उत्तराखंड,दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में शामिल हुए उत्तराखंड पुलिस के कांस्टेबल शेर सिंह को बर्खास्त कर दिया गया है. एसपी अक्षय कोंडे ने अनुशासनहीनता के आरोप में शेर पर कार्रवाई की है.

Spread the love

दरअसल, प्रदर्शन के दौरान सीजेपी आंदोलन के मंच से शेर सिंह ने छात्रों के समर्थन में इस्तीफा दे दिया था. उसने मंच पर खड़े होकर अभिजीत दीपके के सामने अपनी वर्दी का तमगा हटाते हुए सार्वजनिक रूप इसका ऐलान किया था, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था.

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड

उत्तराखंड पुलिस ने खोल दी थी शेर सिंह की कुंडली
हालांकि वीडियो वायरल होने के बाद उत्तराखंड पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था. आनन-फानन में कुमाऊं रेंज की आईजी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस सिपाही की क्राइम कुंडली खोल दी थी. जिस सिपाही को सोशल मीडिया पर ‘सिंघम’ और ‘क्रांतिकारी’ बता रहे थे, उसकी हकीकत कुछ और ही निकली फिर. उत्तराखंड पुलिस के मुताबिक, जंतर-मंतर के मंच से सिस्टम के खिलाफ बातें करने वाले और इस्तीफा देने वाले इस जवान का नाम शेर सिंह (कुछ जगहों पर शमशेर सिंह) है. पुलिस अधिकारियों ने साफ किया था कि शेर सिंह कोई बागी या कर्तव्यनिष्ठ सिपाही नहीं, बल्कि महकमे से बर्खास्तगी की कगार पर खड़ा एक दागी और सस्पेंडेड कर्मी है.

20 जुलाई को ही शेर सिंह को कर दिया गया था निलंबित
उत्तराखंड पुलिस की आईजी कुमाऊं ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया था कि सिपाही शेर सिंह पिथौरागढ़ जिले में तैनात था. वह 28 जून 2026 से बिना किसी पूर्व सूचना के ड्यूटी से लगातार गैरहाजिर चल रहा था. विभाग द्वारा उसे कई बार कारण बताओ नोटिस जारी किए गए, लेकिन उसकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया. इसके बाद विभागीय अनुशासनहीनता के आरोप में 20 जुलाई 2026 को ही उसे पुलिस सेवा से निलंबित किया जा चुका था.


Spread the love