किच्छा/रुद्रपुर, 18 अगस्त 2026। विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची को पूरी तरह त्रुटिरहित और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत प्रशासन ने मतदाताओं से निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने दावे और आपत्तियों का निस्तारण कराने की अपील की है। उप जिलाधिकारी एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी किच्छा गौरव पांडे ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं, उनके मामलों की सुनवाई आगामी 31 अगस्त 2026 तक निर्धारित समय के अनुसार की जाएगी।
एसडीएम गौरव पांडे ने कहा कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण निर्वाचन प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण और सतत हिस्सा है। इसका मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची में मौजूद त्रुटियों को दूर करना और प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम सही तरीके से दर्ज करना है। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है। प्रशासन पूरी पारदर्शिता के साथ प्रत्येक दावे और आपत्ति की सुनवाई कर रहा है।
उन्होंने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें मतदाताओं के नाम, पते, आयु और अन्य विवरणों में सुधार की आवश्यकता है। कुछ मामलों में एक ही व्यक्ति का नाम दो अलग-अलग स्थानों पर दर्ज होने जैसी शिकायतें भी प्राप्त हुई हैं। इन सभी मामलों का नियमानुसार निस्तारण किया जा रहा है।
उप जिलाधिकारी ने कहा कि जिन मतदाताओं को नोटिस प्राप्त हुए हैं, वे निर्धारित तिथि के अनुसार संबंधित सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर अपने पक्ष से आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित दस्तावेजों की छायाप्रति सुनवाई के दौरान अपने साथ लाना अनिवार्य है। इससे संबंधित मामलों का शीघ्र और सही निस्तारण करने में सहायता मिलेगी।
प्रशासन के अनुसार, मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला है। यदि मतदाता सूची में किसी प्रकार की त्रुटि रह जाती है तो इसका सीधा प्रभाव निर्वाचन प्रक्रिया पर पड़ सकता है। इसी कारण निर्वाचन आयोग समय-समय पर विशेष पुनरीक्षण अभियान चलाता है, ताकि प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम सूची में शामिल हो और अपात्र अथवा दोहरे पंजीकरण वाले मामलों का समाधान किया जा सके।
एसडीएम गौरव पांडे ने कहा कि कई लोग नोटिस मिलने के बाद अनावश्यक रूप से चिंतित हो जाते हैं, जबकि यह एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है। नोटिस का उद्देश्य संबंधित व्यक्ति को अपना पक्ष रखने का अवसर प्रदान करना है। यदि किसी मतदाता के पास आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध हैं तो उसे घबराने की आवश्यकता नहीं है। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उसके दावे और आपत्तियों पर विचार किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग की मंशा प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदान का अधिकार सुनिश्चित करना है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए सभी मामलों की व्यक्तिगत रूप से सुनवाई की जा रही है। प्रशासन यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से छूटने न पाए और मतदाता सूची पूरी तरह अद्यतन हो।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि 31 अगस्त 2026 के बाद प्राप्त होने वाले आवेदनों पर विचार करना संभव नहीं होगा। इसलिए सभी संबंधित मतदाताओं को समय सीमा समाप्त होने से पहले अपने दावे और आपत्तियां प्रस्तुत करनी होंगी। निर्धारित समय के बाद आवेदन करने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
निर्वाचन विभाग ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे अपने मतदाता पहचान पत्र और अन्य आवश्यक अभिलेखों की जांच कर लें। यदि किसी प्रकार की त्रुटि दिखाई देती है तो तत्काल संबंधित अधिकारी से संपर्क करें। इसके साथ ही, जिन लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं, वे अपने दस्तावेजों के साथ निर्धारित तिथि पर उपस्थित होकर सुनवाई प्रक्रिया को पूरा करें।
प्रशासन का मानना है कि मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने में आम नागरिकों की सहभागिता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। यदि प्रत्येक मतदाता समय पर अपने अभिलेखों का सत्यापन करा लेता है तो भविष्य में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न होने की संभावना कम हो जाती है।
विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के माध्यम से निर्वाचन आयोग मतदाता सूची को अधिक सटीक और विश्वसनीय बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है। ऐसे में सभी मतदाताओं का दायित्व है कि वे इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लें और निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने दस्तावेज प्रस्तुत कर लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में सहयोग करें।
एसडीएम किच्छा की अपील: 31 अगस्त तक कराएं दावे और आपत्तियों का निस्तारण, मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने के लिए जारी है विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान
