शहीद ऊधम सिंह के बलिदान दिवस पर उत्तरांचल पंजाबी महासभा ने लगाया रक्तदान शिविर, 15 यूनिट रक्त हुआ संग्रहित

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खटीमा (ऊधम सिंह नगर), 31 जुलाई। महान क्रांतिकारी, अमर शहीद और भारत माता के वीर सपूत शहीद ऊधम सिंह के बलिदान दिवस पर उत्तरांचल पंजाबी महासभा द्वारा नागरिक चिकित्सालय, खटीमा में विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। देशभक्ति, मानव सेवा और राष्ट्र समर्पण की भावना से आयोजित इस शिविर में महासभा के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं समाजसेवियों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान कर शहीद ऊधम सिंह को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। शिविर में लगभग 15 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया, जो जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनदायी साबित होगा।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड


कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तराखंड पशु कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष एवं राज्य मंत्री रणजीत सिंह नामधारी ने फीता काटकर किया। उन्होंने कहा कि शहीद ऊधम सिंह का जीवन साहस, राष्ट्रभक्ति और बलिदान की अमर गाथा है। उनके बलिदान दिवस पर रक्तदान जैसे पुण्य कार्य का आयोजन युवाओं में सेवा, समर्पण और देशप्रेम की भावना को मजबूत करता है। उन्होंने रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि रक्तदान सबसे बड़ा महादान है, क्योंकि इससे किसी जरूरतमंद को नया जीवन मिलता है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि 31 जुलाई 1940 का दिन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। इसी दिन लंदन की पेंटनविल जेल में अंग्रेजी हुकूमत ने महान क्रांतिकारी शहीद ऊधम सिंह को फांसी दे दी थी। उन्होंने 13 अप्रैल 1919 को हुए जलियांवाला बाग हत्याकांड का प्रतिशोध लेते हुए उस नरसंहार के दोषी माइकल ओ’डायर को लंदन में गोली मारकर हजारों निर्दोष भारतीयों के रक्त का हिसाब लिया था। अपने इस अद्वितीय साहस और राष्ट्रभक्ति के कारण शहीद ऊधम सिंह भारतीयों के हृदय में अमर हो गए। पूरा देश प्रत्येक वर्ष 31 जुलाई को उनके बलिदान दिवस के रूप में श्रद्धापूर्वक मनाता है।
उत्तरांचल पंजाबी महासभा के पदाधिकारियों ने कहा कि शहीद ऊधम सिंह केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि अन्याय के विरुद्ध संघर्ष और राष्ट्र सम्मान के प्रतीक हैं। उनका जीवन नई पीढ़ी को देशहित में समर्पण, साहस और मानवता की सेवा का संदेश देता है। रक्तदान शिविर का आयोजन भी इसी उद्देश्य से किया गया, ताकि शहीद के आदर्शों को समाज तक पहुंचाया जा सके और जरूरतमंद लोगों की सहायता हो सके।
रक्तदान शिविर में बड़ी संख्या में युवाओं और समाजसेवियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। रक्तदाताओं ने कहा कि शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि केवल शब्दों से नहीं, बल्कि समाजहित के कार्यों से दी जा सकती है। रक्तदान कर उन्होंने यह संदेश दिया कि यदि एक यूनिट रक्त किसी व्यक्ति का जीवन बचा सकता है, तो इससे बड़ा कोई मानवीय कार्य नहीं हो सकता।
कार्यक्रम के दौरान शहीद ऊधम सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए गए तथा उनके जीवन और बलिदान को याद करते हुए दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। उपस्थित लोगों ने राष्ट्रहित और समाज सेवा के कार्यों में निरंतर सक्रिय रहने का संकल्प भी लिया।
इस अवसर पर उत्तरांचल पंजाबी महासभा के संरक्षक अनिल बत्रा, संरक्षक राजकुमार गुंबर, अध्यक्ष विजय अरोड़ा, प्रदेश सचिव मनोज वाधवा, महामंत्री हरीश बत्रा, कोषाध्यक्ष जितिन ग्रोवर, जितेंद्र बत्रा, नवीन अरोड़ा, सुनील बत्रा, अतुल अरोड़ा, मानिक बत्रा, किसान यूनियन के सह-अध्यक्ष सरदार गुरसेवक सिंह, पूर्व प्रधान सरदार करतार सिंह, चेतना बत्रा, दीप्ति ग्रोवर, अनिल ग्रोवर, निधि बत्रा, सुनील रस्तोगी, ध्रुव, पावन सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।
रक्तदान शिविर का सफल संचालन नागरिक चिकित्सालय की चिकित्सा टीम के सहयोग से किया गया। शिविर में डॉ. वी.पी. सिंह, नर्सिंग ऑफिसर रजनी बिष्ट, डॉ. निशा, राहुल गंगवार एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने रक्तदाताओं का स्वास्थ्य परीक्षण, रक्त संग्रहण एवं आवश्यक चिकित्सकीय व्यवस्थाओं का कुशलतापूर्वक संचालन किया। चिकित्सा टीम ने सभी रक्तदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के सामाजिक आयोजन रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के अंत में उत्तरांचल पंजाबी महासभा ने सभी रक्तदाताओं, अतिथियों, चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। महासभा ने भविष्य में भी समाज सेवा, जनकल्याण और राष्ट्रहित से जुड़े ऐसे आयोजनों को निरंतर जारी रखने का संकल्प दोहराया। उपस्थित लोगों ने एक स्वर में कहा कि शहीद ऊधम सिंह का बलिदान सदैव देशवासियों को अन्याय के विरुद्ध संघर्ष, राष्ट्रप्रेम और मानव सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।


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