, उन्हें युद्धस्तर पर तुरंत खोला जाए ताकि आम जनता, तीर्थयात्रियों और कांवड़ यात्रियों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े. इसके अलावा आपातकालीन परिस्थितियों, मरीज परिवहन और दुर्गम क्षेत्रों में राहत व बचाव कार्यों को गति देने के लिए हेली सेवाओं को भी स्टैंडबाय और अलर्ट मोड पर रखने के आदेश दिए गए हैं. सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि संवेदनशील और तटीय इलाकों में लगातार निगरानी रखी जाए और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत टीम मौके पर पहुंचाई जाए.

उत्तरकाशी में सड़कें बनीं मुसीबत, गंगोत्री मार्ग खुला पर यमुनोत्री हाईवे ठप
उत्तरकाशी जिल में पिछले कई दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. सड़कों पर भूस्खलन और मलबे की वजह से यात्रियों और स्थानीय निवासियों को आवाजाही में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. हालांकि राहत की बात यह है कि गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग को कड़ी मशक्कत के बाद यातायात के लिए सुचारु कर दिया गया है. गंगोत्री मार्ग खुलने से धाम से दर्शन कर लौट रहे हजारों कांवड़ यात्रियों और अन्य श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली है. वहीं दूसरी ओर, यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग मंगलवार सुबह से ही कई स्थानों पर बाधित चल रहा है. पालीगाड और स्यानाचट्टी के पास भारी मलबा और बड़े-बड़े पत्थर आने से रास्ता पूरी तरह ठप हो गया है. एनएच और प्रशासन की मशीनें मार्ग साफ करने के काम में जुटी हुई हैं, लेकिन लगातार गिरते पत्थरों के कारण काम में बाधा आ रही है. इसके अलावा उत्तरकाशी जिले के करीब 10 ग्रामीण संपर्क मार्ग पूरी तरह बंद हैं, जिससे दर्जनों गांवों का तहसील मुख्यालयों से संपर्क कट गया है.

हरिद्वार में चेतावन स्तर पर पहुंची गंगा, निचले इलाकों में बढ़ा बाढ़ का खतरा
पहाड़ी क्षेत्रों और ऊपरी जलाशयों में मूसलाधार बारिश के चलते मैदानी इलाके हरिद्वार में गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है. भीमगोड़ा बैराज पर श्रीनगर डैम और पशुलोक बैराज से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने के कारण गंगा नदी 293 मीटर के चेतावनी स्तर को छू चुकी है. उफनती गंगा के कारण हरिद्वार के कई निचले रिहाइशी इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति बन गई है. यूपी सिंचाई विभाग के जेई हरीश कुमार ने बताया कि गंगा का जलस्तर 293 मीटर दर्ज किया गया है और पल-पल की जानकारी उच्च अधिकारियों व जिला प्रशासन को भेजी जा रही है. गंगा नदी के रौद्र रूप को देखते हुए तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क कर दिया गया है. प्रशासन ने लाउडस्पीकर के माध्यम से चेतावनी जारी करते हुए लोगों को नदी तटों से दूर रहने की सलाह दी है.

देहरादून में सॉन्ग नदी उफान पर, मालदेवता में 233 एमएम बारिश से हड़कंप
राजधानी देहरादून और आसपास के इलाकों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने पिछले कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. देहरादून के मालदेवता क्षेत्र में रिकॉर्ड 233 एमएम बारिश दर्ज की गई है, जबकि हाथीबड़कल, जौलीग्रांट और मसूरी जैसे इलाकों में भी 150 एमएम से ज्यादा बारिश हुई है. भारी बारिश का सीधा असर नदियों के जलस्तर पर दिख रहा है. ऋषिकेश और देहरादून के पास सॉन्ग नदी पूरे उफान पर है और तेज बहाव के कारण नदी किनारों का कटाव कर रही है. ऋषिकेश के निचले इलाकों में पानी भरने से जलभराव की स्थिति बन गई है. मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक सी एस तोमर के मुताबिक, मानसून की सक्रियता के चलते अगले 48 घंटे बेहद संवेदनशील हैं. ऋषिकेश और देहरादून प्रशासन ने सॉन्ग व गंगा नदी के आसपास के इलाकों में रहने वालों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है.

चमोली, रुद्रप्रयाग और टिहरी में लैंडस्लाइड से जनजीवन प्रभावित
गढ़वाल मंडल के पर्वतीय जिलों चमोली, रुद्रप्रयाग और टिहरी गढ़वाल में भी मौसम का मिजाज काफी तल्ख बना हुआ है. रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों में आकाशीय बिजली चमकने और अति तीव्र बारिश के दौर के कारण केदारनाथ और बद्रीनाथ यात्रा मार्गों पर संवेदनशील भूस्खलन जोन सक्रिय हो गए हैं. टिहरी गढ़वाल के रानीचौरी क्षेत्र में तेज हवाओं (31 किमी/घंटा) के साथ बारिश दर्ज की गई है, वहीं टिहरी में न्यूनतम तापमान 16.0°C तक गिर गया है. पर्वतीय जिलों में अचानक नाले उफनने और पहाड़ियों से मलबा आने के चलते बद्रीनाथ और केदारनाथ राजमार्ग पर बीच-बीच में यातायात रोकना पड़ रहा है. लोक निर्माण विभाग और बीआरओ की टीमें संवेदनशील स्थानों पर जेसीबी मशीनों के साथ मुस्तैद हैं ताकि रास्ते बंद होते ही उन्हें तुरंत साफ किया जा सके.

कुमाऊं के बागेश्वर और नैनीताल में भारी बारिश की चेतावनी
केवल गढ़वाल ही नहीं, बल्कि कुमाऊं मंडल के जिलों में भी बारिश का असर साफ देखा जा रहा है. मौसम विभाग ने 29 जुलाई के लिए कुमाऊं के बागेश्वर और नैनीताल जिलों में भारी से बहुत झमाझम बारिश का अलर्ट जारी किया है. पिथौरागढ़ और चम्पावत में भी तीव्र वर्षा के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है. उधम सिंह नगर और पंतनगर के मैदानी इलाकों में तापमान में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है; पंतनगर में अधिकतम तापमान 34.8°C दर्ज किया गया, लेकिन बारिश के बाद यहां भी ठंडक और जलभराव दोनों बढ़ने के आसार हैं. नैनीताल और बागेश्वर के नदी-नालों के जलस्तर में इजाफा होने से स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है और आपदा प्रबंधन टीमों को किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहने को कहा गया है.

मौसम विभाग का आगामी दिनों का पूर्वानुमान
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, उत्तराखंड में बारिश का यह सिलसिला अभी थमने वाला नहीं है:

  • 30 जुलाई 2026: उत्तरकाशी, देहरादून, पौड़ी, टिहरी, बागेश्वर, चम्पावत और नैनीताल जनपदों में कहीं-कहीं भारी वर्षा और पर्वतीय क्षेत्रों में आकाशीय बिजली कड़कने के साथ तीव्र बारिश की संभावना है.
  • 31 जुलाई 2026: पौड़ी, देहरादून, बागेश्वर और नैनीताल जिलों में कई स्थानों पर भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है.
  • 01 अगस्त 2026: राज्य के पिथौरागढ़ और चम्पावत जनपदों में कहीं-कहीं भारी वर्षा का अनुमान है, जबकि अन्य जनपदों में हल्की से मध्यम बौछारें पड़ सकती हैं.

🌥 मौसम


Spread the love